Bihar police: स्थायी हो गये कॉन्ट्रैक्ट पर रखे गये डेढ़ हजार से अधिक सिपाही चालक, DGP ने जारी किया नया ऑर्डर

Author Ashish jha
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Bihar Police Attacked

बिहार पुलिस (प्रतीकात्मक)

Bihar police: आइजी मुख्यालय ने शुक्रवार को सभी आइजी, डीआइजी, एसएसपी, एसपी व बी-सैप कमांडेंटों को पत्र भेज कर वरीयता सूची के प्रकाशन की तिथि से एक हफ्ते के भीतर साक्ष्य सहित दावा – आपत्ति पेश करने का निर्देश दिया है.

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Bihar police: पटना. बिहार पुलिस में संविदा पर बहाल करीब डेढ़ हजार से अधिक सिपाही चालक स्थायी रूप से नियुक्त किए जाएंगे. डीजीपी विनय कुमार ने हाईकोर्ट के निर्णय के आलोक में इससे जुड़ा आदेश जारी कर दिया है. इसमें ऐसे चालक सिपाही जो 12वीं परीक्षा उत्तीर्ण हैं, उन्हें 15 मई 2025 तक संबंधित जिला व इकाई में स्थायी रूप से नियुक्त किए जाने का आदेश दिया गया है.डीजीपी ने सभी नियुक्ति प्राधिकार को आदेश का अनुपालन करने से पहले सभी दस्तावेजों के सत्यापन का निर्देश भी दिया है. इधर, पुलिस मुख्यालय ने बिहार पुलिस सेवा के 731 पदाधिकारियों की औपबंधिक वरीयता सूची जारी कर दी है. यह औपबंधिक वरीयता सूची एक अप्रैल 2025 के आधार पर बनाई गई है.

नहीं हटाये जायेंगे कोई संविदा कर्मी

डीजीपी ने जारी आदेश में कहा है कि वैसे संविदा चालक जो वर्तमान में केवल 10वीं उत्तीर्ण हैं, उन्हें फिलहाल 60 वर्ष की सेवानिवृति आयु तक संविदा नियुक्ति दी जाएगी. ऐसे चालक सिपाहियों के योगदान करने के पांच वर्ष के भीतर 12वीं की परीक्षा उत्तीर्ण कर लेने पर उनको भी नियमित कर दिया जाएगा. आदेश के अनुसार, पांच वर्ष के अंदर परीक्षा उत्तीर्ण नहीं कर पाने वाले 10वीं पास संविदा चालक भी हटाए नहीं जाएंगे, बल्कि सेवानिवृत्ति तक संविदा चालक सिपाही के रूप में काम करेंगे. मालूम हो कि संविदा सिपाही चालकों की 2010 से अब तक हर साल 11 महीने की संविदा पर नियुक्ति होती आ रही है.

पीटीसी पास 990 सिपाही बने एएसआई

बिहार पुलिस के पीटीसी (प्रमोशनल ट्रेनिंग कोर्स) पास 990 सिपाहियों को एएसआई (सहायक अवर निरीक्षक) बनाया गया है. बिहार पुलिस मुख्यालय के कार्मिक एवं कल्याण प्रभाग ने इससे संबंधित कार्यकारी प्रोन्नति आदेश जारी कर दिया है. इन प्रोन्नत पुलिसकर्मियों को पदभार ग्रहण करने की तिथि से एएसआई पद का कार्यकारी उच्चतर प्रभार और आर्थिक लाभ मिलेगा. किसी भी पदाधिकारी के विरुद्ध विभागीय कार्यवाही, निलंबन, सजा या निगरानी, फौजदारी, आपराधिक मामला लंबित होने पर उनको कार्यकारी प्रभार देय नहीं होगा. ऐसे में एएसआइ में प्रोन्नत सभी पुलिसकर्मियों को न्यायिक शपथ पत्र देना होगा कि उनके विरुद्ध किसी प्रकार की विभागीय कार्यवाही संचालित या लंबित नहीं है.

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आशीष झा

लेखक के बारे में

By आशीष झा

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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