Bihar IAS: बिहार IAS अधिकारियों के खिलाफ ED और SVU की कार्रवाई का रास्ता साफ, सरकार को भेजा नोटिस
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 30 Nov 2025 5:42 PM
सांकेतिक फोटो
Bihar IAS: बिहार के दो IAS अधिकारियों, अभिलाषा शर्मा और योगेश कुमार सागर की मुश्किलें बढ़ गई हैं. ED द्वारा मिले डिजिटल सबूतों के आधार पर SVU ने सरकार से उनके खिलाफ प्राथमिकी की अनुमति मांगी है.
Bihar IAS: बिहार सरकार के दो आइएएस अधिकारियों 2014 बैच की अभिलाषा शर्मा और 2017 बैच के योगेश कुमार सागर की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं. स्पेशल विजिलेंस यूनिट(SVU) ने राज्य सरकार से इन दोनों अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा चलाने की अनुमति मांगी है. सरकार से अनुमति मिलने के बाद प्राथमिकी दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू होगी. प्रवर्तन निदेशालय ने एसवीयू को ठेकेदार रिशुश्री के आवास पर मिले डिवाइस से आयी जानकारी के आधार पर अभिलाषा शर्मा और योगेश कुमार सागर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया है.
इस संबंध में एसवीयू के एडीजी पंकज कुमार दराद ने कहा कि कि सरकार को इडी से आयी पूरी जानकारी भेजी गयी है. उम्मीद है कि जल्द ही सरकार का जवाब आ जायेगा. सरकार से अनुमति मिलने के बाद अगली कार्रवाई की जायेगी. जानकारों के मुताबिक इडी की रडार पर आये इन दोनों अधिकारियों को सरकार पहले नोटिस जारी कर जवाब मांग सकती है. जवाब से संतुष्ट नहीं होने की स्थिति में मुकदमा दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू की जा सकेगी.
क्या है पूरा मामला
अभिलाषा शर्मा फिलहाल ग्रामीण विकास विभाग में जीविका की सीइओ और मनरेगा आयुक्त के पद पर हैं. इनके आवास पर करीब दस लाख रुपये का बागवानी का भुगतान रिशुश्री और उसकी कंपनी के द्वारा किया गया है. इसके साथ ही इडी को इनके रिश्तेदारों को गोवा, दिल्ली और हैदराबाद घुमाने तथा इस पर आने वाले खर्च को रिशुश्री के द्वारा भुगतान करने की डिजिटल साक्ष्य मिला है.
अभिलाशा शर्मा को रिशुश्री की ओर से महंगे उपहार जिनमें आइफोन दिये जाने के भी सबूत मिले हैं, जबकि समाज कल्याण विभाग में कार्यरत आइएएस अधिकारी योगेश कुमार सागर के आठ रिश्तेदारों को आॅस्ट्रिया ट्रिप पर ले जाने तथा वहां उनकी आवभगत पर आये खर्च को भी रिशुश्री की कंपनी द्वारा भुगतान करने के डिजिटल साक्ष्य मिले हैं.
कितना खर्च हुआ
दोनों अधिकारियों के ऊपर रिशुश्री द्वारा चालीस लाख से अधिक का खर्च किया गया है. आइजी पंकज दराद ने कहा कि रिशुश्री का कनेक्शन आइएएस अधिकारी संजीव हंस मामले से जुड़ा है. इसी मामले में एसवीयू और इडी को रिशुश्री की तलाश है. इडी ने पिछले दिनों रिशु श्री के आवास पर जब्त डिवाइस की जांच शरू की थी.
जांच में यह सब तथ्य सामने आये हैं. इसी आधार पर इडी ने राज्य सरकार की एसवीयू को पीएमएलए के तहत दोनों अधिकारियों पर प्राथमिकी दर्ज कराने को कहा है. रिशुश्री जल संसाधन, नगर विकास, बुडको, शिक्षा, भवन निर्माण एवं ग्रामीण कार्य विभाग में बड़े स्तर पर ठेकेदारी का काम करता था.
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By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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