Bihar Flood: बिहार में कोसी बागमती समेत 21 नदियां उफनाई, तटबंधों पर अधिकारी कर रहे कैंप

Author Ashish jha
Updated:
विज्ञापन

Bihar Flood: जल संसाधन विभाग ने नदियों के तटबंधों की सुरक्षा बढ़ाने और निगरानी तेज करने के निर्देश दिए हैं. अभियंताओं और तटबंध सुरक्षाकर्मियों को 24 घंटे पेट्रोलिंग के आदेश दिए गए हैं, ताकि किसी भी तटबंध में रिसाव या टूट-फूट की स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके.

विज्ञापन

Bihar Flood:पटना. बिहार की नदियां बौराई हुई है. कोसी और बागमती समेत राज्य की कुल 21 नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है. पिछले 15 वर्षों में पहली बार बिहार की 21 नदियां एक साथ खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं. 15 वर्ष पहले यह स्थिति अगस्त में बनी थी, लेकिन पहली बार अक्टूबर में नदियों में इतना उफान देखा जा रहा है. इसके कारण बिहार के कई जिलों में बाढ़ का खतरा कायम है. प्रशासन अलर्ट मोड पर हैं. स्थिति पर नजर रखने के लिए अधिकारी लगातार तटबंधनों पर कैंप कर रहे हैं.

आपके शहर में

विज्ञापन

इन नदियों ने पार किया लाल निशान

  • कोसी
  • बागमती
  • गंडक
  • कमला
  • बलान
  • अधवारा
  • ललबकिया
  • परमान
  • महानंदा
  • पुनपुन
  • लखनदेई
  • माही
  • बाया
  • गंडकी
  • कर्मनाशा
  • दुर्गावती
  • मोहाने
  • पश्चिम कनकई
  • बनास
  • थोमाने
  • भूतही
  • घोघा

इन जिलों में बाढ़ का संकट

  1. सीतामढ़ी
  2. मधुबनी
  3. दरभंगा
  4. सुपौल
  5. समस्तीपुर
  6. खगड़िया
  7. मुजफ्फरपुर
  8. पश्चिम चंपारण
  9. कटिहार

नदियों का अप्रत्याशित व्यवहार

अक्टूबर में नदियों का यह व्यवहार बिहार में बाढ़ के खतरे को बढ़ा दिया है. नदियों का यह अप्रत्याशित व्यवहार पर्यावरणविदों के लिए भी बड़ी चिंता का विषय है. जल संसाधन विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार 2019 में अक्टूबर के पहले सप्ताह के अंत में 18 नदियां खतरे के निशान से ऊपर पहुंची थीं, जबकि 2020 में 16 नदियां उफान पर थीं. इस साल का आंकड़ा सबसे अधिक है, हालांकि अब तक किसी तटबंध के टूटने की सूचना नहीं है. जल संसाधन विभाग और आपदा प्रबंधन टीमें लगातार स्थिति पर नजर रखे हुए हैं.

कोसी बराज से रिकार्ड बहाव

कोसी नदी पिछले कई दिनों से उफनाई हुई है. कोसी बराज से रिकार्ड 5.33 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है. जल संसाधन विभाग से जारी आंकड़ों के अनुसार यह पिछले वर्ष के 6.61 लाख क्यूसेक के बाद सर्वाधिक है. आंकड़े बताते हैं कि 1968 में 5 अक्टूबर को 7.88 लाख क्यूसेक पानी दर्ज किया गया था, जो अब तक का सबसे ऊंचा जलस्तर माना जाता है. इसी तरह बागमती नदी ने भी इस बार अपने सर्वाधिक जलस्तर के रिकॉर्ड को लगभग छू लिया है और दूसरा सर्वोच्च जलस्तर दर्ज किया गया है.

अलर्ट मोड में सरकार

बिहार के जल संसाधन मंत्री विजय कुमार चौधरी ने कहा, “नदियों का इस तरह से अचानक बढ़ना हमारे लिए चुनौतीपूर्ण स्थिति है. फिलहाल सभी तटबंधों की 24 घंटे निगरानी की जा रही है. अधिकारी सतर्क हैं. किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए सरकार पूरी तरह तैयार है. एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में तैनात हैं. राहत शिविरों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है, ताकि प्रभावित लोगों को आश्रय और भोजन की सुविधा मिल सके.”

Also Read: Bihar News: कृषि नहीं अब टेक्सटाइल और लेदर उद्योग से जाना जायेगा बिहार, सरकार ने भी खोला रियायतों का पिटारा

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन