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CM Women Employment Scheme: महिला रोजगार योजना में घूसखोरी, गया से लेकर पश्चिम चंपारण में कार्रवाई

Updated at : 09 Sep 2025 7:12 AM (IST)
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CM Women Employment Scheme

CM Women Employment Scheme

CM Women Employment Scheme: सरकार महिलाओं को रोजगार के लिए सहारा देने के मकसद से योजना चला रही है, लेकिन आवेदन प्रक्रिया में ही घूसखोरी और वसूली ने इस योजना की साख पर सवाल खड़े कर दिए हैं.

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CM Women Employment Scheme: मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महज दो दिनों में 40 लाख महिलाओं ने आवेदन किया है. पहली किस्त के रूप में 10 हजार रुपये देने का वादा किया गया है.

कई जिलों में आवेदन के नाम पर पैसे मांगने की शिकायतें सामने आई हैं. गया, सीतामढ़ी और पश्चिम चंपारण में जीविका से जुड़ी कर्मियों पर कार्रवाई की गई है. वहीं गया जिले में दो महिलाओं पर प्राथमिकी दर्ज करायी गयी है.

40 लाख महिलाओं ने किया आवेदन

योजना की औपचारिक शुरुआत रविवार और सोमवार को हुई. महज दो दिनों में 40 लाख से अधिक महिलाओं ने आवेदन पत्र जमा कराए. इस योजना का मकसद महिलाओं को आर्थिक सहयोग देकर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है. सरकार ने तय किया है कि महिलाओं को कुल 2 लाख 10 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी, जिसमें पहली किस्त 10 हजार की होगी.

घूसखोरी के मामले उजागर

जैसे-जैसे आवेदन की रफ्तार बढ़ी, वैसे-वैसे गड़बड़ियों की शिकायतें भी सामने आने लगीं. सीतामढ़ी जिले के लगमा गांव में अर्चना महिला जीविका ग्राम संगठन की जीविका मित्र माधुरी कुमारी पर आवेदिकाओं से 4,500 रुपये वसूलने का आरोप लगा. संगठन ने उन्हें तत्काल हटा दिया और आगे की कार्रवाई की अनुशंसा की है.

पश्चिम चंपारण के नवलपुर पंचायत में पूनम देवी और आशा देवी को भी आवेदन कराने के नाम पर पैसे लेने के आरोप में निष्कासित कर दिया गया है.

गया में कैमरे में कैद हुई वसूली

सबसे चौंकाने वाला मामला गया जिले के नौरंगा से आया. यहां भारत जीविका महिला विकास स्वावलंबी सहकारी समिति से जुड़ी दो कम्युनिटी मोबिलाइजर—रेखा देवी और इंदु देवी—प्रत्येक महिला से आवेदन कराने के नाम पर 500 रुपये मांग रही थीं. यह पूरा मामला कैमरे में कैद हो गया.

वीडियो संगठन की सचिव मनीषा सिन्हा तक पहुंचा, जिन्होंने तुरंत गयाजी मुफस्सिल थाना में दोनों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई. पुलिस अब इस मामले की जांच कर रही है.

शहरी क्षेत्रों में कल से शुरू होंगे आवेदन

अब तक यह योजना मुख्य रूप से ग्रामीण इलाकों तक सीमित रही, लेकिन 10 सितंबर से शहरी क्षेत्रों की महिलाएं भी इसके लिए आवेदन कर सकेंगी.आवेदन प्रक्रिया के तहत पहले महिलाओं को जीविका समूहों से जोड़ा जाएगा. इसके बाद नगर निकाय स्तर पर निर्धारित संगठन की बैठक में जाकर महिलाएं औपचारिक आवेदन करेंगी.

योजना की शर्त है कि आवेदन करने के 8–10 दिनों के भीतर पात्र महिलाओं के बैंक खाते में पहली किस्त की राशि भेज दी जाएगी. मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना का उद्देश्य है कि राज्य की महिलाएं रोजगार के नए अवसर तलाशें और आत्मनिर्भर बनें.

पहली किस्त: 10,000 रुपये, दूसरी किस्त (समीक्षा के बाद): 2 लाख रुपये तक. कुल मिलाकर एक महिला को 2 लाख 10 हजार रुपये तक की राशि दी जाएगी. यह धनराशि उन्हें छोटे व्यवसाय, उद्यम या रोजगार शुरू करने के लिए मिलेगी.

सवालों के घेरे में योजना की पारदर्शिता

योजना का पैमाना बड़ा है और इसमें करोड़ों रुपये की राशि शामिल होगी. ऐसे में आवेदन प्रक्रिया के शुरुआती चरण में ही रिश्वतखोरी और अवैध वसूली के मामले उजागर होना चिंता की बात है. यह न केवल योजना की विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि गरीब और जरूरतमंद महिलाओं के अधिकारों पर भी चोट करता है.

महिलाओं से अपील की गई है कि वे किसी भी बिचौलिए के झांसे में न आएं और किसी भी संदेह की स्थिति में सीधे प्रखंड या जिला कार्यालय से संपर्क करें. अवैध उगाही करने वालों की जानकारी तुरंत प्रशासन को दें.

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Pratyush Prashant

लेखक के बारे में

By Pratyush Prashant

महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.

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