Bihar Election 2025 : राजनीतिक दलों की सूची और शुभ मुहूर्त के इंतजार में, नामांकन के पहले दिन नहीं भरा गया एक भी पर्चा

Not a single form was filled on the first day of nomination.
Bihar Election 2025 : नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है, लेकिन पटना के समाहरणालय में पहले दिन सन्नाटा पसरा रहा. न ढोल-नगाड़े, न समर्थकों की भीड़, न नारों की गूंज— चुनावी माहौल की शुरुआत वैसी नहीं रही जैसी आमतौर पर बिहार में देखने को मिलती है.
Bihar Election 2025 : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए नामांकन प्रक्रिया के पहले दिन पटना जिले में एक भी प्रत्याशी ने पर्चा दाखिल नहीं किया. सुबह से दोपहर तक 14 विधानसभा क्षेत्रों के निर्वाची पदाधिकारी उम्मीदवारों का इतंजार करते रहे, लेकिन कोई नहीं पहुंचा. समाहरणालय और अनुमंडल कार्यालयों में चहल-पहल की जगह सन्नाटा रहा. राजनीतिक दलों की उम्मीदवार सूची में देरी और शुभ मुहूर्त की प्रतीक्षा को इस सुस्ती की बड़ी वजह माना जा रहा है. संभावित उम्मीदवारों ने कुल 28 नामांकन फॉर्म खरीदे, जिससे आने वाले दिनों में प्रक्रिया में रफ्तार आने के संकेत मिलते हैं.
समाहरणालय में पसरा रहा सन्नाटा
शुक्रवार को नामांकन की प्रक्रिया सुबह 11 बजे से दोपहर तीन बजे तक चली. इस दौरान पटना जिले के 14 विधानसभा क्षेत्रों में किसी भी प्रत्याशी ने पर्चा दाखिल नहीं किया. जिला निर्वाचन कार्यालय में कुछ निर्दलीय प्रत्याशी नामांकन फॉर्म खरीदने पहुंचे, लेकिन नामांकन दाखिल करने वालों की संख्या शून्य रही. समाहरणालय परिसर में मौजूद अधिकारियों और पत्रकारों के बीच पूरे दिन यही चर्चा रही कि राजनीतिक दलों की उम्मीदवार सूची में देरी और शुभ मुहूर्त की प्रतीक्षा के चलते पहले दिन प्रक्रिया धीमी रही.
फॉर्म बिके, पर नामांकन नहीं हुआ
पहले दिन भले ही कोई नामांकन दाखिल नहीं हुआ, लेकिन 14 विधानसभा क्षेत्रों के लिए कुल 28 नामांकन फॉर्म बिके. दानापुर और दीघा विधानसभा क्षेत्रों में चार-चार फॉर्म लिए गए, जो सबसे अधिक हैं. मोकामा और बख्तियारपुर से एक-एक, बाद से दो, बांकीपुर और पटना सिटी से तीन-तीन, मनेर से दो, फुलवारी (सुरक्षित), फतुहा और मसौढ़ी (सुरक्षित) से एक-एक, पालीगंज से दो और बिक्रम विधानसभा से तीन नामांकन फॉर्म खरीदे गए. इनमें ज्यादातर फॉर्म निर्दलीय और संभावित प्रत्याशियों द्वारा लिए गए हैं.
पटना साहिब और फतुहा में भी सन्नाटा
पटना सिटी अनुमंडल में भी नामांकन का हाल लगभग वैसा ही रहा. पटना साहिब और फतुहा विधानसभा में किसी भी प्रत्याशी ने पहले दिन पर्चा दाखिल नहीं किया. पटना साहिब विधानसभा के निर्वाची पदाधिकारी सह अनुमंडल पदाधिकारी सत्यम सहाय ने बताया कि कुछ लोगों ने नामांकन फॉर्म खरीदे हैं, लेकिन किसी ने पर्चा जमा नहीं किया. फतुहा विधानसभा में भी यही स्थिति रही. निर्वाची पदाधिकारी अभिलाषा कुमारी सिन्हा ने बताया कि नामांकन फॉर्म खरीदा गया है, लेकिन दाखिल अभी नहीं हुआ. अधिकारियों को उम्मीद है कि सोमवार से नामांकन प्रक्रिया में रफ्तार आएगी.
दानापुर-मनेर में एनआर कटा, पर्चा नहीं भरा
दानापुर अनुमंडल क्षेत्र में भी उम्मीदवारों की तरफ से केवल शुरुआती औपचारिकताएं पूरी की गईं. दानापुर विधानसभा क्षेत्र में चार संभावित प्रत्याशियों धीरज यादव, शैलेश कुमार धीरज, पवन कुमार और ब्रजेश — ने नामांकन शुल्क के रूप में नाजिर रसीद कटवाई, जबकि मनेर विधानसभा क्षेत्र से दो लोगों ने एनआर कटवाया. हालांकि, दोनों ही क्षेत्रों में किसी ने पर्चा दाखिल नहीं किया. दानापुर के एसडीओ सह निर्वाची पदाधिकारी दिव्या शक्ति और मनेर क्षेत्र के आरओ डीसीएलआर प्रवीण चंदन समेत अधिकारी पूरे समय कार्यालयों में तैनात रहे.
राजनीतिक दलों की रणनीति और शुभ मुहूर्त की प्रतीक्षा
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि नामांकन के पहले दिन की यह सुस्ती किसी आश्चर्य की बात नहीं है. प्रमुख राजनीतिक दलों ने अभी तक अपनी उम्मीदवार सूची जारी नहीं की है और ज्यादातर प्रत्याशी शुभ मुहूर्त देखकर ही नामांकन दाखिल करते हैं. यही कारण है कि पहले दिन स्वतंत्र या निर्दलीय उम्मीदवारों की ओर से भी नामांकन दाखिल करने में झिझक दिखी. जैसे-जैसे नामांकन की अंतिम तारीख नजदीक आएगी, प्रक्रिया में तेजी आने की संभावना है.
निर्वाचन पदाधिकारियों को उम्मीद है कि सोमवार से उम्मीदवार नामांकन दाखिल करने के लिए पहुंचना शुरू करेंगे. चुनावी माहौल अभी शांत है, लेकिन दलों की सूची जारी होते ही पटना समाहरणालय और अनुमंडल कार्यालयों में भीड़ और हलचल दोनों दिखने लगेंगे. फिलहाल पहले दिन की स्थिति ने यह साफ कर दिया कि बिहार की चुनावी पिच पर असली मुकाबला अभी शुरू होना बाकी है.
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लेखक के बारे में
By Pratyush Prashant
महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एम.ए. तथा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) से मीडिया और जेंडर में एमफिल-पीएचडी के दौरान जेंडर संवेदनशीलता पर निरंतर लेखन. जेंडर विषयक लेखन के लिए लगातार तीन वर्षों तक लाडली मीडिया अवार्ड से सम्मानित रहे. The Credible History वेबसाइट और यूट्यूब चैनल के लिए कंटेंट राइटर और रिसर्चर के रूप में तीन वर्षों का अनुभव. वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल, बिहार में राजनीति और समसामयिक मुद्दों पर लेखन कर रहे हैं. किताबें पढ़ने, वायलिन बजाने और कला-साहित्य में गहरी रुचि रखते हैं तथा बिहार को सामाजिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक दृष्टि से समझने में विशेष दिलचस्पी.
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