Bihar News: जल-जीवन-हरियाली अभियान का दिखा रंग, इन जिलों को जल संकट से मिली मुक्ति

Water life greenery campaign
Bihar News जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत लघु जल संसाधन विभाग पांच एकड़ रकवा से बड़े पोखरों एवं एक एकड़ से बड़े आहर-पईन का जीर्णोद्धार का काम चल रहा है. जबकि छोटी-छोटी नदियों और नालों पर जल संचयन के उद्देश्य से 2000 हेक्टेयर तक कमांड क्षेत्र वाले चेकडैम व वीयर का जीर्णोद्धार और निर्माण कराया गया.
Bihar News बिहार मे वर्ष 2019 के जलसंकट के बाद मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहल पर बिहार के सभी 38 जिलों में भूजल को संरक्षित करने और बारिश के पानी को संग्रहित कर उसका इस्तेमाल सिंचाई के साथ-साथ दैनिक कार्यों में किए जाने का जो अभियान शुरू किया गया था, अब उसके सुखद परिणाम सामने आने लगे हैं. भूजल संकट का सामना करने वाले राज्य के जमुई और गया की पहाड़ियों और जंगलों में एकबार फिर से हरियाली लौट आई है. इसके साथ ही, हर साल गंभीर जलसंकट का सामना करने वाले दक्षिण बिहार के सभी जिलों में भूजल का स्तर बेहतर हुआ है.
ये बाते जल-जीवन-हरियाली दिवस पर बुधवार को जल भवन में लघु जल संसाधन विभाग द्वारा आयोजित एक परिचर्चा में निकलकर सामने आया. जल-जीवन-हरियाली मिशन की निदेशक प्रतिभा रानी ने कहा कि इस मिशन में शामिल सभी विभागों ने काफी अच्छा काम किया है. इस अभियान को राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई पुरस्कार भी मिले हैं.
लघु जल संसाधन विभाग के अभियंता प्रमुख सुनील कुमार ने परिचर्चा में कहा कि लघु जल संसाधन विभाग के द्वारा जल-जीवन-हरियाली अभियान एवं हर खेत तक सिंचाई का पानी के तहत कई कार्य कराए जा रहे हैं. इनमें अतिक्रमण मुक्त सार्वजनिक जल संचयन संरचनाओं, जैसे एक एकड़ रकवा से बड़े आहर-पईन और पांच एकड़ रकवा से बड़े पोखरों व तालाबों को चिन्हित कर उनका जीर्णोद्धार शामिल हैं.
उन्होंने कहा कि 2000 हेक्टेयर तक कमांड क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए वीयर और चेकडैम का निर्माण कराया जा रहा है. अभियंता प्रमुख ने कहा कि राज्य के पठारी क्षेत्रों में बड़े-बड़े जल निकायों का निर्माण कराया जा रहा है. पहाड़ों की तलहटी के चारों ओर गारलैंड ट्रैंच का जीर्णोद्धार और निर्माण कार्य जारी है.
2000 हेक्टेयर तक कमांड क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध
उन्होंने कहा कि इसमें जल-जीवन-हरियाली अभियान के तहत लघु जल संसाधन विभाग को अवयव-2 अंतर्गत पांच एकड़ रकवा से बड़े पोखरों एवं एक एकड़ से बड़े आहर-पईन का जीर्णोद्धार भी शामिल हैं. जबकि छोटी-छोटी नदियों और नालों पर जल संचयन के उद्देश्य से 2000 हेक्टेयर तक कमांड क्षेत्र वाले चेकडैम व वीयर का जीर्णोद्धार और निर्माण कार्य कराने का दायित्व भी उनके विभाग को दिया गया है.
उन्होंने कहा कि जल-जीवन-हरियाली अभियान के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2023-24 तक कुल 2377 योजनाएं स्वीकृत की गईं हैं. जिनमें 2266 योजनाएं पूर्ण की जा चुकी हैं. अबतक पूर्ण योजनाओं से कुल 2,37,473 हेक्टेयर भूमि पर सिंचाई क्षमता को पुनर्स्थापित किया जा चुका है.
साथ ही 992 लाख घनमीटर जल संचयन क्षमता पुनर्स्थापित की जा चुकी है. उन्होंने कहा कि वित्तीय वर्ष 2024-25 में कुल 139 योजनाओं को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है. इन योजनाओं के पूर्ण होने से कुल 25,822 हेक्टेयर सिंचाई क्षमता के पुनर्स्थापन के साथ-साथ राज्य में जल संचयन क्षमता भी बढ़ेगी.
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By RajeshKumar Ojha
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