प्रत्येक जिले के गौरवशाली इतिहास से रूबरू होंगे बच्चे, कराया जायेगा शैक्षणिक भ्रमण

Published by : AMBER MD Updated At : 17 Nov 2025 6:37 PM

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इसमें बच्चों को बताया जायेगा कि उनके जिले में कौन-कौन सी ऐतिहासिक धरोहर हैं और कौन महापुरुष हुए, जिन्होंने देश-दुनिया में अपनी अलग पहचान बनायी.

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संवाददाता, पटना

जिले के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को पाठ्यक्रम के अलावा स्थानीय और जिले के गौरवशाली इतिहास से रूबरू कराया जायेगा. इसके लिए विभाग की ओर से शैक्षणिक भ्रमण कराया जायेगा.

यह शैक्षणिक भ्रमण जिला स्तर पर बच्चों को कराया जायेगा. इसमें बच्चों को बताया जायेगा कि उनके जिले में कौन-कौन सी ऐतिहासिक धरोहर हैं और कौन महापुरुष हुए, जिन्होंने देश-दुनिया में अपनी अलग पहचान बनायी. विभाग की ओर से सभी जिलों को इस संबंध में निर्देश दिया गया है कि स्कूल स्तर पर अपने जिले की धरोहर को देखने के लिए बच्चों को शैक्षणिक भ्रमण कराएं. शैक्षणिक भ्रमण के दौरान बच्चों के साथ शिक्षक भी रहेंगे, यह स्कूल के प्रधान सुनिश्चित करेंगे.

शहर के बच्चों को बापू टावर और गांधी संग्रहालय का कराया जायेगा भ्रमण

जिला शिक्षा कार्यालय की ओर से जिले के स्कूलों में पढ़ाई कर रहे कक्षा 5वीं से 8वीं कक्षा के बच्चों को बापू टावर और गांधी संग्रहालय जैसे अन्य महत्वपूर्ण स्थलों का भ्रमण कराया जायेगा. गांधी संग्रहालय में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के जीवन से जुड़ी पोट्रेट और वस्तुओं के बारे में बच्चों को जानकारी दी जायेगी. गांधी संग्रहालय देश के 11 संग्रहालयों में एक है. यहां रखी गई वस्तुएं सत्य, अहिंसा, स्वदेशी और सामाजिक समानता जैसे सिद्धांतों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की जायेगी. इसके साथ ही स्कूली बच्चों को बापू टावर में बिहार के इतिहास पर आधारित प्रदर्शनी, अहमदाबाद की फैक्टरी से बनी मूर्तियां, गांधी के विचार और वैश्विक प्रभाव से रूबरू कराया जायेगा. यह शोध के लिए विद्यार्थियों व शिक्षाविदों के लिए उपयोगी संस्थान है. बिहार म्यूजियम में भी बिहार की समृद्धि सांस्कृतिक ऐतिहासिक, कलात्मक विरासत को प्रदर्शित किया गया है.

शैक्षणिक भ्रमण की रिपोर्ट भी सौंपनी होगा

स्कूलों को दिये गये निर्देश में कहा गया है कि स्कूल के प्रधान बच्चों को शैक्षणिक भ्रमण पर ले जाते हैं तो उन्हें फोटो और शार्ट वीडियो भी तैयार करना होगा. शैक्षणिक भ्रमण की रिपोर्ट जिला शिक्षा कार्यालय को सौंपना जरूरी है. शैक्षणिक भ्रमण पर होने वाले खर्च स्कूल के आंतरिक स्रोत से किये जायेंगे. शैक्षणिक भ्रमण पर वैसे ही बच्चों को ले जायेंगे जो स्वस्थ हों. इन बच्चों के साथ दो या तीन शिक्षक भी मौजूद रहेंगे.

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