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बिहार में तेजी से बढ़ रहा साइबर क्राइम का ग्राफ, एक साल के अंदर 1.20 लाख लोग बने शिकार

Updated at : 19 Jan 2025 11:00 AM (IST)
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Cyber Crime

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Cyber ​​Crime : बिहार में छह लाख 30 हजार 112 उपभोक्ताओं को फ्रॉड कॉल आयी है. इसमें से एक लाख 20 हजार ठगी के शिकार हुए है.

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Cyber ​Crime : पटना. बिहार में साइबर क्राइम का ग्राफ तेजी से बढ़ रहा है. ताजा आंकड़े बताते हैं कि पिछले एक साल के दौरान बिहार में 1.20 लाख लोग साइबर फ्रॉड के शिकार बने हैं. इतना ही नहीं लगभग हर मोबाइल सेट पर धोखाधड़ी वाली कॉल आये हैं. पिछले एक साल की बात करें तो बिहार में छह लाख 30 हजार 112 उपभोक्ताओं को फ्रॉड कॉल आयी है. इसमें से एक लाख 20 हजार ठगी के शिकार हुए है. इन उपभोक्ताओं ने 30 हजार से एक लाख रुपए तक की ठगी हुई है. फ्रॉड कॉल से परेशान उपभोक्ताओं ने जब शिकायत की तो ऐसे मोबाइल नंबर और हैंडसेट को ब्लॉक किया गया है.

पांच लाख से अधिक नंबर किये गये ब्लॉक

पिछले एक साल में पांच लाख नौ हजार 685 मोबाइल नंबर को ब्लॉक किया गया है. मालूम हो कि संचार विभाग का एक चक्षु एप संचालित है. इस पर फ्रॉड कॉल की शिकायतें दर्ज की जाती है. शिकायत बाद संबंधित नंबर को ट्रेस किया जाता है. ट्रेस होने के बाद उस नंबर को ब्लॉक कर दिया जाता है. इतना ही नहीं जिस सिम से फोन किया जाता है, अगर वो सिम अलग-अलग हैंडसेट से इस्तेमाल किया जाता है तो ऐसे सभी हैंडसेट को भी ब्लॉक कर दिया जाता है.

हर दिन तीन से चार सौ फ्रॉड कॉल की शिकायत

बिहार की बात करें तो चक्षु एप पर हर दिन तीन से चार सौ फ्रॉड कॉल आती हैं. ठगी के शिकारों की संख्या 90 से सौ की होती है. कॉल कभी बैंक के नाम पर तो कभी पुलिस के नाम पर आती है. लोग घबरा कर ओटीपी बता देते हैं या सामनेवाले की ओर से पूछी गयी जानकारी दे देते हैं. जब उन्हें ठगी की जानकारी मिलती है, तो उनके खाते से पैसे निकल चुका रहता है. टेलीकॉम विभाग के उप महानिदेशक सूर्य प्रकाश कहते हैं,’ हर दिन फ्रॉड कॉल की शिकायत आती है. शिकायत आने के बाद हम लोग उस नंबर को ब्लॉक कर देते हैं. इसके साथ ही संबंधित हैंडसेट को भी बंद कर देते हैं.

एक हैंडसेट से कई सिम का करते हैं इस्तेमाल

संचार विभाग की मानें तो कई बार एक व्यक्ति के नाम पर कई सिम होते हैं. यह जानकारी मोबाइल नंबर के ट्रेस करने पर पता चलता है. ऐसे में संबंधित व्यक्ति से संपर्क करके उन्हें इसकी जानकारी दी जाती है. इसके बाद व्यक्ति के कहे अनुसार सिम को ब्लॉक किया जाता है. पिछले एक साल में बिहार के 34 हजार लोग ट्रेस हुए जो एक साथ कई सिम का इस्तेमाल कर रहे थे. संचार विभाग और बिहार पुलिस के साइबर सेल ने मिलकर ऐसे अपराधों पर अंकुश लगाने का प्रयास किया है, लेकिन साइबर क्राइम की वारदात बढ़ती ही जा रही है.

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Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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