पटन देवी ही नहीं पटना के इस मंदिर में भी भक्तों को मिलता है चमत्कारी आशीर्वाद, नवरात्रि में उमड़ता है श्रद्धालुओं का सैलाब

Published by :Abhinandan Pandey
Published at :31 Mar 2025 1:41 PM (IST)
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patna van temple| Devotees get miraculous blessings in Patna's Van Devi temple, crowd gathers during Navratri

पटना वन मंदिर

Famous Temple In Bihar: बिहार के पटना जिले में स्थित बिहटा माता बन देवी मंदिर श्रद्धालुओं की अटूट आस्था और चमत्कारों का केंद्र माना जाता है. सैकड़ों वर्षों से यह मंदिर भक्तों की मनोकामनाएं पूर्ण करने वाला स्थल बना हुआ है.

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Famous Temple In Bihar: बिहार के पटना जिले में स्थित बिहटा माता बन देवी मंदिर सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि चमत्कार और आस्था का प्रतीक है. सैकड़ों वर्षों से यह मंदिर श्रद्धालुओं के विश्वास का केंद्र बना हुआ है. मान्यता है कि जो भी सच्चे मन से माता के दर्शन करता है, उसकी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं. खासतौर पर नवरात्रि और प्रमुख पर्वों के दौरान यहां भक्तों का सैलाब उमड़ता है.

मंदिर का ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व

इस मंदिर की स्थापना के पीछे एक अनोखी कथा जुड़ी हुई है. करीब 400 साल पहले पंडित विध्यानंद बाबा, जो विंध्याचल माता के परम भक्त थे, ने माता की घोर तपस्या की. वृद्धावस्था में विंध्याचल जाने में असमर्थ होने के कारण माता ने स्वप्न में उन्हें आदेश दिया कि वे अपने गांव के पास माता का पिंड स्थापित करें. इसके बाद बाबा ने मिश्रीचक (राघोपुर) के जंगल में माता की स्थापना की और तभी से यहां भक्तों का आना शुरू हो गया.

1959 में भगवान दास त्यागी नामक महात्मा ने यहां यज्ञ करवाया, जिसके बाद माता का एक छोटा मंदिर बनाया गया. बाद में 1997 में एक ग्यारह सदस्यीय कमेटी ने माता का भव्य मंदिर बनवाया, जो आज श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र है.

मंदिर की विशेषताएं और चमत्कारी मान्यताएं

  • शक्तिपीठ के रूप में पहचान

बिहटा माता बन देवी मंदिर को एक शक्तिपीठ के रूप में माना जाता है, जहां भक्तों की हर मनोकामना पूरी होती है. यहां आने वाले श्रद्धालु देवी के अलौकिक चमत्कारों का अनुभव करते हैं.

  • सर्प और बिच्छुओं का न काटना

स्थानीय लोगों का कहना है कि मंदिर के आसपास कोई भी सांप या बिच्छू किसी को नहीं काटता. इसे माता की शक्ति और कृपा का प्रतीक माना जाता है, जो भक्तों की रक्षा करती हैं.

  • जागरण और भंडारे का आयोजन

मंदिर में हर त्रयोदशी को रात्रि जागरण और भंडारे का आयोजन किया जाता है, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल होते हैं. खासकर पूर्णिमा, दीपावली, बसंत पंचमी और नवरात्रि के दौरान यहां विशेष आयोजन होते हैं.

प्राकृतिक सौंदर्य और आध्यात्मिक शांति

मंदिर का परिसर हरे-भरे पेड़ों और शांत वातावरण से घिरा हुआ है, जिससे यहां आने वाले भक्तों को आध्यात्मिक ऊर्जा और शांति का अनुभव होता है.

कैसे पहुंचे?

बिहटा माता बन देवी मंदिर पटना जिले के दानापुर अनुमंडल में स्थित है. पटना से इसकी दूरी 35 किलोमीटर है. यहां पहुंचने के लिए बस, ट्रेन और निजी वाहन की सुविधाएं उपलब्ध हैं.

  • रेल मार्ग: बिहटा रेलवे स्टेशन से मंदिर की दूरी 4 किलोमीटर है.
  • सड़क मार्ग: पटना से बिहटा के लिए नियमित बस सेवा उपलब्ध है.
  • हवाई मार्ग: पटना एयरपोर्ट से टैक्सी या कैब द्वारा आसानी से मंदिर पहुंचा जा सकता है.

निष्कर्ष

बिहटा माता बन देवी मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि श्रद्धा और चमत्कार का जीवंत प्रमाण है. यहां आने वाले हर भक्त को माता की कृपा और अलौकिक शक्ति का अनुभव होता है. अगर आप किसी पवित्र तीर्थयात्रा की योजना बना रहे हैं, तो यह मंदिर आपके लिए एक आध्यात्मिक और चमत्कारी अनुभव बन सकता है.

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लेखक के बारे में

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अभिनंदन पांडेय डिजिटल माध्यम में पिछले 2 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर तक का मुकाम तय किए हैं. अभी डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास करते हैं. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखते हैं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

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