गंगा-कोसी-सोन समेत कई नदियों का बढ़ा जलस्तर, 1 लाख क्यूसेक पानी से लबालब हुई गंडक

Author Ashish jha
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Before possible flood, big preparations made on Gandak river

big preparations made on Gandak river (सांकेतिक फोटो)

Bihar Flood: नेपाल में लगातार हो रही बारिश के कारण गंडक नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है. फ्लड कंट्रोल डिवीजन को एसओपी (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर) के अनुसार कार्य करने के निर्देश दिए गए हैं. सभी संभावित खतरे वाले स्थानों पर बालू की बोरियां भरकर तटबंधों को सुरक्षित किया जा रहा है.

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Bihar Flood:पटना. नेपाल और झारखंड में हो रही भारी बारिश के कारण बिहार की नदियों में जलस्तर में तेजी से बढ़ोतरी देखी जा रही है. गंगा के साथ-साथ कोसी, गंडक, बूढ़ी गंडक, बागमती, कमला बलान, सोन, घाघरा और पुनपुन नदियों में भी जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. इसका असर तटबंधों पर दिखाई दे रहा है, जिससे कई स्थानों पर दबाव बढ़ गया है और खतरा मंडरा रहा है. गंडक नदी में एक लाख दो हजार क्यूसेक से अधिक पानी का डिस्चार्ज दर्ज किया गया, जिससे प्रशासन और जल संसाधन विभाग पूरी तरह से सतर्क हो गया है. फिलहाल, गंडक नदी का जलस्तर खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन एहतियात के तौर पर सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं.

तटबंधों की सुरक्षा को लेकर सरकार सतर्क

जल संसाधन विभाग के अनुसार गंडक में एक लाख क्यूसेक पानी चल रहा है. नदी में पानी की तेजी से बढ़ोतरी के चलते आसपास के निचले इलाकों में सतर्कता बरती जा रही है. प्रशासन ने फ्लड फाइटिंग के लिए आवश्यक मैटेरियल का स्टॉक किया जा रहा है और तटबंधों की मजबूती सुनिश्चित की जा रही है. जल संसाधन विभाग की ओर से बताया जा रहा है कि महात्माइन नदी का जलस्तर फुल्गू नदी के बढ़ते जलस्तर के कारण बढ़ रहा है. साथ ही, सिरपतपुर गांव के पास धोबा नदी के जमींदारी तटबंध की सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन सतर्क है.

निरंतर की जा रही जलस्तर की निगरानी

आपदा प्रबंधन विभाग के एडीएम देवेंद्र शाही ने बताया कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है. तटबंध टूटने से प्रभावित लोगों को राहत दी जा रही है और वर्तमान में शरणस्थली (राहत शिविर) बनाने की आवश्यकता नहीं पड़ी है. अधिकारियों की टीमें मौके पर मौजूद हैं और निगरानी रखी जा रही है. प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत प्रशासन को दें. नदियों के जलस्तर की निगरानी निरंतर की जा रही है और किसी भी प्रकार की आपदा से निपटने के लिए सभी तैयारियां पूरी हैं.

तीन घंटे के भीतर हुई तटबंध की मरम्मत

राजधानी पटना से सटे फतुहा प्रखंड में महात्माइन नदी का जलस्तर बढ़ने से सिरपतपुर और दनियावां प्रखंड के बड़ी केवई गांव के पास तटबंध टूट गया. तड़के तटबंध टूटते ही नदी का पानी तेजी से गांवों में घुस गया, जिससे करीब 20 परिवार प्रभावित हुए हैं. पानी घरों में घुसने की सूचना मिलते ही ग्रामीणों ने प्रशासन को खबर दी, जिसके बाद राहत एवं बचाव कार्य तुरंत शुरू कर दिया गया. जिला प्रशासन ने तीन घंटे के भीतर तटबंध की मरम्मत कर दी और नदी को बालू की बोरियों से नियंत्रित किया गया. फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन प्रभावित परिवारों को एहतियातन प्राथमिक विद्यालय अब्दुल्लापुर में बनाए गए राहत केंद्र में अस्थायी सहायता दी जा रही है.

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आशीष झा

लेखक के बारे में

By आशीष झा

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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