Coronavirus: PM मोदी की मुख्यमंत्रियों के साथ VC में शामिल हुए CM नीतीश, कहा- चार फीसदी या अधिक हो राजकोषीय घाटा

Updated at : 02 Apr 2020 7:36 PM (IST)
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Coronavirus: PM मोदी की मुख्यमंत्रियों के साथ VC में शामिल हुए CM नीतीश, कहा- चार फीसदी या अधिक हो राजकोषीय घाटा

कोरोना वायरस को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को देश के मुख्यमंत्रियों से वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग कर केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए किये जा रहे कार्यों तथा आगे की रणनीति पर चर्चा की. इस वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी शामिल हुए. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री को बिहार की स्थिति तथा राज्य सरकार द्वारा कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए उठाये जा रहे कदमों के साथ-साथ बिहार एवं राज्य के बाहर फंसे बिहारियों के लिए की जा रही व्यवस्थाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी. साथ ही कहा कि राजकोषीय घाटा चार फीसदी या उससे अधिक किया जाये. मुख्यमंत्री ने कहा कि क्षेत्र के लिए अनुशंसा करने के बजाये कोरोना उन्मूलन कोष में सांसद अपना फंड दें.

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पटना : कोरोना वायरस को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को देश के मुख्यमंत्रियों से वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग कर केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए किये जा रहे कार्यों तथा आगे की रणनीति पर चर्चा की. इस वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी शामिल हुए. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने प्रधानमंत्री को बिहार की स्थिति तथा राज्य सरकार द्वारा कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए उठाये जा रहे कदमों के साथ-साथ बिहार एवं राज्य के बाहर फंसे बिहारियों के लिए की जा रही व्यवस्थाओं के बारे में विस्तृत जानकारी दी.

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सोशल मीडिया का जमाना है. इसके माध्यम से भी एक-दूसरे के बारे में जानकारी मिलती रहती है. लेकिन, ये जरूरी नहीं है कि सोशल मीडिया पर मिली सभी सूचनाएं सही ही हों. कोरोना वायरस के बारे में लोगों को सचेत किया गया है. लॉकडाउन के बावजूद दिल्ली से भेजे गये लोगों को उनको घरों तक पहुंचाया गया है. साथ ही उनके अलग रहने, भोजन, चिकित्सा आदि का प्रबंध भी किया गया है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज तक बिहार में 24 लोग कोरोना वायरस से संक्रमित पाये गये हैं. कोरोना वायरस से एक व्यक्ति की मृत्यु हुई है. दो लोग कोरोना वायरस से रिकवर भी हुए हैं. बिहार में एक व्यक्ति की जो मौत कोरोना वायरस से हुई थी, उनकी मृत्यु के बाद कोरोना वायरस की रिपोर्ट आयी. इस कारण कई लोगों में इसका फैलाव हो गया. मृतक के घर और अस्पताल से संपर्क में आये 11 लोग कोरोना वायरस से प्रभावित हो गये. इस तरह 24 में 12 कोरोना वायरस के मामले एक व्यक्ति के कारण फैल गया.

विदेश और दूसरे राज्यों से बिहार आये लोगों को चिह्नित किया गया है. बिहार में 12,051 विदेशियों सहित 1,74,470 लोग बाहर से आये हैं. सभी लोगों को होम कॉरेंटाइन में रखा गया है. होम कॉरेंटाइन की व्यवस्था गांव के स्तर पर भी की गयी है. स्कूलों में आशा वर्कर, आंगनबाड़ी सेविका, एएनएम आदि सब लोगों को इसमें शामिल किया गया है. सभी जनप्रतिनिधियों को इसमें शामिल किया गया है. मुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्य सचिव के स्तर पर वीडियो कॉन्फ्रेन्सिंग के जरिये लगातार उनसे संवाद स्थापित कर हालात की जानकारी ली जा रही है.

