बिहार में जमीन के 40 लाख कागज गलत, अंचलों में ही होगा समाधान, विधानसभा में बोले डिप्टी सीएम

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 12 Feb 2026 5:32 PM

विज्ञापन

बिहार के डिप्टी सीएम विजय सिन्हा

Bihar Land Reform: बिहार में राजस्व विभाग के पास 46 लाख आवेदन लंबित हैं. इनमें 40 लाख परिमार्जन से जुड़े हैं. डिप्टी सीएम विजय कुमार सिन्हा ने विधानसभा में बताया कि नाम और पिता के नाम की गलतियां सबसे ज्यादा हैं. दाखिल-खारिज में भी परेशानी आ रही है.

विज्ञापन

Bihar Land Reform: बिहार के डिप्टी सीएम और राजस्व मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने विधानसभा में बताया कि विभाग के पास फिलहाल 46 लाख आवेदन लंबित हैं, जिनमें से 40 लाख मामले अकेले परिमार्जन यानी जमीन के कागजात में सुधार से जुड़े हैं. इन आवेदनों में सबसे ज्यादा समस्या जमीन के कागजों में नाम और पिता के नाम की गलतियों को लेकर है. सरकार का लक्ष्य इन गलतियों को जल्द सुधारना है ताकि आम लोगों को अपनी ही जमीन के लिए परेशान न होना पड़े.

विधायक के सवाल पर क्या मिला जवाब

जमीन की खरीद-बिक्री को लेकर भी सदन में चर्चा हुई. विधायक मंजीत कुमार सिंह ने सवाल उठाया कि हाई कोर्ट द्वारा रोक हटाए जाने के बाद भी अररिया, बांका, गोपालगंज और सीतामढ़ी समेत कई जिलों में जमीन का दाखिल-खारिज नहीं हो पा रहा है. इस पर डिप्टी सीएम ने कहा कि इन जमीनों का खाता-खेसरा स्पष्ट न होने के कारण तकनीकी दिक्कतें आ रही हैं. सरकार ने इस समस्या को सुलझाने के लिए अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए हैं और कानूनी राय भी ली जा रही है.

बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें

खून-खराबा कम करना मकसद

राजस्व विभाग द्वारा चलाए जा रहे अभियान का मुख्य मकसद जमीन से जुड़े विवादों को जड़ से खत्म करना है. विजय सिन्हा ने कहा कि बिहार में जमीन विवादों की वजह से बहुत खून-खराबा हुआ है. इसे रोकना सरकार की प्राथमिकता है. पारदर्शिता लाने के लिए अब ब्लॉक लेवल पर रजिस्ट्रेशन काउंटर खोले जा रहे हैं. यहां अधिकारी इन मामलों का तेजी से निपटारा करेंगे.

सरकार का मानना है कि जब तक जमीन के रिकॉर्ड पूरी तरह साफ-सुथरे नहीं होंगे, तब तक किसानों और जमीन मालिकों को सरकारी योजनाओं का सही लाभ नहीं मिल पाएगा. इसके लिए बकायदा समय-सीमा तय की जा रही है ताकि लोगों को बार-बार दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें. विजय सिन्हा ने कहा कि जमीन की समस्या काफी जटिल है, लेकिन सरकार इसे पूरी संवेदनशीलता के साथ सुलझाने के लिए काम कर रही है.

इसे भी पढ़ें: फार्मर रजिस्ट्री में लापरवाही पड़ी भारी, बिहार के इस जिले में 38 CSC संचालकों की मान्यता रद्द

विज्ञापन
Paritosh Shahi

लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन