Patna Pandal 2025: पटना की इस जगह पर बनेगा कर्नाटक विधानसभा रूपी पंडाल, मां दुर्गा रौद्र रूप में विराजेंगी

Published by :Abhinandan Pandey
Published at :20 Sep 2025 8:42 AM (IST)
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karnataka vidhansabha pandal| A pandal in the form of Karnataka Assembly will be built on Gola Road in Patna.

कर्नाटक विधानसभा के तर्ज पर पटना में बनेगा पंडाल

Patna Pandal 2025: पटना में शारदीय नवरात्र का रंग जमने लगा है. इस बार गोला रोड मोड़ पर कर्नाटक विधानसभा भवन "विधान सौधा" की प्रतिकृति के रूप में 75 फीट ऊंचा पंडाल बन रहा है. जहां मां दुर्गा रौद्र रूप में विराजेंगी और भक्तों को भव्य सजावट व रोशनी का अनोखा नजारा देखने को मिलेगा.

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Patna Pandal 2025: शारदीय नवरात्र पर बिहार की राजधानी पटना का माहौल भक्तिमय हो चुका है. सौ साल से अधिक पुराने पूजा पंडालों के साथ-साथ नए पंडाल भी आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं. इस बार गोला रोड मोड़ पर बनने वाला पंडाल खास चर्चा में है, क्योंकि यहां कर्नाटक विधानसभा और सचिवालय “विधान सौधा” की भव्य प्रतिकृति तैयार हो रही है.

भव्य डिजाइन और ऊंचाई

श्री श्री दुर्गापूजा समिति आदिशक्ति युवा मंच की देखरेख में बन रहे इस पंडाल की ऊंचाई 75 फीट और चौड़ाई 70 फीट होगी. बंगाल के मधुपुर से आए कारीगर पिछले एक महीने से पटना के ही डिज़ाइनर राजू कुमार के नेतृत्व में इसे साकार कर रहे हैं. समिति का कहना है कि महलनुमा पंडाल में श्रद्धालु डिजाइन और कारीगरी की बारीकियों को बखूबी महसूस कर सकेंगे.

मां दुर्गा का रौद्र रूप और साथ में अन्य देवी-देवता

हर साल की तरह इस बार भी मां दुर्गा राक्षस वध करती रौद्ररूप में विराजेंगी. प्रतिमाओं में मां लक्ष्मी, मां सरस्वती, भगवान गणेश, कार्तिकेय और भैंसासुर-महिषासुर की मूर्तियां भी शामिल होंगी. प्रतिमा निर्माण का कार्य प्रसिद्ध प्रतिमाकार जगन्नाथ पॉल के जिम्मे है.

बढ़ा बजट, जगमगाती लाइटें

समिति के सचिव सुबोध यादव के अनुसार इस बार पूजा-पंडाल पर 9.5 से 10 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है. पिछले वर्ष की तुलना में यह बजट करीब 20–25% ज्यादा है. पंडाल और पूजा का खर्च भक्तों से मिले चंदे और समिति के सहयोग से जुटाया जाता है. वहीं, करीब सात सौ मीटर क्षेत्र को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया जाएगा. पाटलिपुत्र स्टेशन से रूपसपुर थाना तक पूरा इलाका रोशनी से नहाएगा.

भोग और परंपरा

भक्तों के लिए यहां भोग प्रसाद का विशेष महत्व है. सप्तमी को मां को घी से बने हलवे का भोग लगेगा, अष्टमी पर खीर और नवमी को खिचड़ी चढ़ाई जाएगी. इन दिनों रात दो बजे तक प्रसाद बांटने की परंपरा है. इसके अलावा शांति पूजा के दिन भंडारा भी आयोजित होगा, जिसमें आसपास के लोग बड़ी संख्या में शामिल होंगे.

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अभिनंदन पांडेय डिजिटल माध्यम में पिछले 2 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. बंसल न्यूज (MP/CG) और दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अनुभव लेते हुए अब प्रभात खबर तक का मुकाम तय किए हैं. अभी डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को करीब से समझने का प्रयास करते हैं. देश-विदेश की घटनाओं, बिहार की राजनीति, और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि रखते हैं. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स के साथ प्रयोग करना पसंद है.

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