Bihar: 58 की उम्र में प्रोफेसर बने बिहार के ये मंत्री, अब कॉलेज में पढ़ाएंगे पॉलिटिकल साइंस

Published by : Abhinandan Pandey Updated At : 25 Jun 2025 12:09 PM

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नीतीश के साथ मंत्री अशोक चौधरी

Ashok Chaudhary: बिहार के वरिष्ठ मंत्री अशोक कुमार चौधरी अब शिक्षा के क्षेत्र में नई पारी शुरू करने जा रहे हैं. उन्हें बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग (BSUSC) द्वारा राजनीतिक विज्ञान विषय में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर चयनित किया गया है. यह पहला मौका है जब किसी मौजूदा मंत्री ने प्रोफेसर की जिम्मेदारी निभाने का फैसला किया है.

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Ashok Chaudhary: बिहार की राजनीति में एक अनोखी मिसाल कायम करते हुए ग्रामीण कार्य मंत्री अशोक कुमार चौधरी अब शिक्षा के क्षेत्र में भी कदम रखने जा रहे हैं. 56 वर्षीय चौधरी का चयन बिहार राज्य विश्वविद्यालय सेवा आयोग (BSUSC) द्वारा असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में हुआ है. वह राजनीतिक विज्ञान विभाग में अपनी सेवाएं देंगे. अनुसूचित जाति श्रेणी से चयनित अशोक चौधरी अब कक्षा में विद्यार्थियों को पढ़ाते नजर आएंगे.

BSUSC द्वारा 274 उम्मीदवारों का किया गया है चयन

BSUSC द्वारा जारी 280 रिक्तियों में से 274 उम्मीदवारों का चयन किया गया, जिनमें मंत्री चौधरी भी शामिल हैं. आयोग ने चयन प्रक्रिया में शैक्षणिक योग्यता, शिक्षण अनुभव, शोध कार्य और इंटरव्यू को आधार बनाया था. यह पद उनके लिए महज एक नौकरी नहीं, बल्कि शिक्षा में योगदान देने का सपना भी है, जिसे वे वर्षों से संजोए हुए थे.

राजनीति से ले सकते हैं अवकाश

अशोक चौधरी के परिवार ने पुष्टि की है कि वे यह पद स्वीकार करेंगे और इसके बाद राजनीति से कुछ समय के लिए अवकाश ले सकते हैं और प्रोफेसर की भूमिका निभाएंगे. बेटी और लोजपा (रामविलास) की समस्तीपुर सांसद शांभवी चौधरी ने भी उनके चयन को गर्व का विषय बताया.

राजनीति के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी करना चाहते हैं सार्थक

चौधरी पहले भी कई बार यह बात कह चुके हैं कि वे राजनीति के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी कुछ सार्थक करना चाहते हैं. यह खबर न केवल राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी हुई है, बल्कि शिक्षाविदों और छात्रों के बीच भी एक प्रेरणा बनकर सामने आई है.

नीतीश कुमार के बेहद करीबी माने जाने वाले अशोक चौधरी इस समय बिहार के तीन प्रमुख मंत्रियों में से एक हैं. उनका यह नया सफर यह साबित करता है कि राजनीति और शिक्षा दोनों में समर्पण के साथ संतुलन बनाया जा सकता है. अब सबकी नजर इस पर है कि वे किस कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के रूप में योगदान देंगे.

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अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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