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बिहार में तेजी से हो रहा ग्रामीण सड़कों का कायाकल्प, इन जिलों की बदली सूरत

Updated at : 15 Jul 2025 10:10 AM (IST)
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सांकेतिक तस्वीर

Bihar Road: राज्य में तेजी से हो रहा ग्रामीण सड़कों का कायाकल्प, इन जिलों की बदली सूरत

Bihar Road: राज्य की ग्रामीण सड़कों की तस्वीर अब पूरी तरह बदल रही है. बिहार ग्रामीण पथ अनुरक्षण नीति 2018 के तहत राज्य सरकार की योजना ने गांव-गांव तक विकास की रफ्तार पहुंचाई है.

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Bihar Road: बिहार की ग्रामीण सड़कों की तस्वीर अब लगातार बदल रही है. बिहार ग्रामीण पथ अनुरक्षण नीति 2018 के तहत ग्रामीण कार्य विभाग ने 40 हजार 250 किलोमीटर सड़कों की मरम्मत और रखरखाव की प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है. जिसके तहत 36,372 किलोमीटर से अधिक सड़कों का कायाकल्प किया जा चुका है.

16,166 ग्रामीण सड़कों की मरम्मत को स्वीकृति

जानकारी के अनुसार इस योजना के तहत अब तक 16,166 ग्रामीण सड़कों की मरम्मत को स्वीकृति मिली है. जिसकी कुल लंबाई 40,250 किलोमीटर से अधिक है. इस कार्य पर 18,963 करोड़ से अधिक रुपये खर्च होंगे. बता दें कि इसमें से 15,342 सड़कों की प्रारंभिक मरम्मत हो चुकी है. इसकी लंबाई 36,855 किलोमीटर से भी अधिक है.

जिलावार आंकड़े

प्राप्त जानकारी के मुताबिक बिहार ग्रामीण पथ अनुरक्षण नीति 2018 के तहत पूर्वी चंपारण में 2363 किलोमीटर से भी अधिक सड़कों के कायाकल्प का कार्य किया जा चुका है. वहीं दूसरे स्थान पर पश्चिम चंपारण है, यहां अब तक 1979 किलोमीटर से भी अधिक सड़कों के रखरखाव का काम पूरा किया जा चुका है. इसके बाद मुजफ्फरपुर जिले में 1626.65 किलोमीटर, सारण में 1560.84 किलोमीटर, समस्तीपुर में 1389.73 किलोमीटर, रोहतास में 1358.90 किलोमीटर, गया में 1358.69 किलोमीटर, वैशाली में 1346.46 किलोमीटर, पटना में 1327.37 किलोमीटर और मधुबनी में 1223.01 किलोमीटर सड़कों का रखरखाव का कार्य किया गया है.

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ग्रामीण सशक्तिकरण का माध्यम बनी सड़कें

ग्रामीण कार्य विभाग के मंत्री अशोक चौधरी का कहना है कि बिहार ग्रामीण सड़क अनुरक्षण नीति 2018 के तहत राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क नेटवर्क को मजबूत करने का हमारा संकल्प पूरा हो रहा है. यह सिर्फ योजना नहीं, ग्रामीण सशक्तिकरण का भी माध्यम है.

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Rani Thakur

लेखक के बारे में

By Rani Thakur

बंगाल की धरती पर एक दशक से अधिक समय तक समृद्ध पत्रकारिता अनुभव के साथ, रानी ठाकुर अब बिहार की धरती पर अपनी लेखनी से पहचान बना रही हैं. कोलकाता में कई राष्ट्रीय स्तर के प्रतिष्ठित अखबारों के लिए रिपोर्टिंग और सब-एडिटिंग का अनुभव हासिल करने के बाद, वे अब प्रभात खबर के डिजिटल डेस्क से जुड़ी हैं, जहां वे लाइफ स्टाइल की खबरों के माध्यम से अपनी रचनात्मक सोच और पत्रकारिता कौशल को नई दिशा दे रही हैं.

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