बिहार के जेलों में क्षमता से अधिक कैदी बंद, सामने आया महिला कैदियों का चौंकाने वाला आंकड़ा, देखें रिपोर्ट

बिहार के जेलों में कैदियों की संख्या लगातार बढ़ रही है. फिलहाल राज्य के कुल 59 जेलों में क्षमता से करीब 14 हजार से अधिक कैदी बंद हैं. गृह विभाग की रिपोर्ट के अनुसार बीते सात माह में जेलों में कैदियों की संख्या बढ़ी है.
अनिकेत त्रिवेदी, पटना : बिहार के जेलों में कैदियों की संख्या लगातार बढ़ रही है. फिलहाल राज्य के कुल 59 जेलों में क्षमता से करीब 14 हजार से अधिक कैदी बंद हैं. गृह विभाग की रिपोर्ट के अनुसार बीते सात माह में जेलों में कैदियों की संख्या बढ़ी है.
रिपोर्ट बताती है कि बीते वर्ष दिसंबर माह में राज्य के सभी जेलों में 51154 कैदी बंद थे, जबकि उस दौरान जेल में कैदियों के रहने की क्षमता 45 हजार आठ सौ 62 कैदी थी. इस हिसाब से देखा जाये, तो करीब पांच हजार दो सौ 92 कैदी क्षमता से अधिक बंद थे. वहीं, इस वर्ष जुलाई के अंत में यह आंकड़ा बढ़ गया.
रिपोर्ट के अनुसार जुलाई अंत में कुल बंदी कैदियों की संख्या 61405 है, जबकि इस दौरान कैदियों के रहने की क्षमता मात्र 46669 थी. इस हिसाब से देखा जाये, तो जुलाई के अंत तक क्षमता से 14 हजार सात सौ 36 कैदी अधिक बंद थे. ऐसे में कहा जा सकता है कि सात माह में क्षमता से अधिक कैदियों की संख्या लगभग तीन गुनी बढ़ गयी है.
राज्य में महिला कैदियों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है. गृह विभाग की रिपोर्ट के अनुसार बीते वर्ष दिसंबर के अंत में बंदी महिला कैदियों की संख्या मात्र 1712 थी, जबकि उस दौरान जेलों में महिला कैदियों के रहने की क्षमता 1927 थी.
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51154 कैदी बीते वर्ष दिसंबर माह में राज्य के सभी जेलों में बंद थे. 1712 महिला कैदी बीते वर्ष दिसंबर के अंत में राज्य के जेलों में बंद थीं. यानी राज्य के 59 जेलों में क्षमता से कम महिला कैदियों की संख्या थी. मगर, वहीं आंकड़ा इस वर्ष के जुलाई में आकर बदल गया है. जुलाई के अंत तक बंदी महिला कैदियों की संख्या 2278 रही है. जुलाई के दौरान जेलों में महिला कैदियों के रहने क्षमता 2097 है. इस हिसाब से देखा जाये तो अब जेलों में क्षमता से अधिक महिला कैदियों की संख्या है.
राज्य के राजगीर (नालंदा), रजौली(नवादा), मढ़ौरा(सारण), महाराजगंज(सीवान), हथुआ(गोपालगंज), चकिया(पूर्वी चंपारण), पकड़ी दयाल (पूर्वी चंपारण), महनार (वैशाली) और सिमरी बख्तियारपुर (सहरसा ) में एक हजार की क्षमता वाले कारागार का निर्माण किया जायेगा. इसके अलावा भभुआ, जमुई और औरंगाबाद में नये मंडल कारा भवन का निर्माण अंतिम दौर पर है. वहीं, अरवल जिला और पटना जिला के पालीगंज अनुमंडल में उपकारा का निर्माण प्रगति पर है.
POSTED BY: Thakur Shaktilochan
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