Bihar Land Survey: जमीन सर्वे से तय नहीं होगा पारिवारिक बंटवारा, रैयत जीवित हैं तो वंशावली देना जरूरी नहीं

Published by : Radheshyam Kushwaha Updated At : 08 Sep 2024 10:47 PM

विज्ञापन

Bihar Land Survey

Bihar Land Survey: जमीन सर्वे के माध्यम से खतियान बनाया जायेगा. ऐसे में आवेदक की वंशावली के आधार पर रैयतों का नाम सर्वे में दर्ज किया जायेगा.

विज्ञापन

Bihar Land Survey: पटना. बिहार में चल रहे जमीन सर्वे को लेकर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग ने कई तकनीकी पक्षों को बिल्कुल स्पष्ट कर दिया है. इसमें एक तथ्य यह भी है कि जमीन सर्वे के माध्यम से दर्ज पारिवारिक सदस्यों के नाम के आधार पर उन सभी के बीच बंटवारा भी मान लेना उचित नहीं है. पारिवारिक बंटवारा हमेशा पारिवारिक सदस्यों की आम सहमति से ही हो सकता है. बंटवारे में प्रत्येक सदस्य के लिए जमीन के रकवा के साथ ही जमीन की चौहद्दी तय की जाती है. यह चौहद्दी सभी सदस्यों की आपसी सहमति से ही तय हो सकती है. ऐसे में यदि परिवार के सभी सदस्य आपसी सहमति से पारिवारिक बंटवारानामा बनाकर यदि जमीन सर्वे के आवेदन के साथ देंगे तो यह सर्वे में दर्ज किया जा सकता है.

जमीन सर्वे के माध्यम से खतियान बनाया जायेगा

आधिकारिक सूत्रों का कहना है कि जमीन सर्वे के माध्यम से खतियान बनाया जायेगा. ऐसे में आवेदक की वंशावली के आधार पर रैयतों का नाम सर्वे में दर्ज किया जायेगा. साथ ही उनकी सभी जमीनों का विवरण भी दर्ज होगा. इससे परिवार का मालिकाना तो तय होगा, लेकिन जमीन के किस भाग में परिवार के कौन से सदस्य रहेंगे, इसका निर्धारण परिवार की आपसी सहमति से बंटवारानामा के माध्यम से होगा. यह बंटवारानामा परिवार द्वारा कभी भी बनवाया जा सकता है. इस सर्वे के बाद रैयतों को राशन कार्ड की तरह ही एक कार्ड दिया जायेगा. उस कार्ड पर रैयत की जमीनों का जिक्र दर्ज रहेगा. इसके आधार पर ही रैयतों को सरकारी सहित अन्य लाभ दिया जायेगा.

Also Read: Bihar Land Survey: बिहार सरकार ने जारी किया नया नोटिस, अब भूमि सर्वे में इन कागजातों की जरूरत नहीं

रैयत जीवित हैं तो वंशावली देना जरूरी नहीं

विभाग द्वारा यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि रैयत जीवित हैं, तो उनको वंशावली देने की जरूरत नहीं है. वे केवल अपनी जमीन का विवरण दे सकते हैं. उसी आधार पर सर्वे में उनकी जमीन के साथ उनका नाम दर्ज होगा. इसके साथ ही सर्वे की प्रक्रिया जारी रहने तक सभी प्रकार के रैयतों को अपनी जमीन का विवरण देकर सर्वे प्रक्रिया में शामिल होना चाहिए. इसमें ऐसे जमीन मालिक भी शामिल हैं जिन्होंने हाल ही में किसी जमीन की खरीद की है.

विज्ञापन
Radheshyam Kushwaha

लेखक के बारे में

By Radheshyam Kushwaha

राधेश्याम कुशवाहा ने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से MJ (मास्टर ऑफ जर्नलिज्म) की शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत भोपाल से प्रकाशित राज एक्सप्रेस समाचार पत्र से की. इसके बाद उन्होंने समय जगत, राजस्थान पत्रिका और हिंदुस्तान जैसे प्रतिष्ठित समाचार संस्थानों में अपनी सेवाएं दीं. वर्तमान में वे प्रभात खबर के डिजिटल विभाग में धर्म, अध्यात्म एवं राशिफल डेस्क पर कार्यरत हैं. पत्रकारिता के क्षेत्र में 13 वर्षों का अनुभव रखने वाले राधेश्याम कुशवाहा को ज्योतिष शास्त्र, पंचांग गणना, ग्रह गोचर, नक्षत्र परिवर्तन, व्रत-त्योहारों की तिथियों तथा शुभ मुहूर्तों का गहन ज्ञान है. अपनी विशेषज्ञता के आधार पर वे धर्म-अध्यात्म और राशिफल से जुड़ी सटीक, तथ्यपरक एवं विश्वसनीय खबरें लिखते हैं. धार्मिक ग्रंथों के अध्ययन में उनकी विशेष रुचि है. इसके अलावा राजनीति, अपराध और प्रेरणादायक (पॉजिटिव) विषयों पर लेखन में भी उनकी गहरी रुचि है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन