'हमें बेड़ियों में नहीं बांधा जा सकता...', UGC के नए कानून के खिलाफ पटना में प्रदर्शन, काला झंडा लेकर सड़क पर उतरे लोग
Published by : Abhinandan Pandey Updated At : 29 Jan 2026 4:17 PM
यूजीसी के नए कानून के खिलाफ काला झंडा लेकर सड़क पर उतरे लोग
UGC Bill 2026: UGC बिल 2026 के खिलाफ पटना में करणी सेना का प्रदर्शन तेज हो गया है. हाथों में “काला कानून वापस लो” के पोस्टर लिए प्रदर्शनकारियों ने कहा कि इस तरह के बिल से सरकार सवर्णों को बेड़ियों में नहीं कुचल सकती.
UGC Bill 2026: UGC बिल 2026 पर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को बड़ा फैसला लिया. कोर्ट ने इस बिल के अमल पर रोक लगा दी है. केंद्र सरकार से 19 मार्च तक जवाब मांगा गया है. चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया ने साफ कहा कि इस बिल के गलत इस्तेमाल की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता. इस बिल को लेकर देशभर में विरोध-प्रदर्शन जारी है.
बिहार की राजधानी पटना में भी UGC बिल के खिलाफ प्रदर्शन देखने को मिला. राजपूत करणी सेना के कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे हैं. हाथों में “काला कानून वापस लो” लिखे पोस्टर हैं. सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी हो रही है.
प्रदर्शन कर रहे लोगों ने क्या कहा?
प्रदर्शन कर रहे लोगों का कहना है कि “इस तरह के बिल से सरकार सवर्णों को बेड़ियों में नहीं जकड़ सकती.” लोगों ने सवाल उठाया कि अगर ऐसे कानून लागू होंगे तो फिर कॉलेज अलग किए जाएं. डॉक्टर भी अलग किए जाएं. उनलोगों ने कहा कि यह मान लेना गलत है कि ऊंची जाति में हैं तो बहुत शक्तिशाली हैं.
क्या बोले केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह?
प्रदर्शनकारियों की मांग साफ है. या तो सरकार इस बिल में संशोधन करे. या फिर इसे पूरी तरह वापस ले. इस बीच, UGC बिल पर सुप्रीम कोर्ट की रोक के बाद केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का आभार जताया. कहा कि कोर्ट ने समय रहते दखल दिया है.
UGC बिल पर ललन सिंह ने साध ली चुप्पी
वहीं, दिल्ली से पटना पहुंचे केंद्रीय मंत्री ललन सिंह से जब इस बिल को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने चुप्पी साध ली. पटना एयरपोर्ट पर मीडिया ने उनसे लगातार सवाल पूछे. पत्रकारों ने कहा, “आप सवर्णों के बड़े नेता माने जाते हैं. UGC बिल पर आपका क्या रुख है?” इस सवाल पर ललन सिंह बिना कोई जवाब दिए आगे बढ़ते रहे. उन्होंने एक भी सवाल का जवाब नहीं दिया.
UGC बिल को लेकर फिलहाल सियासत गरमाई हुई है. सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है. देशभर में हो रहे प्रदर्शन से सरकार पर दबाव बढ़ता दिख रहा है. अब सबकी नजर 19 मार्च पर टिकी है. उसी दिन तय होगा कि इस बिल की आगे की दिशा क्या होगी.
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By Abhinandan Pandey
अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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