Bihar Tourism: बिहार में पर्यटन को नया आयाम देने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है. पटना से राज्य के प्रमुख पर्यटन स्थलों की यात्रा के लिए 15 दिनों के भीतर ‘केरा वैन’ यानी लग्जरी बस सेवा शुरू होने जा रही है. परिवहन विभाग ने इसके लिए परमिट जारी कर दिया है.
इस खास बस में पर्यटक गयाजी, राजगीर, नवादा, जहानाबाद, बक्सर, बांका और वाल्मीकिनगर टाइगर रिजर्व जैसे पर्यटन स्थलों तक आरामदायक और लग्जरी सफर कर सकेंगे. यह सुविधा खास तौर पर परिवारों और छोटे ग्रुप के लिए तैयार की गई है, जिसमें एक बार में 10 लोग यात्रा कर सकेंगे.
5 स्टार होटल जैसा अनुभव, सड़क पर चलता कमरा
केरा वैन को इस तरह डिजाइन किया गया है कि इसमें सफर करते हुए भी होटल जैसी सुविधा मिले. इसमें चार बड़े स्लिपर बेड और तीन आरामदायक सोफा सीटें होंगी. बस के अंदर प्राइवेट बेडरूम, सुसज्जित किचन, प्राइवेट शॉवर और वॉशरूम की सुविधा रहेगी, जिससे यात्रियों को बार-बार होटल रुकने की जरूरत नहीं पड़ेगी. इसमें इंडक्शन, माइक्रोवेव और फ्रिज भी मौजूद रहेंगे, ताकि सफर के दौरान खानपान पूरी तरह सुविधाजनक रहे.
मनोरंजन और सुरक्षा का भी पूरा इंतजाम
इस लग्जरी वैन में बड़ा एलईडी टीवी, साउंड सिस्टम और अन्य मनोरंजन उपकरण लगाए गए हैं. सुरक्षा के लिहाज से इसमें सीसीटीवी कैमरे, फायर डिटेक्टर, जीपीएस ट्रैकिंग और इमरजेंसी एग्जिट की व्यवस्था की गई है. इसके अलावा एयर सस्पेंशन, एसी, हॉट और कोल्ड वॉटर सिस्टम तथा वाई-फाई जैसी सुविधाएं इसे एक चलता-फिरता होटल बना देती हैं.
कितना होगा किराया और दूरी की शर्त
पटना से केरा वैन की न्यूनतम यात्रा दूरी 250 किलोमीटर तय की गई है. 250 किलोमीटर के सफर का पैकेज 19 हजार रुपये रखा गया है. अधिकतम दूरी की कोई सीमा तय नहीं की गई है, यानी पर्यटक अपनी जरूरत और योजना के अनुसार लंबी यात्रा भी कर सकेंगे. पर्यटन विभाग को उम्मीद है कि यह सेवा बिहार के धार्मिक, ऐतिहासिक और प्राकृतिक पर्यटन स्थलों को नई पहचान देगी.
पर्यटन को मिलेगा लग्जरी टच
यह सेवा खास तौर पर उन पर्यटकों के लिए आकर्षक होगी, जो परिवार या दोस्तों के साथ प्राइवेट, सुरक्षित और आरामदायक सफर करना चाहते हैं. इससे न सिर्फ राज्य के पर्यटन स्थलों की लोकप्रियता बढ़ेगी, बल्कि बिहार की छवि भी एक आधुनिक पर्यटन राज्य के रूप में मजबूत होगी.
इसी बीच परिवहन मंत्री श्रवण कुमार ने साफ कर दिया है कि राज्य में बसों को अवैध रूप से मॉडिफाई करने पर सीधी कार्रवाई होगी. कई बसें सीटर के रूप में पंजीकृत होने के बावजूद मिक्स्ड सीटर-स्लीपर में चल रही हैं, जो नियम के खिलाफ है. ऐसी बसों का परमिट तुरंत रद्द किया जाएगा. साथ ही जिम्मेदार ऑपरेटरों, आरटीओ अधिकारियों और अन्य संबंधित लोगों पर भी कार्रवाई होगी.
सुरक्षा मानकों पर कोई समझौता नहीं
मंत्री ने कहा कि स्लीपर बसें अब केवल मान्यता प्राप्त ऑटोमोबाइल कंपनियों या केंद्र सरकार से स्वीकृत फैक्ट्रियों में ही बनेंगी. लोकल या अनधिकृत बॉडी बिल्डरों द्वारा बनाई गई स्लीपर बसें मान्य नहीं होंगी. हर स्लीपर बस में फायर डिटेक्शन सिस्टम अनिवार्य होगा.
एक तरफ जहां केरा वैन जैसी लग्जरी सुविधा से बिहार पर्यटन को नया चेहरा मिलेगा, वहीं दूसरी तरफ अवैध बस मॉडिफिकेशन पर सख्ती से यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाएगी. यह कदम बिहार में सुरक्षित, आधुनिक और आकर्षक पर्यटन व्यवस्था की दिशा में अहम माना जा रहा है.

