बिहार में अरशद मदानी के बयान पर भड़की सियासत, JDU नेता बोले- मौलाना साहब नीतीश कुमार से सीखिए…

अरशद मदनी और नीरज कुमार (PC: सोशल मीडिया)
JDU Leader on Arshad Madani: जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रेसिडेंट मौलाना अरशद मदनी के बयान पर बिहार की सियासी सरगर्मी बढ़ गई है. JDU नेता नीरज कुमार ने उन्हे सलाह देते हुआ कहा है कि मौलाना साहब ये हिंदुस्तान है. आइए बताते हैं क्या है पूरा मामला ?
Arshad Madani Controversial Statement: दिल्ली के एक प्रेस कांफ्रेंस में जमीयत उलेमा-ए-हिंद के प्रेसिडेंट मौलाना अरशद मदनी ने कहा कि देश में कोई भी मुसलमान किसी विश्वविद्यालय का कुलपति नहीं बन सकता है. उनके इस बयान पर पलटवार करते हुए जदयू नेता नीरज कुमार ने कहा कि मौलाना अरशद मदनी साहब, ये हिंदुस्तान है, हिंदुस्तान की जम्हूरियत इतनी सुरक्षित और संरक्षित है.
नीरज कुमार ने क्या कहा ?
जदयू नेता नीरज कुमार ने कहा कि मौलाना मदनी साहब ये हिंदुस्तान है. हिंदुस्तान की जम्हूरियत इतनी सुरक्षित और संरक्षित है और आप ‘न्यूयॉर्क’ जा रहे हैं? नीतीश कुमार की तरफ नजरें तो इनायत कर लीजिए. फैजान मुस्तफा चाणक्य नेशनल लॉ इंस्टीट्यूट के वाइस चांसलर हैं जो देश में एक मानक माना जा रहा है. मजहरुल हक अरबी-फ़ारसी विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर डॉ मोहम्मद आलमगीर हैं.
हिस्सेदारी तय करना नीतीश से सीखिए: नीरज
यहां लोकतंत्र है, संविधान है और यहां देश के हर जाति व धर्म के लोगों को काम करने का अधिकार है. ये सियासत का विषय हो सकता है ये धार्मिक रूप से लोगों को बताने का अपना नजरिया हो सकता है. सरकार में हिस्सेदारी कैसे तय की जाती है ये सीखना है तो नीतीश कुमार से सीखिए.
आखिर अरशद मदनी ने कहा क्या है ?
जमीयत उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष मौलाना अरशद मदनी ने एक कार्यक्रम में कहा कि लंदन या न्यूयॉर्क जैसे बड़े शहरों में मुसलमान मेयर बन सकते हैं, जबकि भारत में वही व्यक्ति किसी विश्वविद्यालय का कुलपति तक नहीं बन सकता है.
प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी
लेखक के बारे में
By Nishant Kumar
Nishant Kumar: निशांत कुमार पिछले तीन सालों से डिजिटल पत्रकारिता कर रहे हैं. दैनिक भास्कर के बाद राजस्थान पत्रिका के डिजिटल टीम का हिस्सा रहें. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल के नेशनल-इंटेरनेशनल और स्पोर्ट्स टीम में काम कर रहे हैं. किस्सागोई हैं और देश-विदेश की कहानियों पर नजर रखते हैं. साहित्य पढ़ने-लिखने में रुचि है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




