बिजली चोरी करने वाले हो जाएं सावधान, अब गूगल अर्थ से ट्रेस होगी लोकेशन, ऐसे काम करेगी नई तकनीक

Updated at : 07 Feb 2026 2:32 PM (IST)
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BIhar-Bijli-Chori

सांकेतिक फोटो

Bihar News: बिहार में बिजली चोरी रोकने के लिए सरकार ने हाईटेक रास्ता अपनाया है. यूपी के बाद अब बिहार में भी गूगल अर्थ एप और स्मार्ट प्रीपेड मीटर के जरिए बिजली चोरी की पहचान की जाएगी. नई व्यवस्था के तहत जीरो यूनिट खपत, निगेटिव बैलेंस और बेहद कम बिजली इस्तेमाल करने वाले कस्टमर सीधे सिस्टम में पहचान लिए जाएंगे. इससे न केवल चोरी पर लगाम लगेगी, बल्कि सरकार की कमाई भी बढ़ेगी.

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Bihar News: अब बिजली चोरी वालों पर तकनीक से नजर रखी जाएगी. बिहार बिजली विभाग अब हाईटेक हो गया है. उत्तर प्रदेश की तर्ज पर अब बिहार में भी बिजली चोरी पकड़ने के लिए गूगल अर्थ (Google Earth) और स्मार्ट प्रीपेड मीटर का इस्तेमाल शुरू हो गया है. अब किसी लाइनमैन की मुखबिरी की जरूरत नहीं पड़ेगी, बल्कि सैटेलाइट और डिजिटल मैप खुद बताएंगे कि किस घर में बिजली की चोरी हो रही है.

कैसे पता चलेगा कहां हो रही चोरी

अब बिजली विभाग को सिर्फ लाइनमैन या मैसेजिंग सिस्टम पर निर्भर नहीं रहना होगा. स्मार्ट प्रीपेड मीटर से मिलने वाला डाटा खुद गलत करने वालों की पहचान करेगा. जिन घरों में असामान्य रूप से जीरो यूनिट या बहुत कम खपत दिखेगी, वे सीधे निगरानी सूची में आ जाएंगे. ऐसे मामलों में यह साफ माना जाएगा कि या तो मीटर से छेड़छाड़ हुई है या फिर अवैध कनेक्शन से बिजली इस्तेमाल की जा रही है.

इस नई व्यवस्था की सबसे अहम कड़ी जूनियर इंजीनियरों का मोबाइल है. उनके फोन में एक विशेष एप इंस्टॉल किया जाएगा, जिसमें कंज्यूमर आईडी डालते ही उपभोक्ता की सटीक लोकेशन सामने आ जाएगी. स्मार्ट मीटर में लगे चिप के जरिए घर की पहचान होगी और गूगल अर्थ मैप पर उस मकान के ऊपर लाल निशान दिखेगा. यह संकेत होगा कि यहां बिजली चोरी की आशंका है.

लाल निशान दिखा तो होगी छापेमारी

गूगल अर्थ पर लाल रंग से चिह्नित घरों की सूची बनाकर विभाग विशेष छापेमारी टीम भेजेगा. मौके पर जांच के दौरान यदि बिजली चोरी पकड़ी जाती है तो तत्काल कानूनी प्रक्रिया शुरू की जाएगी और एफआईआर दर्ज कराई जाएगी. अधिकारियों का कहना है कि इससे कार्रवाई ज्यादा तेज, सटीक और प्रभावी होगी.

गूगल अर्थ एप से पहले उन इलाकों की पहचान होगी जहां चोरी की संभावना ज्यादा है. इन क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाएगी. पूरा डाटा विभाग के पास उपलब्ध रहेगा, जिससे यह समझना आसान होगा कि कहां वास्तविक खपत नहीं दिख रही और कहां गड़बड़ी है.

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बिजली चोरों को सख्त चेतावनी

इंजीनियर पंकज राजेश ने साफ कहा है कि अब बिजली चोरी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. स्मार्ट प्रीपेड मीटर के जरिए हर गतिविधि विभाग तक पहुंच रही है. उन्होंने चेतावनी दी कि डिजिटल निगरानी के इस दौर में चोरी करने वाले खुद ही अपने खिलाफ सबूत छोड़ रहे हैं.

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Paritosh Shahi

लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.

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