आहार ही हमारी औषधि होनी चाहिए: राज्यपाल

Updated at : 17 Jun 2024 1:29 AM (IST)
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आहार ही हमारी औषधि होनी चाहिए: राज्यपाल

तीन दिवसीय मिलेट्स महोत्सव शुरू, डॉ खादर ने बताया मोटे अनाज से बीमारी का इलाज

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फोटो: – तीन दिवसीय मिलेट्स महोत्सव शुरू, डॉ खादर ने बताया मोटे अनाज से बीमारी का इलाज संवाददाता, पटना राज्यपाल राजेंद्र विश्वनाथ अर्लेकर ने कहा कि हमने अपनी परंपरा छोड़ दी है. इस कारण हमें डायबिटीज हो रही है. इस कारण हमें मिलेट्स अपनाना होगा. आहार ही हमारी औषधि होनी चाहिए. श्री अन्न (मिलेट) को अपनाना होगा. वे रविवार को रवींद्र भवन में आयोजित तीन दिवसीय मिलेट्स महोत्सव का उद्घाटन करने के बाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. उन्होंने कहा कि उम्मीद है कि इस महोत्सव के बाद लोग मिलेट्स अपनाने के लिए प्रेरित होंगे. इस दौरान कृषि विभाग के सचिव डाॅ संजय अग्रवाल, नाबार्ड के मुख्य महाप्रबंधक सुनील कुमार, एसीएफएल के निदेशक एपी वर्मा, आद्या ऑर्गेनिक की निदेशक रत्ना सिन्हा आदि ने भी कार्यक्रम को संबोधित किया. मंच संचालन अवसर ट्रस्ट के सीइओ अनुरंजन श्रीवास्तव ने किया. कृषि विभाग, एसआइएस ग्रुप, एसीएफ एल माइक्रो फाइनेंस, आद्या ऑर्गेनिक, इंडियन पब्लिक स्कूल, देहरादून और संगत – पंगत की सहभागिता रही. मौके पर बुद्धिमान मिश्र लिखित मनीषा श्रीवास्तव की ओर से आये मिलेट्स गीत को रिलीज किया गया. मिलेट्स किसानों को हर संभव मदद: कृषि मंत्री कृषि और स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडेय ने कहा कि किसान और हम भी मोटे अनाज से दूर हो गये. हम गेहूं-चावल खाने लगे. इससे कई समस्याएं हो रही हैं. कहा कि समस्याएं आने पर समाज फिर से इस विषय पर सोचने लगा है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी मिलेट्स की उपयोगिता बताते रहते हैं. इसके उत्पादन से किसानों की आमदनी बढ़ेगी. इससे जलवायु परिवर्तन की समस्या से भी उबर सकते हैं. सुखाड़ और सिंचाई से भी किसानों को मुक्ति मिल सकती है.कहा कि पारंपरिक खेती से आगे निकलना होगा. मिलेट्स फायदे का सौदा: आरके सिन्हा राज्यसभा के पूर्व सांसद और अवसर ट्रस्ट के अध्यक्ष आरके सिन्हा ने कहा कि अगर आहार सही नहीं है तो दुनिया का कोई डॉक्टर आपको ठीक नहीं कर सकता. पहला सुख निरोगी काया है. मिलेट्स की खेती फायदे का सौदा है. कहते हैं कि ””””बोओ और घर जाकर सोओ””””. तीन माह तक मिलेट्स खाने पर दूर होग जायेगा शुगर: डॉ खादर मिलेट्स मैन के नाम से प्रसिद्ध डॉ खादर वली ने कहा कि षड्यंत्र के तहत मोटे अनाज को थाली से दूर कर दिया गया. एक भी वैज्ञानिक मिलेट्स पर रिसर्च नहीं कर रहे हैं. डॉक्टर, वैज्ञानिक और नीति निर्धारक भी इस पर बात नहीं कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि एक किलो चावल के लिए 8000 लीटर पानी की जरूरत होती है, जबकि एक किलो मोटे अनाज के लिए अधिकतम केवल 800 लीटर पानी की जरूरत होती है. कहा कि तीन महीने तक मिलेट्स खाने पर ब्लड शुगर दूर हो जायेगा. ज्वार, बाजरा, रागी, सावां, कोदो, कुटकी और कंगनी का सेवन करके शरीर को निरोग रख सकते हैं.

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