पटना: पीएम मुद्रा लोन के नाम पर देशभर में ठगी करने वाला गिरोह का खुलासा, नौ ठग गिरफ्तार

Updated:
विज्ञापन

साइबर ठग का फाइल फोटो

प्रधानमंत्री मुद्रा लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हुआ है. पुलिस ने इस मामले में 9 लोगों को गिरफ्तार किया है. गिरोह सोशल मीडिया पर फर्जी विज्ञापन देकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था.

विज्ञापन

पटना से आनंद सिंह कौशिक की रिपोर्ट

Patna Cyber Crime News : प्रधानमंत्री मुद्रा लोन दिलाने के नाम पर देशभर के लोगों से साइबर ठगी करने वाले संगठित गिरोह का बिहार साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई और पटना साइबर थाना की टीम ने पर्दाफाश किया है. पुलिस ने गिरोह के नौ सदस्यों को गिरफ्तार किया है. गिरोह का नेटवर्क बिहार से संचालित हो रहा था और खासकर दक्षिण भारत के लोगों को निशाना बनाया जा रहा था. पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह का मास्टरमाइंड नवादा निवासी राहुल कुमार था.

वाट्सऐप के जरिए लोन का देता था झांसा

गिरोह के सदस्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर प्रधानमंत्री मुद्रा लोन और अन्य सरकारी योजनाओं के नाम पर आकर्षक विज्ञापन चलाते थे. विज्ञापन देखकर लोन के लिए संपर्क करने वाले लोगों के मोबाइल नंबर और अन्य जानकारी जुटायी जाती थी. इसके बाद फोन और वाट्सऐप के माध्यम से संपर्क कर उन्हें लोन स्वीकृत होने का झांसा दिया जाता था. विश्वास में लेने के लिए आरोपित फर्जी लोन अप्रूवल लेटर भी भेजते थे.

जीएसटी और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर करते थे वसूली

लोन दिलाने के नाम पर ठग पीड़ितों से जीएसटी, प्रोसेसिंग फीस, अप्रूवल चार्ज और अन्य शुल्क की मांग करते थे. कई मामलों में क्यूआर कोड और यूपीआइ के जरिये रकम जमा करायी गयी. सिबिल स्कोर बढ़ाने के नाम पर भी लोगों से पैसे लिये जाते थे. तकनीकी जांच में बरामद बैंक खातों और मोबाइल नंबरों का संबंध एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज साइबर ठगी की 12 शिकायतों से मिला है.

नौकरी का झांसा देकर दक्षिण भारत से युवकों को बुलाया

जांच में गिरोह के काम करने का तरीका भी सामने आया है. मास्टरमाइंड राहुल कुमार ने तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के युवकों को नौकरी देने का झांसा देकर बिहार बुलाया था. इसके बाद उनसे दक्षिण भारत के लोगों को प्रधानमंत्री मुद्रा लोन के नाम पर ठगवाया जाता था.

आरोपित स्थानीय भाषा में करते थे बातचीत

आरोपित स्थानीय भाषा में लोगों से बातचीत करते थे. इससे पीड़ितों को विश्वास में लेना आसान होता था. भाषा की जानकारी के कारण ठग दक्षिण भारत के लोगों को सरकारी योजना और लोन के नाम पर आसानी से अपने जाल में फंसा लेते थे.

20 मोबाइल और 13 एटीएम कार्ड बरामद

पुलिस ने आरोपितों के पास से साइबर ठगी में इस्तेमाल किये जा रहे 14 मोबाइल फोन, छह कीपैड मोबाइल, एक लैपटॉप, 13 एटीएम कार्ड, एक पासबुक, तीन सिम कार्ड, कई नोटबुक और महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किये हैं. बरामद सामान की जांच के आधार पर गिरोह के वित्तीय लेन-देन और इसके अन्य सदस्यों की जानकारी जुटायी जा रही है.

आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के युवक भी शामिल

गिरफ्तार आरोपितों में नालंदा जिले के वारसलीगंज निवासी जितु राज, आंध्र प्रदेश के करीमनगर निवासी कादम हर्षवर्धन, तेलंगाना के रंगा रेड्डी निवासी गोरंटला अरुण साई, नालंदा के इस्लामपुर निवासी आकाश कुमार, आंध्र प्रदेश के करीमनगर निवासी कस्तूरी हरिश और कोटा शाथन, तेलंगाना के नालगोंडा निवासी गंगुला सूर्यप्रकाश, नालंदा के सिरदला थाना क्षेत्र निवासी राहुल कुमार और खुदागंज थाना क्षेत्र निवासी रौशन कुमार शामिल हैं.

ठगी की रकम के लेन-देन की जांच जारी

पटना साइबर थानाध्यक्ष सह डीएसपी संगीता कुमारी ने बताया कि प्रधानमंत्री मुद्रा लोन के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा किया गया है. आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के युवकों के सहयोग से दक्षिण भारत के लोगों को ठगी का शिकार बनाया जाता था. पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और ठगी की रकम के लेन-देन की भी जांच कर रही है.

Also Read: पटना: नीतीश कुमार पहुंचे श्री बैकुंठनाथ धाम, मंदिर में की पूजा-अर्चना; लोगो ने किया जोरदार स्वागत


विज्ञापन
राजीव कुमार

लेखक के बारे में

By राजीव कुमार

राजीव कुमार तीन वर्षों से पत्रकारिता में सक्रिय है. फिलहाल हिंदी डिजिटल मीडिया में कंटेंट राइटर के रूप में अपना योगदान दिए हैं. बिहार के स्थानीय-क्षेत्रिय मुद्दों पर विशेष नजर बनाए रखते है. राजीतिक-सामाजिक गतिविधियों से जुड़ी खबरो पर पकड़ है. खबरों की विश्वसनीयता बनाए रखने के लिए स्रोतों की जांच के साथ तथ्यों की पुष्टि अनिवार्य रूप से करते हैं.

विशेषज्ञता

राजीव कुमार खास तौर पर राजनीति की खबर,ब्रेकिंग न्यूज, रियल टाइम खबरें और मौसम की खबर समेत रिसर्च आधारित खबरें करते हैं. इसके अलावा वह हर तरह के इवेंट का पल-पल का लाइव कवरेज भी करते हैं. सोशल मीडिया एक्स हैंडल पर नजर बनाएं रखते है. खासकर राजनीति से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस रखते है. बिहार की राजनीति पर हमेशा नजर रहती है.

पत्रकारिता अनुभव

राजीव कुमार ने पत्रकारिता में मास्टर डिग्री हासिल करने के बाद प्रतिष्ठित संस्थान में पत्रकारिता की शुरुआती ज्ञान लिया, यहां हेडलाइन, ब्रेकिंग न्यूज, लाइव कवरेज,खबर की थीम, खबरों में तथ्य आदि के बारे में बारीकी से समझा. जिले से जुड़ी खबर, लोकल खबर समेत कई खबरों की जानकारी मिली.

शिक्षा/पुरस्कार

मूल रूप से बिहार के पूर्वी चंपारण के बाबा सोमेश्वरनाथ नगरी रहने वाले राजीव कुमार ने महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतिहारी से मास कम्युनिकेशन में पारास्नातक की डिग्री हासिल किया. काम करने के दौरान बेतहर हेडिंग और एनओडी पैकेज पर दो-दो पुरस्कार प्राप्त है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन