बिहार में अब किसानों की होगी डबल कमाई, इन 6 जिलों 'ऊपर बिजली, नीचे मछली' योजना की होगी शुरुआत
ऊपर बिजली, नीचे मछली प्रोजेक्ट की तस्वीर
Bihar Government: बिहार सरकार अब 'ऊपर बिजली, नीचे मछली' योजना का विस्तार 6 नए जिलों में करने जा रही है. इस योजना से सौर ऊर्जा और मत्स्य पालन दोनों को बढ़ावा मिलेगा, जिससे किसानों की लागत घटेगी और आय बढ़ने की उम्मीद है.
Bihar Government: बिहार में अब ‘ऊपर बिजली, नीचे मछली’ योजना के जरिए ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई रफ्तार देने की तैयारी है. दरभंगा और सुपौल में पायलट प्रोजेक्ट की सफलता के बाद सरकार ने इसे छह और जिलों में लागू करने का फैसला किया है. इस योजना से बिजली उत्पादन और मत्स्य पालन दोनों को बढ़ावा मिलेगा.
इन 6 जिलों में शुरू होगी योजना
सरकार अब इस परियोजना का विस्तार जमुई, रोहतास, नवादा, बांका, मुंगेर और कैमूर में करेगी. योजना का फोकस उन पठारी इलाकों पर है, जहां अब तक बिजली की पहुंच सीमित रही है.
कैसे काम करेगी यह योजना?
इस मॉडल में तालाब के ऊपर सोलर पैनल लगाए जाएंगे. पैनल से बिजली बनेगी और नीचे उसी तालाब में मछली पालन होगा. इससे एक ही जगह पर दोहरा लाभ मिलेगा. अभी शुरुआती चरण में तिलापिया मछली के पालन और प्रोसेसिंग पर विशेष जोर रहेगा.
मछलियों को भी मिलेगा फायदा
तालाब के ऊपर लगे सोलर पैनल छतरी की तरह काम करेंगे. इससे पानी का तापमान नियंत्रित रहेगा. यह व्यवस्था कई स्थानीय और विलुप्त होती मछली प्रजातियों के लिए भी बेहतर वातावरण तैयार करेगी.
किसानों का घटेगा खर्च
मछली पालन में ऑक्सीजन बनाए रखने के लिए एरेशन जरूरी होता है. अब किसान सौर ऊर्जा से एरेटर चला सकेंगे. इससे बिजली का बिल नहीं आएगा और उत्पादन लागत में 30 से 40 प्रतिशत तक कमी आने की उम्मीद है.
बिजली और मछली, दोनों से होगी कमाई
इस योजना से किसानों को एक ही जगह से बिजली और मछली दोनों का लाभ मिलेगा. डीजल पंप और बिजली ग्रिड पर निर्भरता भी कम होगी. इससे ग्रामीण इलाकों में ऊर्जा और रोजगार दोनों बढ़ेंगे.
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प्राकृतिक आपदा में भी रहेगा सहारा
यह सोलर सिस्टम खराब मौसम में भी काम करने के लिए तैयार किया गया है. भविष्य में इसे पशुपालन और अन्य कृषि गतिविधियों से भी जोड़ा जाएगा. इससे छोटे किसानों को अतिरिक्त आय और बेहतर सुरक्षा मिलेगी.
सरकार का दावा
डेयरी, मत्स्य एवं पशु संसाधन विभाग के सचिव कपिल अशोक के अनुसार, सौर ऊर्जा आधारित मत्स्य पालन से किसानों की लागत घटेगी और आय बढ़ेगी. सरकार का लक्ष्य इस मॉडल को ग्रामीण विकास का नया आधार बनाना है.
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By Abhinandan Pandey
अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
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