Bihar News: कौन थी शिल्पी, जिस मर्डर केस में प्रशांत किशोर बना रहे सम्राट चौधरी को आरोपित

Author Ashish jha
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Bihar News: शिल्पी गौतम रेप और मर्डर केस में सम्राट चौधरी आरोपित थे. प्रशांत किशोर इसी मामले को फिर से उठा रहे हैं, जबकि सम्राट चौधरी का कहना है कि सीबीआई जांच के बाद कोर्ट ने वर्षों पहले उन्हें इस मामले से रिहा कर दिया है. प्रशांत किशोर अब सबूतों पर सवाल उठा रहे हैं. मामला अब भी विवादों में बता रहे है.

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Bihar News: पटना. शिल्पी गौतम रेप और मर्डर केस बिहार की सियासत में एक बार फिर चर्चा में है. इस मर्डर केस में अब तक साधु यादव पर बात होती थी, लेकिन इस बार बहस के केंद्र में है बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी. जनसुराज के संयोजक प्रशांत किशोर ने सम्राट चौधरी पर गंभीर आरोप लगाया है. इस मर्डर केस में प्रशांत किशोर के खुलासे के बाद बिहार की राजनीति में हलचल मच गई है.

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सम्राट पर लगाये गंभीर आरोप

प्रशांत किशोर ने कहा कि शिल्पी गौतम रेप और मर्डर केस के कई आरोपित थे. इस मामले के आरोपितों में एक नाम सम्राट चौधरी का भी दर्ज है. उस समय भी सम्राट चौधरी पर कई सवाल उठे थे. उस केस में सम्राट चौधरी अभियुक्त के तौर पर संदिग्ध थे. उस मामले में सीबीआई जांच हुई थी. प्रशांत किशोर ने सवाल उठाया कि इस मामले में सम्राट चौधरी का सैंपल लिया गया? प्रशांत किशोर ने कहा कि इस केस में सम्राट चौधरी की भूमिका अब भी संदिग्ध है.

कौन थी शिल्पी जैन

मिस पटना का खिताब जीत चुकी शिल्पी जैन पटना वीमेंस कॉलेज की छात्रा थीं. उनके पिता उज्जवल कुमार जैन शहर के बड़े कपड़ा कारोबारी हैं. शिल्पी के दोस्त गौतम सिंह एनआरआई परिवार से थे. उनके पिता ब्रिटेन में डॉक्टर थे. गौतम की रुचि राजनीति में थी. गौतम राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) की युवा शाखा से जुड़े थे. कई सत्ताधारी नेताओं से उनकी दोस्ती थी. शिल्पी और गौतम की मुलाकात जल्दी ही प्यार में बदल गई, लेकिन 3 जुलाई 1999 को पटना में दोनों के शव बरामद हुए. उस वक्त 23 साल की थीं.

बॉबी हत्याकांड के बाद दूसरी बड़ी घटना

बिहार में बॉबी हत्याकांड के बाद सबसे बड़ा पॉलिटिकल मर्डर मिस्ट्री शिल्पी गौतम हत्यकांड ही है. 3 जुलाई 1999 को पटना के एक सरकारी क्वार्टर के गैराज में सफेद मारुति कार से दो लाशें बरामद हुईं. दोनों लाशें अर्धनग्न हालत में थीं. इस मामले में लालू प्रसाद के साले साधु यादव समेत कई लोगों को आरोपित बनाया गया, जिसमें एक सम्राट चौधरी भी थे. साल 1999 का यह केस बिहार की राजनीति में एक बार फिर चर्चा में है. इस हाई-प्रोफाइल मर्डर केस में सीबीआई ने अब तक किसी गुनहगार को सजा नहीं दिला पायी है.

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