बिहार के इन तीन जिलों में बर्ड फ्लू की पुष्टि से हड़कंप, मुर्गियों को जलाकर दफनाने का काम शुरू...

Published by : Abhinandan Pandey Updated At : 11 Mar 2025 10:07 AM

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bird flu in bihar (सांकेतिक तस्वीर )

Bird Flu In Bihar: बिहार में बर्ड फ्लू का खतरा बढ़ता जा रहा है. पटना, भागलपुर और जहानाबाद में इसके मामले सामने आने के बाद सरकार अलर्ट मोड में है. पशुपालन विभाग की टीमें प्रभावित इलाकों में सैंपल जांच और सेनेटाइजेशन में जुटी हैं.

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Bird Flu In Bihar: बिहार में बर्ड फ्लू का खतरा तेजी से बढ़ रहा है. अब तक पटना, भागलपुर और जहानाबाद में इसके मामले सामने आ चुके हैं, जिससे सरकार सतर्क हो गई है. केंद्रीय पशुपालन और डेयरी मंत्रालय ने सभी राज्यों को अलर्ट जारी किया है और प्रभावित क्षेत्रों में सख्ती बरतने के निर्देश दिए हैं. पशुपालन विभाग की टीमें लगातार सैंपल जांच और फार्म सेनेटाइजेशन में जुटी हैं.

इंसानों के लिए भी बड़ा खतरा

बर्ड फ्लू से प्रभावित मुर्गे, मुर्गी या अन्य पक्षियों के सीधे संपर्क में आने से यह मनुष्यों के लिए भी घातक हो सकता है. संक्रमण के 3-5 दिनों बाद लक्षण उभरते हैं, जिनमें तेज बुखार, मांसपेशियों में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, खांसी, पेट दर्द और नाक-मसूड़ों से खून आना शामिल हैं.

पहली पुष्टि जहानाबाद में, पटना और भागलपुर में भी केस मिले

इस साल बिहार में बर्ड फ्लू का पहला मामला जहानाबाद में एक कौवे की मौत से सामने आया. उसके बाद पटना के आईसीएआर परिसर और भागलपुर में मुर्गियों में संक्रमण की पुष्टि हुई. इसके बाद बिहार पशु विज्ञान विश्वविद्यालय में मुर्गियों को मारकर सुरक्षित दफनाया गया.

सैंपल कहां भेजे जाते हैं?

बर्ड फ्लू की जांच के लिए सैंपल कोलकाता स्थित क्षेत्रीय रोग अनुसंधान लैब (आरडीडीएल) और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हाई सिक्योरिटी एनिमल डिजीज (एनआईएसएचएडी), भोपाल भेजे जाते हैं.

लगातार बढ़ रहा खतरा, हर साल सामने आते हैं मामले

बिहार में लगभग हर साल बर्ड फ्लू के मामले दर्ज होते हैं. 2020 में कोरोना महामारी के दौरान पटना के कंकड़बाग में मुर्गियों में बर्ड फ्लू पाया गया था, जबकि मुंगेर में इस संक्रमण के कारण हजारों मुर्गियों को नष्ट किया गया था.

कैसे बचें बर्ड फ्लू के खतरे से?

  • मुर्गी फार्म की नियमित सफाई और सेनेटाइजेशन जरूरी
  • मजदूरों को मास्क, दस्ताने और जूते पहनकर ही काम करना चाहिए
  • कच्चा या अधपका अंडा और चिकन न खाएं, अच्छी तरह पकाकर ही सेवन करें
  • 100°C तापमान पर मांस पकाने से वायरस नष्ट हो जाता है

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कहां दें सूचना?

अगर किसी इलाके में कौवे, कबूतर, मुर्गी या अन्य पक्षी अचानक मर रहे हैं, तो इसकी सूचना तुरंत स्थानीय पशु अस्पताल, जिला पशुपालन पदाधिकारी या पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान, पटना को दें. आप ईमेल lrspatna@gmail.com पर भी जानकारी भेज सकते हैं. बिहार में बर्ड फ्लू का बढ़ता खतरा चिंता का विषय बन चुका है. सरकार और प्रशासन अलर्ट पर हैं, लेकिन आम लोगों को भी सतर्क रहने की जरूरत है. सावधानी ही बचाव है.

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Abhinandan Pandey

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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