ePaper

हमारी सरकार के काम के आधार पर तय कीजिये कि अपना वोट किसे देना है: नीतीश

Updated at : 26 Oct 2025 12:50 AM (IST)
विज्ञापन
हमारी सरकार के काम के आधार पर तय कीजिये कि अपना वोट किसे देना है: नीतीश

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को अपने एक्स हैंडल पर लिखा है कि आप सभी से विनम्र निवेदन है कि आप लोग किसी भ्रम में नहीं रहें.

विज्ञापन

संवाददाता, पटना

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शनिवार को अपने एक्स हैंडल पर लिखा है कि आप सभी से विनम्र निवेदन है कि आप लोग किसी भ्रम में नहीं रहें. हमारी सरकार ने जो आपके लिए काम किये हैं, उसे याद रखिये और उसी आधार पर तय कीजिये कि अपना वोट किसे देना है. वर्ष 2005 से पहले राज्य में मुस्लिम समुदाय के लोगों के लिए कोई काम नहीं होता था. उससे पहले बिहार में जिन लोगों की सरकार थी उन्होंने मुस्लिम समुदाय के लोगों को सिर्फ वोट बैंक के रूप में इस्तेमाल किया. राज्य के अलग-अलग हिस्सों में आये दिन सांप्रदायिक झगड़े होते रहते थे.

अब बिहार विधानसभा चुनाव के समय में कुछ लोग फिर से अपने-आप को मुस्लिम समुदाय का हितैषी बताने में जुट गये हैं. ये सब छलावा है. सिर्फ मुस्लिम वर्ग के लोगों का वोट हासिल करने के लिए तरह- तरह के लालच और हथकंडे अपनाये जा रहे हैं, जबकि उन्हें किसी तरह की महत्वपूर्ण हिस्सेदारी देने का कोई प्रयास नहीं किया जा रहा है. हमलोगों की सरकार में आज मुस्लिम समाज के लोगों को उनका पूरा हक मिल रहा है. बिना किसी भेदभाव के उन्हें हर क्षेत्र में उचित प्रतिनिधित्व मिल रहा है, जबकि पूर्व की सरकारों ने मुस्लिम समुदाय का इस्तेमाल सिर्फ वोट के लिए किया और उन्हें कोई हिस्सेदारी नहीं दी.

हमारी सरकार ने मुस्लिम समुदाय के लिए किया लगातार काम

एक्स हैंडल पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आगे लिखा है कि 24 नवंबर ,2005 को जब हमलोगों की सरकार बनी तब से मुस्लिम समुदाय के लिए लगातार काम किये जा रहे हैं. आप सभी जानते हैं कि वर्ष 2025-26 में अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के बजट में 306 गुना की वृद्धि करते हुए 1080.47 करोड़ रुपये बजट का प्रावधान किया गया है. राज्य में सांप्रदायिक घटनाएं नहीं हों, उसके लिए वर्ष 2006 से संवेदनशील कब्रिस्तानों की घेराबंदी शुरू की गयी. अब तक आठ हजार से अधिक कब्रिस्तानों की घेराबंदी करा दी गयी है. मुस्लिम समाज के परामर्श से 1273 और कब्रिस्तानों को घेराबंदी के लिए चिह्नित किया गया. उनमें 746 कब्रिस्तानों की घेराबंदी पूर्ण हो गयी है, शेष का काम जल्द पूरा कर लिया जायेगा.

विपक्षी दलों पर साधा निशाना

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक्स हैंडल पर लिखा है कि इन्हीं विपक्षी दलों की जब सरकार थी ,तो वर्ष 1989 में भागलपुर में सांप्रदायिक दंगे हुए. दंगा रोकने में सरकार विफल रही और सांप्रदायिक दंगा पीड़ितों के लिए पहले की सरकारों ने कुछ नहीं किया. जब हमलोगों को सेवा का मौका मिला, तो भागलपुर सांप्रदायिक दंगा की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गयी. दंगा पीड़ितों को मुआवजा दिया गया. साथ ही दंगा से प्रभावित परिवारों को पेंशन के रूप में भी मदद दी जा रही है. पहले कितना हिंदू-मुस्लिम झगड़ा होता था, अब आज कोई झगड़ा नहीं होता है.

वर्ष 2006 से मदरसों का निबंधन और सरकारी मान्यता

मुख्यमंत्री ने लिखा है कि वर्ष 2006 से मदरसों का निबंधन किया गया तथा उन्हें सरकारी मान्यता दी गयी. मदरसा के शिक्षकों को सरकारी शिक्षकों के बराबर वेतन दिया जा रहा है. इसके अलावा मुस्लिम परित्यक्ता व तलाकशुदा महिलाओं को रोजगार देने के लिए वर्ष 2007 से 10 हजार रुपये की सहायता राशि दी जाने लगी ,जिसे अब बढ़ाकर 25 हजार रुपये कर दिया गया है. मुस्लिम समुदाय के लिए तालीमी मरकज और हुनर जैसी उपयोगी योजनाएं चलायी गयीं. मुस्लिम वर्ग के छात्र-छात्राओं एवं युवाओं के लिए छात्रवृत्ति, मुफ्त कोचिंग, छात्रावास, अनुदान आदि योजनाएं चलायी जा रही हैं. युवाओं को अपना रोजगार शुरू करने के लिए उद्यमी योजना का लाभ दिया जा रहा है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

विज्ञापन
RAKESH RANJAN

लेखक के बारे में

By RAKESH RANJAN

RAKESH RANJAN is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन