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Bihar News: बिहार हुआ देश भर में अव्वल, इस मामले में महाराष्ट्र और यूपी को भी पीछे छोड़ा

Updated at : 28 Apr 2025 1:13 PM (IST)
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bihar jail news| Bihar News: In Bihar, prisoners are preparing for government jobs from jail, studying online through Kindle books.

Bihar News: मालूम हो कि जेलों में बंद कैदियों की उनके परिजनों से मुलाकात की व्यवस्था को पारदर्शी और सुगम बनाने को लेकर देशभर की जेलों में ई मुलाकात की व्यवस्था की गई है.

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Bihar News: पटना. जेलों में मुलाकातियों का डिजिटल ब्योरा रखने में बिहार देश में अव्वल है. 2024-25 के दौरान बिहार की 59 जेलों मेंबंद कैदियों से 7.21 लाख लोगों ने मुलाकात की, जिनमें 99.99 फीसदी मुलाकातियों की पूर्व से ऑनलाइन एंट्री के बाद ही जेल परिसर में प्रवेश दिया गया. इस दौरान सबसे अधिक 22.15 लाख मुलाकाती वाले उत्तर प्रदेश की जेलों में पहुंचे 98 फीसदी से अधिक मुलाकातियों की मैनुअल एंट्री हुई. दो फीसदी भी मुलाकातियों की डिजिटल एंट्री नहीं की गयी.

ई मुलाकात की व्यवस्था

वीडियो कांफ्रेंसिंग से कैदियों से मुलाकात के मामले में भी बिहार, महाराष्ट्र और दिल्ली के बाद तीसरे नंबर पर रहा. इस अवधि में महाराष्ट्र में 1,55,135, दिल्ली में 59,341 और बिहार में 42412 कैदियों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से मुलाकात कराई गई. मालूम हो कि जेलों में बंद कैदियों की उनके परिजनों से मुलाकात की व्यवस्था को पारदर्शी और सुगम बनाने को लेकर देशभर की जेलों में ई मुलाकात की व्यवस्था की गई है.

बेऊर के बाद मुजफ्फरपुर सेंट्रल

भारत सरकार के नेशनल प्रिजन पोर्टल के मुताबिक एक अप्रैल 2024 से 31 मार्च 2025 की अवधि में बिहार के आदर्श केंद्रीय कारा बेऊर में सबसे अधिक 39134 मुलाकाती आये. इसके बाद मुजफ्फरपुर के शहीद खुदीराम बोस सेंट्रल जेल में 37938, सेंट्रल जेल गया में 27272, जिला जेल सीतामढ़ी में 26983, सेंट्रल जेल पूर्णिया में 26477, जिला जेल अररिया में 25833, जिला जेल हाजीपुर में 23590, जिला जेल आरा में 23166, जिला जेल बिहारशरीफ में 22668, जिला जेल छपरा में 20895 और जिला जेल समस्तीपुर में 20618 मुलाकाती आये हैं.

मुलाकातियों पर निगरानी हुई आसान

ई-मुलाकात की व्यवस्था लागू होने से जेलों में कैदियों से मुलाकात को लेकर होनेवाली अव्यवस्था दूर हुई है. अब कैदियों से मुलाकात को लेकर जेलों के आसपास परिजनों की भीड़ नहीं दिखती. ई-प्रिजन पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन के बाद परिजनों को मुलाकात का स्लॉट निर्धारित होता है. ई-मुलाकात की व्यवस्था लागू होने से कैदियों से मिलनेवाले लोगों की निगरानी भी आसान हो गई है.

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Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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