संजीव मुखिया सोमवार तक सीबीआइ की रिमांड पर

Updated at : 02 May 2025 7:53 PM (IST)
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संजीव मुखिया सोमवार तक सीबीआइ की रिमांड पर

संजीव मुखिया सोमवार तक सीबीआइ की रिमांड पर

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संवाददाता,पटनाकेंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) ने संजीव कुमार सिंह उर्फ संजीव मुखिया को नीट-यूजी 2024 पेपर लीक मामले में पूछताछ के लिए चार दिन की रिमांड पर लिया है. रविवार को नीट 2025 की परीक्षा होने वाली है. इस दौरान शुक्रवार से सोमवार तक संजीव मुखिया सीबीआइ की रिमांड पर होगा. की कई प्रतियोगिता परीक्षाओं के पेपर लीक रैकेट के मास्टरमाइंड मुखिया को पिछले शुक्रवार को पटना से गिरफ्तार किया गया था. सीबीआइ ने नीट पेपर लीक मामले में पूछताछ के लिए उसकी हिरासत की मांग विशेष अदातल से की थी. केंद्रीय एजेंसी की याचिका पर विचार करने के बाद सीबीआइ के विशेष न्यायाधीश सुनील कुमार-2 ने चार दिनों की रिमांड मंजूर की.हालांकि सीबीआइ ने सात दिन की रिमांड मांगी थी, लेकिन अदालत ने केवल चार दिन की रिमांड मंजूर की.

रविवार को होगी नीट 2025 की परीक्षा

रविवार चार मई को नीट 2025 की परीक्षा होनी है. सीबीआइ के सूत्रों का कहना है कि पूछताछ में प्रतियोगिता परीक्षा से संबंधित कई खुलासे किए. जिसमें मुख्य रूप से कैसे प्रश्न पत्र आउट करता है.किस तरह से हल करवाता है.प्रश्न पत्र वाले बक्से के तीसरे छिपे हुए ताले तक संजीव मुखिया की होती थी पहुंचसीबीआइ का सूत्र बताता है कि संजीव मुखिया प्रतियोगिता परीक्षओं के पेपर हासिल करने के लिए मोटी रिश्वत की पेशकश करता था. आमैतार पर परीक्षा केंद्र के अधिकारियों को भी प्रश्नपत्र ले जाने वाले बक्सों पर केवल दो ताले के बारे में पता था, जबकि संजीव मुखिया के पास तीसरे छिपे हुए ताले तक पहुंच थी.वह बक्से खोलता, कागजात की ज़ेरॉक्स प्रतियां बनाता, उन्हें सावधानी से फिर से सील करता और बिना किसी संदेह के परीक्षा केंद्रों को भेज देता.पूछताछ में मुखिया ने दावा किया कि देहरादून, चंडीगढ़, लखनऊ, कोलकाता, गुरुग्राम, नोएडा और गांधीनगर में संचालित परीक्षा रैकेट में उसके मजबूत संबंध हैं.

नीट परीक्षा में गड़बड़ी पर 10 साल की जेल और एक करोड़ जुर्माना

आगामी चार मई रविवार को आयोजित होने जा रही नीट परीक्षा को लेकर बिहार पुलिस की आर्थिक अपराध इकाई (इओयू) पूरी सतर्कता के साथ निगरानी कर रही है.इस बार किसी भी प्रकार की अफवाह, भ्रम या प्रश्न पत्र लीक की कोशिश पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की गई है.राज्य स्तरीय साइबर अपराध रोकथाम और निगरानी की नोडल इकाई इओयू ने एक विस्तृत चेतावनी जारी करते हुए नीट अभ्यर्थियों और आमजन से सतर्कता बरतने की अपील की है.इओयू चेतावनी में बताया है कि यदि कोई व्यक्ति परीक्षा में कदाचार करता है तो उस पर लोक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अधिनियम, 2024 के तहत 10 वर्ष तक की कारावास और एक करोड़ रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है.

ठगी के हो सकते हैं शिकार,ऐसे बचें

इओयू की चेतावनी में स्पष्ट किया गया है कि साइबर अपराधी या असामाजिक तत्व सामाजिक मंचों जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम, टेलीग्राम, व्हाट्सएप, एक्स (पूर्व में ट्विटर) आदि का दुरुपयोग कर सकते हैं. वे फर्जी कॉल या संदेश भेजकर प्रश्न पत्र अथवा उत्तर पत्र देने का झांसा दे सकते हैं और पैसे की ठगी कर सकते हैं.

साइबर थाने को दें तुरत जानकारी

ऐसे किसी भी कॉल या संदेश की सूचना तुरंत नजदीकी थाना या साइबर थाना में देने को कहा गया है. अभ्यर्थियों को सतर्क किया गया है कि यदि किसी सामाजिक मंच पर प्रश्न पत्र या उत्तर पत्र वायरल करने की बात सामने आती है तो संबंधित संदेश का संपर्क सूत्र (यूआरएल) और जानकारी तुरंत पुलिस को दी जाये.

व्हाट्सएप नंबर किया जारी

साइबर निगरानी इकाई ने दूरभाष/ह्वाट्सएप संख्या 8544428404 और इलेक्ट्रॉनिक पत्र (ईमेल) spcyber-bih@gov.in जारी किया है, जहां ऐसी गतिविधियों की तुरंत रिपोर्ट की जा सकती है. इसके अलावा, ठगी की शिकायतें राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) की सहायता पंक्ति संख्या 1930 पर भी की जा सकती हैं.

इओयू ने बताया कि परीक्षा में गड़बड़ी को रोकने के लिए सख्त प्रावधान किये गये हैं.स्पष्ट किया है कि कोई भी अफवाह फैलाने, भ्रमित करने या धोखाधड़ी करने वाला व्यक्ति बख्शा नहीं जाएगा.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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