Patna News: बैंक घोटाले में शामिल बैंक के CEO समेत पांच को ED ने किया गिरफ्तार, कई दस्तावेज और पासबुक बरामद
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 11 Jan 2025 9:27 PM
ED Action in Vaishali Urban Development Cooperative Bank Scam Case
Patna News: इडी का शिकंजा बिहार सरकार के पूर्व मंत्री और राजद के विधायक आलोक मेहता और उनसे जुड़े लोगों के खिलाफ कसता जा रहा है. केंद्रीय एजेंसी को राजद नेता के ठिकानों से कई अहम दस्तावेज मिले हैं.
Patna News: वैशाली शहरी विकास कोऑपरेटिव बैंक के करोड़ों रुपये के घोटाला मामले में इडी ने छापेमारी के बाद पांच लोगों को गिरफ्तार किया है. जांच एजेंसी ने वाराणसी में छापेमारी कर बैंक के सीइओ विपिन तिवारी और यूपी के गाजीपुर से विपिन के ससुर रामबाबू शांडिल्य को गिरफ्तार किया है. इसके अलावा दिल्ली से नितिन मेहरा और कोलकाता से संदीप सिंह को गिफ्तार किया गया है. इस मामले में पंकज तिवारी की भी गिरफ्तारी हुई है. नितिन मेहरा, रामबाबू और पंकज को एजेंसी ने शनिवार को इडी की कोर्ट में पेश किया, जहां से तीनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया. संदीप और विपिन तिवारी से जांच एजेंसी पूछताछ कर रही है. इन दोनों को शनिवार की देर शाम गिरफ्तार किया है. रविवार को दोनों को कोर्ट में पेश किया जायेगा. हालांकि इस मामले में जांच एजेंसी बैंक के अध्यक्ष संजीव कुमार को गिरफ्तार करने के लिए जुटी है. विपिन बैंक के सीइओ हैं. उनके ससुर रामबाबू शांडिल्य पर पूर्वांचल सहकारी बैंक में 30 करोड़ का घपला-घोटाला करने का आरोप हैं. बिहार सरकार के पूर्व मंत्री और राजद के विधायक आलोक मेहता और उनसे जुड़े लोगों के यहां शुक्रवार को पटना, वाराणसी, दिल्ली, कोलकाता व अन्य 19 ठिकानों पर छापेमारी हुई थी.
विधायक को समन देकर बुला सकती है इडी
राजद विधायक आलोक मेहता के पटना और अन्य स्थानों के ठिकानों से करीब दो दर्जन जमीन के डीड, एक दर्जन पासबुक, कोल्ड स्टोरेज और वेयर हाउस के कागजात मिले हैं. सूत्रों के अनुसार, इडी आलोक मेहता के खिलाफ सारे सबूतों को जुटा रही है. उसके बाद उन्हें समन देकर पूछताछ के लिए बुला सकती है.
बैंक की स्थापना 35 साल पहले विधायक के पिता ने की थी
इस कोऑपरेटिव बैंक की स्थापना 35 साल पहले आलोक मेहता के पिता स्व. तुलसीदास मेहता ने की थी. 1995 से 2012 तक आलोक मेहता बैंक के चेयरमैन रहे. इस दौरान बैंक का प्रबंधन पूरी तरह उनके परिवार के नियंत्रण में था. 2015 में भी इसी बैंक में गबन के आरोपों के चलते आरबीआइ ने वित्तीय कारोबार बंद कराया था. उस समय भी जांच के बाद कार्रवाई हुई थी. जून 2023 में वैशाली शहरी विकास कोऑपरेटिव बैंक में घोटाले की जानकारी सामने आई थी. आरबीआइ की रिपोर्ट के बाद हाजीपुर में तीन एफआईआर दर्ज हुए उसके बाद इडी ने जांच अपने हाथ में ले लिया.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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