पटना : पटना-गया-डोभी फोरलेन के दो पैकेजों को केंद्र सरकार से मंजूरी मिलने के बाद एनएचएआइ ने इसके निर्माण का आदेश जारी कर दिया है. इसके तहत करीब 930 करोड़ रुपये की लागत से लगभग 88 किमी की लंबाई में सड़क बनायी जायेगी. निर्माण कार्य पूरा करने के लिए 24 माह का समय निर्धारित किया गया है. इसका निर्माण पूरा होने पर पटना के जयप्रकाश नारायण हवाई अड्डे से गया एयरपोर्ट की दूरी सौ मिनटों में तय की जा सकेगी. साथ ही पटना का ग्रैंड ट्रंक रोड( जीटी रोड) से सीधी कनेक्टिविटी हो जायेगी. इससे दक्षिण बिहार का तेजी से विकास होगा. यह जानकारी पथ निर्माण मंत्री नंद किशोर यादव ने दी.
आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक करीब 125 किलोमीटर की लंबाई में पटना-गया-डोभी फोरलेन सड़क परियोजना का काम तीन पैकेजों में होना है. पहले पैकेज के लिए टेंडर निकाला जा चुका है. इसके टेक्निकल टेंडर का मूल्यांकन किया जा रहा है. दूसरे पैकेज के अंतर्गत जहानाबाद जिले में करीब 464 करोड़ की लागत से करीब 44 किलोमीटर की लंबाई में फोरलेन सड़क का निर्माण होगा. पैकेज थ्री फोरलेन भी गया जिले के अंतर्गत करीब 464 करोड़ की लागत से 44 किमी लंबाई में बनाया जायेगा. राज्य सरकार ने इस परियोजना की कुल 125 किमी में से 122 किमी भूमि अर्जन कर एनएचएआइ को उपलब्ध करा दी है. दरअसल पटना-गया-डोभी फोरलेन सड़क परियोजना में 65 किमी ग्रीन फील्ड का हिस्सा और 62.217 किलोमीटर सड़क का चौड़ीकरण किया जाना है.
इस परियोजना के तहत पुनपुन,मसौढ़ी, जहानाबाद, मखदुमपुर, बेलागंज , गया आदि में बाइपास का निर्माण किया जा रहा है. यह सड़क राजधानी पटना के अनिसाबाद के पास सरिस्ताबाद गांव से शुरू होकर नथुपुर, महुली, पुनपुन, मसौढ़ी, जहानाबाद, मखदुमपुर, बेलागंज, चाकंद, गया बाइपास, बोधगया होते हुए जीटी रोड तक जायेगी.
मंत्री ने केंद्र का जताया आभार : नंद किशोर यादव ने कहा है कि एनएचएआइ द्वारा कार्य आवंटन होने के फलस्वरूप कुछ सप्ताह में कार्य प्रारंभ हो जायेगा. उन्होंने बिहार की इस महत्वपूर्ण परियोजना की स्वीकृति व संसाधन उपलब्ध कराने के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के प्रति आभार प्रकट किया है.

