Bihar Train: खुशखबरी! बिहार में पहली बार सोलर पैनल से लैस होंगी ट्रेनें, मिलेंगे ये तीन बड़े फायदे

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बिहार में अब ट्रेनें सोलर पैनल से होगी लैस (एआई जेनरेटेड इमेज)

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Bihar Train: बिहार में पटना जंक्शन समेत दानापुर मंडल से गुजरने वाली ट्रेनें अब सोलर पैनल से लैस होंगी. ऐसे में अब ट्रेनों में लगे एसी और पंखे इसी सोलर पैनल की मदद से चलेंगे. पूरे पूर्व मध्य रेलवे में दानापुर मंडल पहला डिवीजन है, जहां यह ट्रायल किया जा रहा है.

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Bihar Train: बिहार में रेलवे की तरफ से एक खास पहल की गई है. दरअसल, पहली बार यहां ट्रेनों में लगे एसी और पंखे अब सोलर पैनल से चलेंगे. पटना जंक्शन समेत दानापुर मंडल से गुजरने वाली ट्रेनें अब जल्द ही सोलर पैनल से लैस होंगी. इससे रेलवे की बिजली के साथ-साथ डीजल की भी बचत होगी. इससे रेलवे को बड़ा आर्थिक मदद पहुंचेगा.

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कैंपेन कोच से की जा रही शुरुआत

जानकारी के मुताबिक, इसकी शुरुआत कैंपेन कोच से की जा रही हैं. दानापुर रेलवे यार्ड में तैयार होगी और जल्द ही इसे ट्रैक पर रेलकर्मियों के लिए दौड़ाया जायेगा. जो ट्रैक के मेंटनेंस समेत अन्य निर्माण कार्य के उपयोग के लिए किया जायेगा. एक कोच में 70 से 72 लोगों के बैठने की कैपेसिटी है. कैंपेन कोच के ऊपर रूप टॉप फ्लेक्सिबल सोलर प्लेट लगाया गया है, जिससे हर रोज करीब 40 से 50 यूनिट बिजली मिल सकेगी.

दरअसल, ये पैनल हल्के होने के साथ-साथ इसे लगाने में भी किसी तरह की परेशानी नहीं झेलनी पड़ती है. सोलर सिस्टम से लैस इस कोच में हर साल लगभग डेढ़ लाख रुपये की बिजली की बचत होगी. इसी क्रम में जल्द ही यात्री कोच के लिए भी सोलर सिस्टम तैयार किया जा रहा है, जिससे अब कोच के अंदर लगे एसी-पंखे को सोलर सिस्टम से चलाया जा सकता है.

क्या कहना है रेलवे अधिकारियों का?

रेलवे अधिकारियों की माने तो, पहली बार रेल के कोच सोलर पैनल से लैस होने जा रहे हैं. इससे पंखे, लाइट और चार्जिंग स्लॉट काम करेंगे. हर कोच में 120 किलोग्राम के वजन का पैनल इंस्टॉल किया जायेगा, जो 15 से 20 यूनिट (केडब्ल्यूएच) एनर्जी रिलीज करेगा. सोलर एनर्जी से यात्रियों की पावर की जरूरतें पूरा करने की इस तरह की कवायद में यह नया प्रयोग है. जानकारों के मुताबिक, कैंपेन कोच के बाद मेमू और इंटरसिटी एक्सप्रेस में इसका प्रयोग करने की तैयारी की जा रही है. इसके बाद एसी कोच में किया जायेगा.

सोलर पैनल लगाने से होंगे तीन बड़े फायदे

बोगियों में सोलर पैनल लगाने से तीन फायदे होंगे.

  • पावर कार में लगने वाले डीजल की बचत होगी.
  • पावर कार हट जाने से दो एक्स्ट्रा यात्री कोच लगाये जा सकेंगे.
  • यात्रियों को पावर कार यानी जेनरेटर की शोर से भी मुक्ति मिलेगी.

इतना ही नहीं, पावर कार में आये दिन धुआं निकलने से चिंगारी जैसी घटनाएं होती हैं. ऐसे में इसके हट जाने से इस समस्या से भी काफी हद तक निजात मिल जायेगी. साथ ही एलएचबी कोच में लगाये जाने वाले बोगियों को पावर सप्लाई देने के लिए पावर कार लगाने की जरूरत पड़ती है. ऐसे में पावर कार में लगने वाले डीजल की बचत होगी.

दानापुर मंडल ट्रायल करने वाला पहला डिवीजन

जानकारी के मुताबिक, पूरे पूर्व मध्य रेलवे में दानापुर मंडल पहला डिवीजन है, जहां सोलर पैनल से लैस कैंपेन कोच का ट्रायल किया जा रहा है. ट्रायल के बाद जल्द ही जोन के धनबाद, डीडीयू, समस्तीपुर समेत पांचों मंडल में इस्तेमाल किया जायेगा.

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