पटना में खान अस्पताल पर फायर विभाग का शिकंजा, H-1 नोटिस देने की तैयारी, सील हो सकता है हॉस्पिटल
एआइ से बनायी गयी तस्वीर
पटना के खान अस्पताल पर फायर विभाग का शिकंजा कसता जा रहा है। फायर ऑडिट में सामने आई खामियों के बाद अस्पताल को H-1 नोटिस जारी किया गया है। यदि दो सप्ताह में कमियां दूर नहीं की गईं तो अस्पताल को सील किया जा सकता है।
पटना से आनंद सिंह कौशिक की रिपोर्ट
Notice Served To Khan Hospital : पटना में खान अस्पताल की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं. फायर विभाग अब अस्पताल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी में है. विभाग की ओर से अस्पताल को H-1 नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. यह नोटिस किसी भवन को सील करने से पहले संबंधित संचालक से स्पष्टीकरण लेने के लिए जारी किया जाता है.
E-1 व G-1 नोटिस के बावजूद नहीं किया मानक का पालन
इससे पहले फायर विभाग अस्पताल को E-1 और G-1 नोटिस जारी कर चुका है. इसके बावजूद अस्पताल में अग्नि सुरक्षा से जुड़ी कमियों का पूरी तरह अनुपालन नहीं किया गया है. H-1 नोटिस जारी होने के बाद अस्पताल प्रबंधन को कमियां दूर करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया जायेगा. निर्धारित अवधि में सुधार नहीं होने पर विभाग अस्पताल को सील करने की कार्रवाई कर सकता है.
25 मई को हुआ था फायर ऑडिट, सामने आयीं थी कई कमियां
अग्निशमन पदाधिकारी इंद्रजीत कुमार ने 25 मई को खान अस्पताल का फायर ऑडिट किया था. ऑडिट के दौरान भवन में निर्माण कार्य अधूरा पाया गया. विभाग की जांच में अग्नि सुरक्षा मानकों से जुड़ी कई कमियां भी सामने आयीं.
फायर विभाग का कहना है कि बिना फायर विभाग से NOC लिये किसी भवन में इलाज या अन्य व्यावसायिक गतिविधियों का संचालन नियमों के विरुद्ध है. विभागीय नियमों के अनुसार वर्ष 2021 के बाद निर्मित भवनों में किसी संस्थान या प्रतिष्ठान का संचालन शुरू करने से पहले फायर विभाग से NOC लेना अनिवार्य है.
बिना NOC अस्पताल संचालन का आरोप
विभागीय जांच के अनुसार खान अस्पताल को अब तक फायर विभाग से NOC नहीं मिली है. इसके बावजूद भवन में अस्पताल का संचालन जारी है. आवश्यक अग्नि सुरक्षा मानकों का अनुपालन नहीं होने के कारण विभाग पहले ही अस्पताल प्रबंधन को नोटिस जारी कर चुका है. अब H-1 नोटिस की प्रक्रिया शुरू होने से अस्पताल प्रबंधन की मुश्किलें और बढ़ गयी हैं. विभाग की ओर से निर्धारित समय में कमियां दूर नहीं किये जाने पर अगली कार्रवाई की जा सकती है.
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By राजीव कुमार
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शिक्षा/पुरस्कार
मूल रूप से बिहार के पूर्वी चंपारण के बाबा सोमेश्वरनाथ नगरी रहने वाले राजीव कुमार ने महात्मा गांधी केंद्रीय विश्वविद्यालय मोतिहारी से मास कम्युनिकेशन में पारास्नातक की डिग्री हासिल किया. काम करने के दौरान बेतहर हेडिंग और एनओडी पैकेज पर दो-दो पुरस्कार प्राप्त है.
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