Bihar Government: बिहार सरकार के राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग तथा कृषि विभाग ने मिलकर एग्री स्टैक महाअभियान की शुरुआत की है. यह पूरे राज्य में 21 जनवरी तक चलाया जाएगा. इस महाअभियान का मकसद बिहार के किसानों को डिजिटल तकनीक से जोड़ना और कृषि से संबंधित सभी सरकारी सेवाओं को एक ही छत के नीचे लाना है. यह पहल राज्य के किसानों के लिए एक नए युग की शुरुआत मानी जा रही है. यहां कागजी कार्रवाई के बजाय डिजिटल डेटा को प्राथमिकता दी जाएगी.
क्या-क्या फायदा होगा
इस अभियान के माध्यम से प्रत्येक पंजीकृत किसान को एक यूनिक किसान आईडी प्रदान की जाएगी. इससे उनकी डिजिटल पहचान बनेगी. इस आईडी की मदद से पीएम-किसान सम्मान निधि की राशि सीधे और बिना किसी बाधा के किसानों के बैंक खातों में पहुंचाई जा सकेगी. लैंड डॉक्यूमेंट और जमाबंदी के डिजिटलीकरण से जमीन से जुड़ी जानकारी प्राप्त करना पहले से कहीं अधिक आसान और पारदर्शी हो जाएगा. इससे भविष्य में धोखाधड़ी की संभावना भी कम होगी.

लंबी प्रक्रियाओं से मिलेगा छुटकारा
डिजिटल डेटाबेस तैयार होने का एक बड़ा लाभ यह भी होगा कि अब किसानों को कृषि लोन और फसल बीमा जैसी वित्तीय सेवाओं के लिए लंबी प्रक्रियाओं से नहीं गुजरना पड़ेगा. आधार कार्ड और भूमि रिकॉर्ड के डिजिटल जुड़ाव के कारण बैंक और बीमा कंपनियां तेजी से पात्रता की जांच कर सकेंगी. इससे लोन मिलने की प्रक्रिया सरल हो जाएगी. इससे किसानों को अपनी खेती की जरूरतों के लिए समय पर आर्थिक सहायता मिल पाएगा.
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कहां जाना होगा
इस योजना का लाभ उठाने के लिए किसानों को अपने क्षेत्र के पंचायत भवन में आयोजित विशेष कैंप में जाना होगा. रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को पूरा करने के लिए किसानों को अपने साथ आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और लगान रसीद लेकर आना होगा.
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