Bihar Flood : कोसी बराज के पास से हटाया जायेगा गाद, केन्द्र से अनुरोध करेगा बिहार
कोसी बराज (file)
Bihar Flood : 56 साल के बाद बीते साल आया इतना पानी वर्ष 2024 में कोसी बराज पर 6.61 लाख क्यूसेक पानी आया. बीते साल कोसी नदी में 56 वर्षों के बाद इतना पानी आया. इसके पहले 5 अक्टूबर 1968 को 7.88 लाख क्यूसेक पानी आया था. वह कोसी का अबतक का रिकार्ड जलस्राव था.
Bihar Flood : पटना. बिहार सरकार जल्द ही कोसी बराज के निकट जमा गाद (सिल्ट) हटाने के लिए केन्द्र सरकार से अनुरोध करेगी. राज्य सरकार इसकी तैयारी कर रही है. इसके तहत जल संसाधन विभाग के स्तर पर पहल की जाएगी. इस समय सिल्ट के कारण बराज के निकट नदी का तल ऊपर हो गया है. इससे कम पानी में भी जलस्तर काफी ऊपर हो जा रहा है. इससे बराज पर प्रतिकूल प्रभाव की आशंका है. पिछले दिनों मुख्य सचिव अमृत लाल मीणा की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में यह मामला सामने आया था. इसमें यह बात भी सामने आयी थी कि नदी के सतत व सुरक्षित प्रवाह के लिए सिल्ट का हटाया जाना आवश्यक है.
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बराज के ऊपर से बहने लगा था पानी
बैठक के दौरान यह निर्णय लिया गया कि कोसी नदी के वीरपुर बराज के निकट से सिल्ट हटाने के लिए केन्द्र सरकार से अनुरोध किया जाए. बीते साल 2024 में कोसी में अप्रत्याशित जल प्रवाह के कारण बराज के पास स्थिति बेहद गंभीर हो गयी थी. हाल यह हो गया था कि कोसी का पानी बराज के ऊपर से बहने लगा था. इसके बाद बड़ी संख्या में भारी सामग्री बराज में आकर फंस भी गया था. इससे बराज के क्षतिग्रस्त होने का खतरा उत्पन्न हो गया था. नदी के आगे भी पानी तटबंध के ऊपर तक पहुंच गया. हालांकि बराज को अधिक नुकसान नहीं हुआ, लेकिन पानी कम होने के बाद वहां सिल्ट की बड़ी मात्रा दिखने लगी थी.
पिछले साल हुआ था रिकार्ड जलस्राव
वर्ष 2008 में भी कुसहा के पास नदी ने धारा बदली थी. इससे तटबंध में कटाव हुआ था. इसके बाद उत्तर बिहार के कई जिलों में भीषण बाढ़ आई थी. इसके पीछे काफी हद तक सिल्ट को ही जिम्मेवारी माना गया था. उस समय भी नदी सेसिल्ट हटाने के लिए केन्द्र से अनुरोध किया गया था. 56 साल के बाद बीते साल आया इतना पानी वर्ष 2024 में कोसी बराज पर 6.61 लाख क्यूसेक पानी आया. बीते साल कोसी नदी में 56 वर्षों के बाद इतना पानी आया. इसके पहले 5 अक्टूबर 1968 को 7.88 लाख क्यूसेक पानी आया था. वह कोसी का अबतक का रिकार्ड जलस्राव था. 2024 में एक समय ऐसा लगा कि कोसी नदी का जलस्राव पुराना रिकार्ड तोड़ सकता है. पानी रिकार्ड के करीब तक पहुंच गया. इसके कारण व्यापक क्षति भी हुई.
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