Liquor Ban: बिहार के पूर्व सीएम का बड़ा कुबूलनामा, बोले- रात में शराब पीते हैं तो हमें पकड़ा नहीं जाता, गिरफ्तारी की मांग
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 13 Sep 2024 8:57 PM
Liquor Ban: मोदी कैबिनेट में मंत्री और बिहार के पूर्व सीएम ने शराबबंदी कानून की समीक्षा की मांग की है. उन्होंने सीएम नीतीश कुमार से इस कानून के क्रियान्वयन पर चिंता जताई है.
Liquor Ban: बिहार में 2016 से शराबंदी है. सीएम नीतीश कुमार और उनके मंत्री हर मंच से शराबबंदी को सफल बताते हैं. लेकिन आए दिन राज्य के हर कोने से शराब तस्करी की खबरें सामने आती रहती हैं. नेता विपक्ष तेजस्वी यादव सीएम नीतीश के इस निर्णय को असफल बताते नजर आते हैं. अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव में सभी 243 सीटों पर उम्मीदवार उतारने का ऐलान करने वाले जन सुराज के चीफ प्रशांत किशोर ने कुछ दिन पहले कहा था कि अगर उनकी सरकार आती है तो महज 1 घंटे में शराबबंदी कानून को ख़त्म कर देंगे. उन्होंने कहा कि फ़िलहाल प्रदेश में शराब की होम डिलीवरी का काम चरम पर है. इस कारण राज्य को 20 हजार करोड़ का घाटा लग रहा है. इसी बीच केंद्रीय मंत्री और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने कहा है कि इसकी समीक्षा होनी चाहिए. उन्होंने एक दावा किया है जिसे लेकर राजद नीतीश सरकार पर हमलावर है.
क्या बोले जीतन राम मांझी
जीतन राम मांझी कई बार शराबबंदी पर सवाल उठा चुके हैं. उन्होंने एक बार फिर इस कानून पर सवाल उठाते हुए कहा है कि शराबबंदी का फैसला हम सभी लोगों ने चर्चा के बाद प्लान तैयार करके लिया था. लेकिन वक्त गुजरने के साथ शराबबंदी के नियमों में समीक्षा की जरूरत है. इससे गरीब लोग परेशान नहीं होंगे. मांझी ने कहा, ‘शराबबंदी के मामलों में करीब 5 लाख गरीबों पर मुकदमा हुआ है. हम मुख्यमंत्री से कई बार शराबबंदी के नियमों में समीक्षा की भी मांग कर चुके हैं.’
किया हैरान करने वाला दावा
जीतन राम मांझी ने कहा, ‘हम सभी जब रात में शराब पीते हैं तो भी नहीं पकड़ा जाता है. बात साफ है दोहरी नीति है. ऐसा नहीं होना चाहिए.’ पूर्व सीएम ने कहा, ‘गरीब लोग अगर 250 ग्राम भी शराब का सेवन कर लिया तो उसको जेल भेज दिया जाता है. दूसरी तरफ जो लाखों लीटर शराब का तस्करी करता है उसको छोड़ दिया जाता है. जैसे हम लोग रात में शराब पीते हैं तो हम लोग को नहीं पकड़ा जाता है. ऐसा नहीं होना चाहिए, यह दो रंग की नीति है.’
RJD बोली मांझी की हो गिरफ्तारी
जीतन राम मांझी के बयान पर लालू यादव की पार्टी राष्ट्रीय जनता दल ने हमला बोला है. राजद ने कहा, ‘सरकार गरीब लोगों को पकड़ लेती है, लेकिन केंद्रीय मंत्री स्वीकार कर रहे है कि वो भी शराब पीते हैं. ऐसे में इनको भी गिरफ्तार किया जाए. क्योंकि वो कह रहे है कि वो भी शराब पीते हैं. इसकी जांच होनी चाहिए. व्हाइट कॉलर वालों को गिरफ्तार क्यों नहीं कर रहे.’
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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