Bihar Weather Today: सितंबर की शुरुआत में मॉनसून पर ब्रेक, उमस भरी गर्मी से मिलेगी कब राहत?

Bihar Weather Today
Bihar Weather Today: सितंबर का पहला दिन और बिहार के आसमान से गायब होती बूंदाबांदी. बारिश थमते ही पारा चढ़ रहा है और उमस लोगों को बेहाल कर रही है. सवाल यही है—क्या अब मॉनसून अलविदा कहने की तैयारी कर रहा है?
Bihar Weather Today: बिहार में मॉनसून अब अपने अंतिम पड़ाव पर है. अगस्त के आखिरी हफ्ते तक जिन जिलों में हल्की-फुल्की बारिश लोगों को राहत दे रही थी, वहां अब सूरज की तपिश और नमी का असर बढ़ने लगा है. रविवार को डेहरी, मोतिहारी, औरंगाबाद और जीरादेई जैसे कुछ इलाकों में हल्की बारिश दर्ज की गई, लेकिन ज्यादातर जिलों में मौसम पूरी तरह शुष्क रहा.
राजधानी पटना सहित कई जिलों में सोमवार सुबह से ही तेज धूप देखने को मिली. नतीजा यह हुआ कि तापमान में 2-3 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी दर्ज की गई. हवा में नमी के कारण उमस और बढ़ गई है. मौसम विभाग (IMD) का कहना है कि सितंबर के पहले हफ्ते में यही हाल रहने वाला है.
आज का मौसम
01 सितंबर को बिहार का मौसम उमस से भरा रहने वाला है. पश्चिम चंपारण, गोपालगंज, सिवान, सारण, सीतामढ़ी, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, वैशाली, खगड़िया, भोजपुर, रोहतास, कैमूर और बांका के कुछ हिस्सों में मध्यम स्तर की वर्षा होने की संभावना जताई गई है. हालांकि इसकी संभावना काफी कम है.
पटना और उसके आसपास के जिलों में बारिश की कोई संभावना नहीं है. सुबह से ही तेज धूप निकल चुकी है और लोग उमस से जूझ रहे हैं. मौसम विज्ञान केंद्र ने चेतावनी दी है कि अगले दो दिनों तक असुविधा का स्तर हाई रहेगा. यानी गर्मी और उमस से बचना आसान नहीं होगा.
मॉनसून कमजोर, बारिश घट रही
बिहार में इस बार मॉनसून का प्रदर्शन कमजोर रहा है. जून से अगस्त तक राज्य में औसत से 29 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है. सितंबर की शुरुआत भी इसी रुख के साथ हो रही है. मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 10 दिनों तक सामान्य से कम बारिश होगी.
इस दौरान राज्य का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है. न्यूनतम तापमान भी औसत से 2-3 डिग्री तक ज्यादा रहेगा. इसका मतलब है कि उमस से फिलहाल राहत की कोई उम्मीद नहीं है.
बाढ़ का खतरा बरकरार
बारिश कम होने के बावजूद गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. मुंगेर और बेगूसराय जैसे जिलों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है. गंगा किनारे के गांवों में कटाव की समस्या गंभीर होती जा रही है. कई इलाकों में लोग घर छोड़कर सुरक्षित जगहों पर जाने को मजबूर हैं.
स्थानीय प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है, लेकिन पानी का दबाव लगातार चिंता का सबब बना हुआ है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर अगले कुछ दिनों में उत्तर भारत में भारी बारिश होती है तो गंगा का जलस्तर और बढ़ सकता है.
कब मिलेगी राहत?
मौसम विज्ञानियों का कहना है कि फिलहाल उमस से राहत की संभावना कम है. जब तक मॉनसून सक्रिय होकर एक बार फिर बारिश नहीं करता, लोगों को गर्मी झेलनी ही होगी. अनुमान है कि सितंबर के दूसरे हफ्ते में बारिश की हलचल थोड़ी तेज हो सकती है.
पटना मौसम विज्ञान केंद्र के एक अधिकारी ने बताया—अभी मॉनसून कमजोर है. 10 सितंबर तक कोई बड़ा बदलाव नहीं दिख रहा. उसके बाद अगर बंगाल की खाड़ी से नमी भरे बादल आते हैं तो राज्य के कुछ हिस्सों में बारिश हो सकती है. तभी लोगों को उमस से राहत मिलेगी.
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लेखक के बारे में
By Pratyush Prashant
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
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