Bihar News: भोजपुर में STF की बड़ी कार्रवाई, AK-47 समेत भारी हथियार बरामद, दो तस्कर गिरफ्तार

STF's big action in Bhojpur, heavy weapons including AK-47 recovered, two smugglers arrested
Bihar News: चुनावी मौसम से पहले बिहार पुलिस ने हथियारबंद साजिश का बड़ा खेल उजागर कर दिया है—AK-47 और जिंदा कारतूसों से भरा जखीरा बरामद, तस्कर गिरफ्तार.
Bihar News: बिहार के भोजपुर जिले से शुक्रवार को एक बड़ी खबर सामने आई, जिसने पूरे सीमांचल और मगध इलाके में हलचल मचा दी. पटना एसटीएफ और शाहपुर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में भारी मात्रा में हथियार और जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं. इनमें एके-47 राइफल से लेकर पिस्टल और रिवॉल्वर तक शामिल हैं.
इस दौरान दो तस्करों को गिरफ्तार भी किया गया माना जा रहा है कि यह तस्करी चुनावी माहौल में असामाजिक गतिविधियों को हवा देने के मकसद से की जा रही थी.
शाहपुर में हड़कंप मचाने वाली छापेमारी
पटना एसटीएफ को गुप्त सूचना मिली थी कि भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र में हथियारों की बड़ी खेप छिपाकर रखी गई है. सूचना की गंभीरता को देखते हुए एसटीएफ ने शाहपुर पुलिस के साथ तुरंत छापेमारी की योजना बनाई. शाहपुर नगर पंचायत के वार्ड नंबर 3 और 6 में हुई इस कार्रवाई के दौरान सुरक्षाकर्मियों ने जिस तरह से हथियार बरामद किए, उसने पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया.
कार्रवाई में पुलिस ने 1 एके-47 राइफल, 1 बंदूक, 2 पिस्टल, 2 देसी कट्टा, 1 रिवॉल्वर और करीब 70 जिंदा कारतूस बरामद किए. इतनी बड़ी मात्रा में हथियार एक ही जगह से मिलना सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय है. मौके से दो तस्करों को भी गिरफ्तार किया गया है, जिनसे पूछताछ की जा रही है.
चुनाव से पहले बढ़ी सुरक्षा चिंता
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 नजदीक हैं और इसी दौरान इतनी बड़ी बरामदगी ने सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं. आशंका जताई जा रही है कि इन हथियारों का इस्तेमाल चुनावी हिंसा या असामाजिक तत्वों द्वारा माहौल बिगाड़ने के लिए किया जा सकता था. इससे पहले भी बिहार में चुनाव पूर्व हथियार बरामदगी के कई मामले सामने आ चुके हैं, जो बताता है कि तस्कर चुनावी सीजन को अपने फायदे का मौका मानते हैं.
गिरफ्तार तस्करों के तार अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े हो सकते हैं. STF को शक है कि इन हथियारों की आपूर्ति पड़ोसी राज्यों से होती रही है और इसका नेटवर्क बिहार के अलग-अलग जिलों तक फैला हुआ है. पूछताछ के आधार पर जल्द ही अन्य ठिकानों पर भी छापेमारी की संभावना जताई जा रही है. अगर ऐसा हुआ तो कई और चौंकाने वाले खुलासे सामने आ सकते हैं.
राहत और सतर्कता का मिला-जुला माहौल
इस कार्रवाई के बाद शाहपुर और आसपास के इलाकों के लोगों ने राहत की सांस ली है. आम नागरिकों का मानना है कि समय रहते पुलिस और एसटीएफ ने बड़ी घटना को रोक दिया, वरना हालात बेकाबू हो सकते थे. हालांकि, लोगों के मन में यह सवाल भी है कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में हथियार बिहार में कैसे पहुंच जाते हैं और तस्करों को इनकी खपत कहां मिलती है.
बिहार पुलिस और STF की इस संयुक्त कार्रवाई को अब तक की बड़ी सफलताओं में से एक माना जा रहा है. इससे खुफिया तंत्र की सक्रियता और समय पर कार्रवाई की क्षमता साबित हुई है. सुरक्षा एजेंसियां अब इस नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करने की दिशा में जुटी हैं ताकि भविष्य में किसी तरह की बड़ी घटना को रोका जा सके.
चुनावी सुरक्षा के लिए बड़ा सबक
यह घटना चुनावी सुरक्षा व्यवस्था के लिए बड़ा सबक है. आने वाले दिनों में न केवल भोजपुर बल्कि पूरे बिहार में छापेमार कार्रवाई तेज हो सकती है.
पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां यह सुनिश्चित करने की कोशिश करेंगी कि किसी भी कीमत पर असामाजिक ताकतें चुनाव को प्रभावित न कर पाएं.
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लेखक के बारे में
By Pratyush Prashant
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
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