ePaper

Bihar News: बिहार में यहां फैल रही लंपी स्किन डिजीज, पशुपालकों के बीच दहशत का माहौल

Updated at : 12 Sep 2025 12:13 PM (IST)
विज्ञापन
Bihar News Lumpy skin disease is spreading in Bihta

बिहटा लंबी स्किन डिजीज से प्रभावित पशु

Bihar News: बिहार के बिहटा में लंपी स्किन डिजीज का प्रकोप फैलता ही जा रहा है. अब तक काफी संख्या में जानवर इसकी चपेट में आ गए हैं. ऐसे में पशुपालकों के बीच दहशत और बेचैनी बढ़ गई है. दरअसल, इस वजह से पशुपालकों को आर्थिक रूप से नुकसान उठाना पड़ रहा है.

विज्ञापन

Bihar News: (मोनु कुमार मिश्रा,बिहटा) पटना के बिहटा में कई गांवों में जानवरों के बीच लंपी जैसी स्किन डिजीज फैलने लगी है. अब तक 12 से अधिक पशु इस संक्रमण की चपेट में आ चुके हैं, जिससे पशुपालकों में दहशत और बेचैनी बढ़ गई है. गांव के पशुपालक मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि उनकी गिर नस्ल की गाय अचानक बीमार पड़ गई. पूरे शरीर पर बड़े-बड़े घाव हो गए और हालत गंभीर हो गई. डॉक्टर ने लक्षण के आधार पर इसे लंपी जैसी बीमारी बताया.

बीमारी के लक्षण

डॉक्टर के अनुसार यह एक वायरल संक्रमण है, जो मुख्य रूप से मक्खी और मच्छरों के जरिए फैलता है. इस बीमारी में मवेशियों के शरीर पर कठोर गांठें निकल आती हैं, तेज बुखार आता है, पैरों में सूजन हो जाती है और दूध उत्पादन काफी कम हो जाता है. इसके कारण पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है.

पशु विभाग की स्थिति

बिहटा के पशु चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. सिमु ने बताया कि कटेसर राघोपुर, श्रीचंदपुर, आनंदपुर सहित कई गांवों से अब तक 33 पशुओं के बीमार होने की सूचना मिली है. लक्षण के आधार पर इलाज चल रहा है. टीम लगातार प्रभावित गांवों का दौरा कर रही है और दवा उपलब्ध करा रही है. साथ ही पशुपालकों को संक्रमित पशुओं को अलग रखने और साफ-सफाई बनाए रखने की हिदायत दी जा रही है.

बचाव के उपाय

विशेषज्ञों ने बीमारी से बचाव के लिए टीकाकरण, संक्रमित पशु को आइसोलेट करने, नियमित साफ-सफाई और पौष्टिक आहार देने पर जोर दिया है.

पशुपालक कर रहे घरेलू उपाय

स्थानीय स्तर पर पशुपालक भी अपने स्तर से इलाज की कोशिश कर रहे हैं. इसमें तुलसी, पान का पत्ता, गोल मिर्च, हल्दी और नमक को गुड़ में मिलाकर गोली बनाकर खिलाना शामिल है. इसके अलावा पशुओं को नीम या फिटकरी के पानी से धोने और बाड़े की साफ-सफाई पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है. पशु चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा अलग-अलग पंचायतों में जागरूकता शिविर का आयोजन भी किया जा रहा है. डॉक्टर ने बताया कि जांच के लिए सैंपल भेजा गया है.

Also Read: Bihar News: बिहार का ऐसा रेलवे स्टेशन जहां पूरे साल में सिर्फ 15 दिन रुकती है ट्रेन, जानिए क्या है वजह…

विज्ञापन
Preeti Dayal

लेखक के बारे में

By Preeti Dayal

डिजिटल जर्नलिज्म में 3 साल का अनुभव. डिजिटल मीडिया से जुड़े टूल्स और टेकनिक को सीखने की लगन है. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं. बिहार की राजनीति और देश-दुनिया की घटनाओं में रुचि रखती हूं.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन