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Bihar Land Survey: बेतिया राज के 6 हजार एकड़ जमीन पर है अवैध कब्जा, सर्वे के बाद होगी कार्रवाई

Updated at : 22 Oct 2024 12:37 PM (IST)
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Bihar Land Survey: बेतिया राज के 6 हजार एकड़ जमीन पर है अवैध कब्जा, सर्वे के बाद होगी कार्रवाई

Bihar Land Survey: बिहार में अभी राजस्व गांव की जमीन का सर्वे चल रहा है. ऐसे में कोर्ट ऑफ वार्ड भी बेतिया राज की जमीन का लेखा-जोखा तैयार करेगा. कोर्ट ऑफ वार्ड के सचिव गिरिवर दयाल सिंह ने कहा कि बेतिया राज की जमीन का भी सर्वे कराया जाएगा.

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Bihar Land Survey: बेतिया. बिहार का बेतिया राज 100 साल से अधिक समय से कोर्ट ऑफ वार्ड के अधीन है. बेतिया रात की संपत्ति की देखरेख कोर्ट ऑफ वार्ड के अधीन राजस्व पर्षद करता है. बिहार में अभी राजस्व गांव की जमीन का सर्वे चल रहा है. ऐसे में कोर्ट ऑफ वार्ड भी बेतिया राज की जमीन का लेखा-जोखा तैयार करेगा. कोर्ट ऑफ वार्ड के सचिव गिरिवर दयाल सिंह ने कहा कि बेतिया राज की जमीन का भी सर्वे कराया जाएगा.

बिहार से उत्तर प्रदेश तक था बेतिया महाराज का साम्राज्य

राजस्व पर्षद कोर्ट ऑफ वार्ड के सचिव गिरिवर दयाल सिंह ने कहा कि बेतिया महाराज की बहुत बड़ी जमीन है. बेतिया राज की कुल जमीन करीब 15 हजार एकड़ है. इनमें से बिहार में 9 हजार एकर और उत्तर प्रदेश में करीब 6 हजार एकड़ जमीन है. कब्जा की बात करें तो करीब बेतिया में 6 हजार एकड़ जमीन पर कब्जा किया गया है. गिरिवर दयाल सिंह ने कहा कि बेतिया महाराज की भूमि को सुरक्षित रखने का दायित्व राजस्व पर्षद कोर्ट ऑफ वार्ड के तहत है.

वस्तुस्थिति की जानकारी लेगा राजस्व पर्षद

राजस्व पर्षद के निर्देश पर बेतिया राज की जमीन एवं परिसंपत्तियों का सर्वे कराकर इसके वस्तुस्थिति की जानकारी ली जा रही है. बड़ी संख्या में बेतिया राज की जमीनों पर अवैध रूप से अतिक्रमण किया गया है, जिसको हर हाल में अतिक्रमण मुक्त किया जाएगा. जिले में लोगों ने अवैध कब्जा कर लिया है. इसको खाली कराने के लिए जिलाधिकारी के साथ-साथ अंचलाधिकारियों को भी पत्र भेजा गया है.

मान्य नहीं होगा 1897 के बाद हुआ बंदोबस्त

बेतिया राज प्रबंधक अनिल कुमार सिंह का कहना है कि चंपारण का इलाका बिहार के अलावा उत्तर प्रदेश में भी फैला हुआ था. ऐसे में बेतिया राज की जमीन बड़ी मात्रा में उत्तर प्रदेश में भी है. बेतिया राज के प्रबंधक अनिल कुमार सिन्हा ने कहा कि कोर्ट ऑफ वार्ड की ओर से आदेश है कि एक अप्रैल 1897 से पहले की गई बंदोबस्ती ही मान्य होगी. 1897 के बाद राज परिवार की ओर से की गई बंदोबस्ती भी मान्य नहीं होगी. उसे अतिक्रमण किया हुआ माना जाएगा.

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हर हाल में जमीन से हटेगा अवैध कब्जा

राज प्रबंधक ने कहा कि अतिक्रमण करनेवाले लोगों के विरुद्ध सीओ सह सहायक राज प्रबंधक की ओर से अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा. यदि 1897 के बाद किसी तरह की बंदोबस्ती राजस्व पर्षद की अनुमति के बाद की गई है तो वह मान्य होगा. उन्होंने कहा कि बेतिया राज की जमीनों का सर्वे हर हाल में समय अवधि के अंदर पूरा कर लिया जायेगा. बेतिया महराज का खतियान एंव अन्य दस्तावेजों के संबंध में उन्होंने कहा कि सभी दस्तावेज उपलब्ध है.

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Ashish Jha

लेखक के बारे में

By Ashish Jha

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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