Sushant death mystery: बिहार पुलिस एसोसिएशन ने बताया मुंबई गयी बिहार पुलिस को जान का खतरा, कहा...
Author : Prabhat Khabar Digital Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 01 Aug 2020 6:36 PM
पटना : बिहार पुलिस एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष मृत्युजय कुमार सिंह ने मुंबई में बिहार पुलिस के साथ हुई घटना पर आपति जतायी है. उन्होंने कहा है कि बिहार पुलिस को जान का खतरा है. क्योंकि, यह काफी हाई-प्रोफाइल मामला है. इसलिए मामले को हल्के में नहीं लेना चाहिए.
पटना : बिहार पुलिस एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष मृत्युजय कुमार सिंह ने मुंबई में बिहार पुलिस के साथ हुई घटना पर आपति जतायी है. उन्होंने कहा है कि बिहार पुलिस को जान का खतरा है. क्योंकि, यह काफी हाई-प्रोफाइल मामला है. इसलिए मामले को हल्के में नहीं लेना चाहिए.
उन्होंने मांग की है कि बिहार पुलिस मुख्यालय इस मामले में तत्काल मुंबई पुलिस के वरीय अधिकारी से बात करें. इसमें बिहार पुलिस के साथ मुंबई में जिस तरह का व्यवहार हो रहा है, इसकी शिकायत और सहयोग करने की बात की जाये. साथ ही एक आइपीएस रैंक के अधिकारी, एक महिला पुलिस अधिकारी को भी मुंबई भेजना चाहिए.
मुंबई पुलिस बिहार के पुलिस अधिकारियों के साथ क्या कर रही है, पूरा देश देख रहा है. बिहारी को न्याय दिलाने के लिए बिहार पुलिस जब मैदान में आ गये हैं तो, जल्द ही दूध का दूध पानी का पानी होगा. उन्होंने कहा कि जनता को न्याय के लिए राज्य की सीमा आड़े आने लगे, तो कानून व्यवस्था चरमरा जायेगी.
उन्होंने कहा कि पुलिस का कर्तव्य है किसी भी मामले में साक्ष्य इकट्ठा करके न्यायालय में प्रस्तुत कर न्याय दिलाना. देश में किसी भी राज्य के पुलिस को एक दूसरे के यहा जांच में जाना पड़ता है. मुंबई पुलिस अनेको बार बिहार में जांच के लिए आयी है. बिहार पुलिस हर समय जांच में सहयोग की है.
उन्होंने कहा कि बिहार पुलिस तो बाहर से आयी पुलिस को सहयोग के साथ गाड़ी की व्यवस्था यहां तक ठहरने की व्यवस्था भी करती है. सीआरपीसी की धारा 91/ 100/ 161/ 165/ 166 के तहत हर पुलिस कही भी अनुसंधान कर सकती है. पूछताछ, नोटिस जारी करना, गंभीर मामले में साक्ष्य के आधार पर गिरफ्तारी का अधिकार है. स्थानीय न्यायालय में प्रस्तुत कर के साथ ला भी सकती है.
Posted By : Kaushal Kishor
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