Dengue In Patna: मरीजों की भीड़ से हिली लैब की व्यवस्था, तीन दिन बाद मिल रही डेंगू व मलेरिया की रिपोर्ट

जांच लैब की व्यवस्था गड़बड़ाने के बावजूद अस्पताल प्रशासन द्वारा इमरजेंसी में लिए सैंपल की रिपोर्ट के लिए अलग से काउंटर नहीं बनाया गया है. इस कारण इमरजेंसी के मरीजों को लाइन में लगकर घंटों तक इंतजार करना पड़ रहा है.
पटना. वायरल बुखार, डेंगू और मलेरिया के मरीजों से शहर के आइजीआइएमएस, पीएमसीएच, एनएमसीएच समेत अन्य बड़े प्राइवेट अस्पतालों में मरीज भरे पड़े हैं. यहां तक कि स्पेशल डेंगू वार्ड बनने के बाद भी बेड फुल हो गये, जिसके बाद 10 प्रतिशत बेडों की संख्या बढ़ायी गयी. मरीजों की बढ़ती संख्या के चलते पैथोलॉजी लैब का लोड दोगुना हो गया है. भीड़ से कई लोग बिना जांच के लौट रहे हैं. जांच के लिए प्राइवेट पैथोलॉजी लैब का सहारा लेना पड़ रहा है. इस तरह की परेशानी सबसे अधिक पीएमसीएच, एनएमसीएच व आइजीआइएमएस में देखने को मिल रही है. भीड़ की वजह से अब रिपोर्ट तीन से चार दिन बाद मिल रही है.
जांच लैब की व्यवस्था गड़बड़ाने के बावजूद अस्पताल प्रशासन द्वारा इमरजेंसी में लिए सैंपल की रिपोर्ट के लिए अलग से काउंटर नहीं बनाया गया है. इस कारण इमरजेंसी के मरीजों को लाइन में लगकर घंटों तक इंतजार करना पड़ रहा है. सैंपल लेने के बाद भी इमरजेंसी के मरीजों की डेंगू रिपोर्ट दो दिन बाद और अन्य रिपोर्ट 24 घंटे में मिल रही है. इस कारण मरीजों का इलाज समय पर शुरू नहीं हो पा रहा है.
जबकि शहर के आइजीआइएमएस में रोजाना करीब 3500 और पीएमसीएच में 2000 मरीज आ रहे हैं. इसमें रोजाना एक हजार मरीजों के सैंपल चेक होते हैं. 300 मरीजों का इमरजेंसी में सैंपल लिया जा रहा है जबकि 700 मरीजों का सैंपल ओपीडी के माध्यम से जांच के लिए लिया जा रहा है. दोनों रिपोर्ट के लिए मरीजों को घंटों इंतजार करना पड़ रहा है. इमरजेंसी ओपीडी में बुखार के आए मरीज ने सुबह 9 बजे सैंपल दिया इसके बाद उसे रिपोर्ट अगले दिन या देर शाम मिल रही है. अलग काउंटर नहीं बनने के कारण ऐसे हालात बने हुए हैं.
डेंगू के मरीज रवि कुमार का कहना है कि वो इलाज के लिए दो दिन पहले आइजीआइएमएस के इमरजेंसी में आए थे. लेकिन डेंगू की रिपोर्ट दो दिन बाद भी नहीं मिली है. इस कारण दिक्कत हो रही है. लगातार लाइन में लगकर भीड़ का सामना करना पड़ रहा है.
डेंगू मरीज सत्येंद्र कुमार का कहना है कि बुखार आने के बाद अस्पताल इलाज के लिए इमरजेंसी में पहुंचा. सैंपल तो सामान्य मरीजों की तरह लिया गया, लेकिन टेस्ट की रिपोर्ट समय पर नहीं मिली. इससे इलाज शुरू नहीं हुआ, हालांकि बड़ी मुश्किल के बाद टाटा वार्ड में बेड मिला. अगर इमरजेंसी में तुरंत सैंपल लेने की व्यवस्था होती तो इलाज समय पर हो जाता.
आइजीआइएमएस के मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ मनीष मंडल ने कहा कि मरीजों की अचानक भीड़ बढ़ने की वजह से पैथोलॉजी लैब पर लोड पड़ा है. हालांकि, बुधवार को बैठक कर सभी नर्सों व डॉक्टरों को निर्देश जारी किया गया है कि वह डेंगू के संदिग्ध मरीजों का तुरंत जांच करें और पॉजिटिव आने पर स्पेशल वार्ड में भर्ती कर इलाज करें.
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