कोरोना का कहर : थम गयी राज्य में शहरों के विकास की रफ्तार, लॉकडाउन से सभी प्रोजेक्टों पर लगा ब्रेक

Author : Pritish Sahay Published by : Prabhat Khabar Updated At : 30 Mar 2020 3:21 AM

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कोरोना ने सूबे के शहरों के विकास की राह में बड़ी बाधा खड़ी कर दी है़ पटना, भागलपुर, मुजफ्फरपुर व गया से लेकर कुल 142 नगर निकायों में चल रही केंद्र व राज्य की विकास योजनाओं पर अब ब्रेक लग चुका है़ बीते एक सप्ताह से सभी प्रोजेक्टों को तत्काल प्रभाव से रोक दिये गये हैं.

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पटना : कोरोना ने सूबे के शहरों के विकास की राह में बड़ी बाधा खड़ी कर दी है़ पटना, भागलपुर, मुजफ्फरपुर व गया से लेकर कुल 142 नगर निकायों में चल रही केंद्र व राज्य की विकास योजनाओं पर अब ब्रेक लग चुका है़ बीते एक सप्ताह से सभी प्रोजेक्टों को तत्काल प्रभाव से रोक दिये गये हैं. फिलहाल नगर विकास व आवास विभाग के माध्यम से चल रही योजनाओं मसलन शहरी गरीबों को आवास, शहरों में पार्क निर्माण, कई जगहों पर सीवरेज ड्रेनेज का काम, शहर के चार बड़े शहरों में स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट, हर घर नल-जल योजना, हर घर पक्की नाली- गली योजना, बड़े शहरों में जलापूर्ति के प्रोजेक्ट, 22 गंगा शहरों में एसटीपी व रिवर फ्रंड डेवलपमेंट, शहर में नगर भवन का निर्माण, शहरों में स्ट्रीट लाइट लगाने का काम, कई शहरों में बस स्टैंड के निर्माण से लेकर अन्य सभी विकास योजनाएं पूर्ण रूप से बंद हो गयी है़ं वहीं, इससे एक तरफ विकास रुका हुआ है़ दूसरी तरफ, इससे जुड़े हजारों लोगों को काम बंद हो गया है़, जिनका दूरगामी असर पड़ने वाला है़

पेयजल योजना

वर्तमान में सूबे के कुल 3398 वार्डों में से लक्षित 3370 वार्डों में से अब तक तीन हजार दो सौ 96 वार्डों की निविदा निकाली जा चुकी है़ दो हजार नौ सौ 31 वार्डों में कार्य प्रारंभ हो चुका है़ मात्र नौ लाख 70 हजार एक सौ 24 घरों में पानी पहुंचा है़ इसके अलावा मुजफ्फरपुर में 361 करोड़ की योजना, भागलपुर में 219 करोड़ की योजना, पटना में 2048 करोड़ की योजना पर फिलहाल कोई काम नहीं किया जा रहा है़

नमामि गंगे

नगर विकास व आवास विभाग से राज्य के 22 शहरों में चलायी जा रही नमामि गंगे प्रोजेक्ट लगभग 5683.36 करोड़ की है़ इसके तहत सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट की कुल 30 योजनाएं, रिवर फ्रंट डेवलपमेंट की एक योजना व नदी घाट सौंदर्यीकरण की दो योजनाएं सहित कुल 33 योजनाओं की स्वीकृति मिली है़ इनमें से 22 योजनाओं का कार्य चल रहा है़ 11 योजनाओं के निविदा की तैयारी है़ स्वीकृति कुल योजनाओं में से 12 पटना शहर की हैं, जिसकी राशि 3572 करोड़ के लगभग की है, मगर हकीकत है कि पटना में रिवर फ्रंट के अलावा कहीं कोई योजना पूरी नहीं हुई है़ पटना में अधिकतर के काम शुरू हुए थे, जबकि अन्य शहरों में काम शुरू भी नहीं हो पाया था. अब सारे काम बंद हो चुके हैं.

142 नगर निकायों में चल रही थीं विकास योजनाएं

पक्की गली-नाली योजना

इस योजना में कुल 142 निकायों के 3371 वार्डों में से 3341 वार्डों में नाली- गली निर्माण के लिए निविदा जारी की गयी है़ कुल 3341 वार्डों में कार्य प्रारंभ हुआ है़ अभी केवल दस हजार सात सौ 80 योजना पूरी हुई है़ं पूरे राज्य में केवल चार लाख एक हजार सात घर तक 36 पक्की नाली- गली पहुंची़ इस बार इसमें 500 करोड़ का बजट प्रस्तावित है़ फिलहाल सारे काम रुक गये हैं.

स्मार्ट सिटी

राज्य के चार बड़े शहरों पटना, मुजफ्फरपुर व बिहारशरीफ में पहले से स्मार्ट सिटी का काम काफी धीमा है, लेकिन बीते माह केंद्र सरकार की ओर से गाइडलाइन जारी की गयी थी कि अगर सभी शहरों को स्मार्ट सिटी के तहत दिये गये योजना के पहले किस्त की राशि खर्च नहीं की जाती, तो जून तक सारे पैसे लौट जायेंगे़ फिलहाल पटना 380 करोड़, भागलपुर के लिए 382 करोड़, मुजफ्फरपुर के लिए 112.50 करोड़ और बिहारशरीफ के लिए 110 करोड़ राशि बीते तीन वर्षों से जारी की गयी है़

अमृत मिशन

इस योजना के तहत राज्य के 21 नगर निकाय मसलन हाजीपुर, बक्सर, छपरा, जहानाबाद, बगहा, मोतिहारी, सीवान, औरंगाबाद, पूर्णिया, सासाराम, कटिहार, बेगूसराय, किशनगंज, बिहारशरीफ, आरा, दरभंगा, जमालपुर, सहरसा, बेतिया, डेहरी एवं मुंगेर में पेयजलापूर्ति के लिए 22 लाख 3 हजार सात सौ 48 की लागत से 36 जलापूर्ति योजनाएं चल रही हैं.

इससे पांच लाख 79 हजार सात सौ चार घरों में पानी पहुंचाना है़ इसके अलावा भागलपुर में 3265. 95 लाख, पटना में 4894.99 लाख व मुजफ्फरपुर में 15841.69 लाख की लागत से स्टॉम वाटर ड्रेनेज प्रोजेक्ट और राज्य के 21 शहरों में कुल तीन हजार चार सौ 73 लाख 48 हजार की लागत से 29 पार्कों का निर्माण किया जाना है़

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प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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