Bihar: तेजस्वी के जासूसी कराए जाने के आरोप पर NDA नेताओं का पलटवार, बोले- नेता निजी जीवन नहीं जी सकता

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 17 Sep 2024 8:52 AM

विज्ञापन

Bihar News: बिहार की राजनीति में इन दिनों जासूसी को लेकर सियासी पारा हाई है. तेजस्वी यादव ने बिहार की नीतीश सरकार पर खुफियां एजेंसियों का सहारा लेकर विपक्ष में बैठे लोगों की जासूसी करने का आरोप लगाया. नीतीश सरकार ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है. अब इस पर बीजेपी नेता दिलीप जायसवाल समेत कई नेताओं की प्रतिक्रिया आई है.

विज्ञापन

Bihar News: राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी यादव द्वारा बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार पर जासूसी कराये जाने का आरोप लगाए जाने के बाद सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के नेताओं ने पलटवार किया है. बिहार के उपमुख्यमंत्री विजय कुमार सिन्हा ने तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा, “तेजस्वी यादव जी आपके माता-पिता के अलावा आपकी पहचान क्या है. आपके माता-पिता की आज तक जासूसी नहीं की गई. जनता के बीच आपकी क्या गतिविधियां हैं, जिससे कि जनता आपको चाहती है कि आपकी जासूसी होगी. यह सब बेकार की बातें हैं.”

तेजस्वी की जासूसी क्यों कराएंगे

बिहार के जल संसाधन मंत्री और जनता दल यूना‍इटेड के वरिष्ठ नेता विजय कुमार चौधरी ने तेजस्वी के आरोप को नकारते और उनपर कटाक्ष करते हुए कहा, “अगर कोई जासूसी कर रहा है तो सतर्क रहना चाहिए.” तेजस्वी द्वारा बिहार में कानून व्यवस्था की स्थिति बदतर होने का आरोप लगाए जाने पर कहा, “आंकड़े बता रहे हैं की विधि व्यवस्था की स्थिति में सुधार हो रहा. सुशासन की पहचान यही होती है कि अगर अपराध होता है, अपराधी कानून के हवाले होते हैं.”

जदयू के एक अन्य वरिष्ठ नेता और राज्य मंत्री अशोक चौधरी ने कहा, “जासूसी उनकी कराई जाती है जिसे डर और भय हो. नीतीश कुमार ने 18 वर्षों के अपने शासनकाल के दौरान उनके पिताजी की तो जासूसी कराई नहीं. उनकी (तेजस्वी) जासूसी क्यों कराएंगे. हमारे नेता इस इन सब में विश्वास नहीं करते। जो लोग अखंड भ्रष्टाचार में डूबे रहते है, उन्हें हर तरफ भ्रष्टाचार ही नजर आता है.”

एक नेता का जीवन पारदर्शी होता है

बीजेपी नेता दिलीप जायसवाल समेत नेताओं की प्रतिक्रिया ने कहा, “एक नेता जनता के लिए जीता है और उसे जनता के लिए ही जीना चाहिए, तो ऐसे में जासूसी का तो कोई सवाल ही पैदा नहीं होता. जासूसी तब होती है, जब कुछ चीज छुपाकर रखी गई हो, लेकिन यहां किसी भी प्रकार की कोई भी बात छुपाकर नहीं रखी गई है, तो ऐसी स्थिति में जासूसी का कोई सवाल ही पैदा नहीं होता है. एक नेता का जीवन पारदर्शी होता है. ऐसी स्थिति में उसके अंदर छुपाने जैसी कोई बात नहीं है.”

दिलीप जायसवाल ने आगे कहा, “मैं कुल मिलाकर यही कहना चाहूंगा कि किसी भी राजनेता की गतिविधियां जनता से छुपी नहीं होती है और ना ही छुपी रहनी चाहिए. नेता का पूरा जीवन पारदर्शी होता है. मुझे लगता है कि तेजस्वी यादव ने अपनी बुद्धि का इस्तेमाल नहीं किया है, अगर किया होता, तो आज वो इस तरह के बयान नहीं दे रहे होते. एक नेता की जासूसी हो, यह सवाल ही पैदा नहीं होता है. वो ऐसे ही भ्रामक बयान दे रहे हैं. उनकी लोकप्रियता का ग्राफ गिर रहा है, इसलिए वो येन केन प्रकारेण इस तरह के बयान दे रहे हैं.”

वन नेशन और वन इलेक्शन पर क्या बोले

दिलीप जायसवाल ने वन नेशन और वन इलेक्शन को लेकर मचे सियासी बवाल पर भी अपनी बात रखी. उन्होंने कहा, “यह हमारा सपना है. हम इसे जमीन पर उतारकर रहेंगे. देश में रोज चुनाव हो रहे हैं, कभी विधानसभा तो कभी पंचायत तो कभी किसी और के. ऐसे में वन नेशन वन इलेक्शन जरूरी हो जाता है, लेकिन मुझे यह नहीं पता है कि यह कब से लागू होने जा रहा है.”

विज्ञापन
Paritosh Shahi

लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन