न कमरे, न बेंच, शिक्षक भी मिले गायब, बिहार के इस स्कूल की व्यवस्था देख स्तब्ध रह गये ACS सिद्धार्थ
Published by : Ashish Jha Updated At : 15 Dec 2024 7:48 AM
शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव एस सिद्धार्थ (File)
Bihar Teachers : एस सिद्धार्थ ने बिहार के प्राथमिक विद्यालय के संचालन में अनियमितता, दयनीय शैक्षणिक स्थित्ति एवं अव्यवस्था के रूप में देखा. एस सिद्धार्थ ने अब जिला शिक्षा पदाधिकारी मधुबनी से अपना स्पष्टीकरण 24 घंटे के अंदर समर्पित करने कहा है. साथ ही यह भी कहा है कि क्यों नहीं आपके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही प्रारंभ कर दी जाय.
Bihar Teachers : पटना. शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव एस सिद्धार्थ आज कल बिहार के स्कूलों की जमीनी हालात से रू ब रू हो रहे हैं. अपर मुख्य सचिव रोज करीब 10 स्कूलों के टीचरों को फोन करते हैं और जानकारी लेते हैं. इसी क्रम में जब वो मधुबनी जिले के बाबूबरही प्रखंड के एक प्राथमिक स्कूल में फोन कर Virtual Inspection कर रहे थे तो वहां की व्यवस्था देखकर स्तब्ध रह गये. ठंड के इस मौसम में बच्चे जमीन पर बैठकर पढ़ रहे थे. टोला सेवक उन्हें पढ़ा रहा था और स्कूल में एक भी शिक्षक नहीं थे. मधुबनी जिले के इस स्कूल में पाई गई अनियमितता पर त्वरित संज्ञान लेते हुए शिक्षा विभाग ने जिला शिक्षा पदाधिकारी मधुबनी को पूरे मामले में अपना स्पष्टीकरण 24 घंटे के अंदर देने को कहा है. साथ ही यह भी कहा है कि क्यों नहीं आपके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही प्रारंभ कर दी जाय.
पूरे मामले में डीइओ से मांगा स्पष्टीकरण
बिहार की प्राथमिक शिक्षा की स्थिति लाख प्रयास के बावजूद बद से बदतर है. एस सिद्धार्थ ने वीडियो कॉलिंग के माध्यम से जब मधुबनी के बाबुबरही प्रखंड के टेंगरा मुशहरी प्राथमिक विद्यालय का हाल जाना, तो उन्हें भी इस बात का एहसास हुआ. उन्हें जमीनी सच्चाई की जानकारी मिली है. उन्हें बताया गया कि इस स्कूल में न तो भवन हैं न बेंच. शिक्षक गायब हैं और टोला सेवक के भरोसे 20 प्रतिशत बच्चे पढ़ाई कर रहे हैं. उन्होंने स्कूल में शैक्षणिक गतिविधियों में बरती गयी लापरवाही एवं अव्यवस्था को पाया. जिसके बाद पूरे मामले में स्पष्टीकरण मांगा गया है.
छह में से पांच शिक्षक गायब, एक गये थे सब्जी लेने
अपर मुख्य सचिव ने जब प्राथमिक विद्यालय, टेंगरा मुशहरी कॉल किया तो पाया कि विद्यालय के 6 शिक्षकों में सभी अनुपस्थित हैं तथा एक शिक्षक के बारे में सूचना प्राप्त हुई कि बाजार से सब्जी लाने गये हुए हैं. विद्यालय में 137 नामांकित छात्र/छात्राएं हैं, जिसमें भौतिक रूप से मात्र 35 उपस्थित मिले. वर्ग 1-5 तक के इस प्राथमिक विद्यालय में मात्र 2 कमरे हैं. वहीं विद्यालय में एक भी बेंच डेस्क नहीं है. ठंड के इस मौसम में सभी छात्र/छात्राएं जमीन पर बोरे पर बैठे पाये गये. वर्ग-कक्ष में ही चावल एवं अन्य सामाग्री देख अपर मुख्य सचिव जान गये कि पढ़ने का कमरा मिड डे मील का गोदाम बना हुआ है. एक मात्र टोला सेवक के भरोसे चल रहे इस विद्यालय देखकर एस सिद्धार्थ ने 24 घंटे के अंदर विभागीय कार्रवाई का आदेश दिया है.
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By Ashish Jha
डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.
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