Bihar News: राजवल्लभ यादव पर सरकार मेहरबान, नाबालिग से दुष्कर्म के दोषी पूर्व विधायक को मिला पेरोल

Author Ashish jha
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Rajvallabh Yadav

Rajvallabh Yadav

Bihar News: जेल आईजी प्रणव कुमार ने आदर्श केंद्रीय कारा बेऊर के जेल अधीक्षक को इस संबंध में पत्र लिखकर सूचित किया है. यह पैरोल उनकी वृद्ध मां और स्वयं की बीमारी के इलाज के साथ-साथ पुश्तैनी जमीन का भाइयों के बीच बंटवारा करने के लिए स्वीकृत की गई है.

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Bihar News: पटना. नाबालिग से दुष्कर्म के आरोप में आजीवन कारावास की सजा काट रहे नवादा के पूर्व विधायक और राष्ट्रीय जनता दल के बाहुबली नेता राजवल्लभ यादव को 15 दिनों की पेरोल मिल गई है. गृह विभाग के कारा एवं सुधार सेवाएं निरीक्षणालय ने उनकी पेरोल को मंजूरी दे दी है. बेऊर जेल में बंद राजवल्लभ यादव के जेल से बाहर आने की तिथि से यह पेरोल प्रभावी होगी. जेल आईजी प्रणव कुमार ने आदर्श केंद्रीय कारा बेऊर के जेल अधीक्षक को इस संबंध में पत्र लिखकर सूचित किया है. यह पेरोल उनकी वृद्ध मां और स्वयं की बीमारी के इलाज के साथ-साथ पुश्तैनी जमीन का भाइयों के बीच बंटवारा करने के लिए स्वीकृत की गई है.

आजीवन कारावास की सजा काट रहे राजद नेता

राजवल्लभ यादव की छवि नवादा के बाहुबली नेता की रही है. 2016 में, 15 वर्षीय एक नाबालिग लड़की ने उन पर दुष्कर्म का आरोप लगाया था. लड़की ने दावा किया था कि 6 फरवरी, 2016 को जन्मदिन की पार्टी के बहाने उसे एक बोलेरो गाड़ी से एक घर में ले जाया गया, जहां उसे नशीला पदार्थ खिलाकर उसके साथ दुष्कर्म किया गया. यह मामला कुछ समय तक ठंडे बस्ते में रहा, लेकिन विवाद बढ़ने के बाद राजवल्लभ यादव ने आत्मसमर्पण कर दिया था. इस केस के ट्रायल के दौरान उच्च न्यायालय में बीस गवाहों ने अपनी गवाही दी थी, जिसके बाद उन्हें आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई.

अगस्त 2023 में भी मिला था पैरोल

पूर्व राजद विधायक को इससे पहले 6 अगस्त 2023 में भी 15 दिनों का पेरोल मिला था. नाबालिग के साथ दुष्कर्म के मामले में सजायाफ्ता राजबल्लभ यादव को 15 दिनों का पेरोल उस समय भी जेल प्रशासन ने मां के इलाज कराने के लिए दिया था. जेल प्रशासन के मुताबिक राजबल्लभ यादव ने आवेदन दिया था कि उसकी मां की तबीयत खराब है, लिहाजा उसे 15 दिनों के लिए पेरोल पर रिहा कर दिया जाये. इसके बाद उसे 15 दिनों के लिए जेल से छोड़ा गया था. बेऊर जेल प्रशासन के अनुसार राजबल्लभ यादव 22 अगस्त तक जेल से बाहर रहे थे.

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आशीष झा

लेखक के बारे में

By आशीष झा

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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