Bihar News: प्रवर्तन निदेशालय (ED) के पटना जोनल कार्यालय ने नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) से जुड़े एक भ्रष्टाचार मामले में बड़ी कार्रवाई की है. ईडी ने NHAI के तत्कालीन डिप्टी जनरल मैनेजर (DGM) प्रभांशु शेखर की करीब 2.85 करोड़ रुपये की चल और अचल संपत्ति को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है. यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग निवारण अधिनियम (PMLA), 2002 के तहत की गई है.
ईडी के अनुसार, ये सभी संपत्तियां भ्रष्टाचार से अर्जित धन से खरीदी गई थीं. प्रभांशु शेखर ने यह संपत्ति अपने नाम के साथ-साथ अपने परिवार के सदस्यों के नाम पर भी निवेश की थी, ताकि अवैध कमाई को छिपाया जा सके.
बिहार और दिल्ली में स्थित फ्लैट भी जब्त
जब्त की गई संपत्तियों में बिहार और दिल्ली में स्थित फ्लैट और जमीन शामिल हैं. इसके अलावा कई बैंक खातों में जमा रकम, सोना-चांदी के आभूषण, बीमा पॉलिसियों में किया गया निवेश और अन्य चल संपत्तियां भी ईडी की कार्रवाई के दायरे में आई हैं. जांच एजेंसी का कहना है कि इन संपत्तियों का स्रोत प्रभांशु शेखर की वैध आय से मेल नहीं खाता.
परिवार के सदस्यों के खातों में छिपाई संपत्ति
ईडी की जांच में सामने आया है कि आरोपी अधिकारी ने भ्रष्टाचार के जरिए कमाए गए पैसे को परिवार के सदस्यों के खातों और संपत्तियों में लगाकर उसे छिपाने की कोशिश की. इसी आधार पर मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर संकेत मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई.
आगे की कार्रवाई जारी
प्रवर्तन निदेशालय ने बताया कि फिलहाल सभी संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया गया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है. मामले की जांच अभी चल रही है और आने वाले समय में इसमें और भी खुलासे हो सकते हैं. ईडी ने साफ किया है कि सरकारी अधिकारियों द्वारा भ्रष्टाचार के जरिए बनाई गई संपत्तियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी.