तबलीगी जमात के बिहार आये 112 लोगों की सूची प्राप्त हुई है. इनमें बिहार के 12 लोगों को ट्रेस किया जा चुका है. इनमें से कई लोग बिहार के बाहर ठहरे हुए हैं. 55 लोगों को ट्रेस करने में हमलोग लगे हुए हैं, ताकि उनकी जांच करायी जा सके. कोरोना मरीजों के इलाज के लिए अलग से अस्पताल की व्यवस्था की गयी है. नालंदा मेडिकल अस्पताल को कोरोना वायरस के इलाज के लिए सुनिश्चित कर दिया गया है. इन सब चीजों पर हमलोग शुरू से ही, जो संभव है, करने की कोशिश कर रहे हैं.

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारा आग्रह दवाओं और इक्यूपमेंट की उपलब्धता को लेकर है. लेबोरेट्री टेस्ट को प्रभावी बनाने के लिए भारत सरकार से अधिकृत टेस्टिंग कीट्स और उपयोग में आनेवाली अन्य सामग्री जैसे बीपी, आरएनए एक्सट्रैक्शन किट आदि को समाहित करते हुए एक सेट के रूप में दिया जाये. साथ ही कोविड-19 की रोकथाम और उपचार के लिए जो सामग्री हैं, जैसे- एन- 95 मास्क, पीपीई किट का इंतजाम होना चाहिए. पांच लाख पीपीई किट की मांग मुख्यमंत्री ने की है. साथ ही 10 लाख एन-95 मास्क की हमलोगों ने मांग की है. इसमें से अभी तक 50 हजार ही मिल पाया है. 10 लाख सी प्लाई मास्क की मांग की गयी है, जिसमें से अभी तक एक लाख मिल पाया है. 10 हजार आरएनए एक्सट्रैक्शन किट की मांग की गयी है, जिसमें से अभी तक 250 ही मिल पाया है. बिहार में 100 वेटिंलेटर की जरूरत बतायी गयी है. यह अभी तक उपलब्ध नहीं हो पाया है.

मुख्यमंत्री ने अनुरोध करते हुए कहा कि एफआरबीएम एक्ट के हिसाब से फिस्कल डेफिसिट की सीमा तीन प्रतिशत है. 2009-10 के वित्तीय संकट के दौरान इसे तीन प्रतिशत से बढ़ा कर चार प्रतिशत किया गया था और 2010-11 में 3.38 से बढ़ा कर 3.5 प्रतिशत किया गया था. उन्होंने कहा कि फिस्कल डेफिसिट की सीमा को तीन प्रतिशत से बढ़ा कर चार प्रतिशत या उससे भी अधिक कर दिया जाये. कोरोना वायरस के संक्रमण को देखते हुए आपदा प्रबंधन केंद्र कई जगह बनवाये गये हैं. साथ ही कोरोना उन्मूलन कोष का गठन किया गया है.

विधायक और विधान पार्षद अपने कोटे से 50 लाख की राशि कोरोना उन्मूलन कोष में ट्रांसफर करा दिया है. अब बिहार के राज्यसभा और लोकसभा के सांसद एक करोड़ की राशि अपने-अपने क्षेत्र के लिए अनुशंसा कर रहे हैं. मुख्यमंत्री ने कहा कि इन पैसों का उपयोग नहीं हो पायेगा, क्योंकि कोरोना को लेकर जो कुछ किया जा रहा है, वह किसी क्षेत्र विशेष में नहीं हो रहा है. मुख्यमंत्री ने गृह मंत्रालय से विचार करने को कहा कि कि सांसद यदि मदद करना चाहते हैं, तो वे कोरोना उन्मूलन कोष में मदद करे. बिहार में कोरोना को आपदा मानते हुए प्रभावित लोगों को आपदा पीड़ितों की तरह ही मदद कर रहे हैं.

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Kaushal Kishor

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By Kaushal Kishor

Kaushal Kishor is a contributor at Prabhat Khabar.

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