बिहार कांग्रेस में बड़ा बदलाव, नई सूची में ब्राह्मण और यादवों का दबदबा, 43 नए चेहरों को मौका

Updated at : 31 Mar 2026 6:47 PM (IST)
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Bihar Congress Leaders

राजेश राम और राहुल गांधी

Bihar Congress: बिहार कांग्रेस ने संगठन को मजबूत करने के लिए 53 जिलाध्यक्षों की नई सूची जारी की है. इस सूची में ब्राह्मण और यादव समाज का दबदबा दिख रहा है. कई नए चेहरों को मौका दिया गया है.

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Bihar Congress: बिहार कांग्रेस ने अपनी जिलाध्यक्षों की सूची जारी कर दी है. पिछले चुनाव में मिली हार के बाद पार्टी ने संगठन को नीचे तक मजबूत करने के लिए जिलों की संख्या 40 से बढ़ाकर 53 कर दी है. इस बदलाव का सबसे बड़ा मकसद हर वर्ग के वोटरों तक पहुंच बनाना है. नई सूची की सबसे बड़ी बात यह है कि पार्टी ने 43 पुराने चेहरों को बदलकर बिल्कुल नए और युवा नेताओं को मौका दिया है. सिर्फ 10 पुराने अध्यक्ष ही अपनी कुर्सी बचा पाए हैं.

सवर्णों पर जताया सबसे भरोसा

पार्टी ने इस बार ब्राह्मण और यादव कार्ड खुलकर खेला है. कुल 53 जिलों में से 10-10 सीटें इन्हीं दो जातियों को दी गई हैं. सवर्णों की बात करें तो कांग्रेस ने उन पर सबसे ज्यादा भरोसा जताया है. 24 जिलाध्यक्ष सवर्ण हैं. इनमें ब्राह्मणों के अलावा 7 भूमिहार, 5 राजपूत और 2 कायस्थ नेता शामिल हैं. यह साफ दिखाता है कि कांग्रेस अपने पुराने सवर्ण वोट बैंक को वापस लाने की पुरजोर कोशिश कर रही है.

EBC को ज्यादा स्पेस नहीं

पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की राजनीति में कांग्रेस ने राजद के परंपरागत यादव वोट बैंक पर भी फोकस किया है. 10 यादव जिलाध्यक्ष बनाकर पार्टी ने संकेत दिया है कि वह पिछड़ों की सबसे बड़ी आबादी को नजरअंदाज नहीं करेगी. इसके साथ ही लव-कुश समीकरण को साधने के लिए 3 कुशवाहा चेहरों को भी जगह दी गई है. गौर करने वाली बात यह है कि बिहार में 36 फीसदी आबादी वाले अति पिछड़ा वर्ग (EBC) को इस सूची में अपेक्षित जगह नहीं मिल पाई है.

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अल्पसंख्यक और दलित वोट बैंक पर नजर

अल्पसंख्यक और दलित समुदाय को भी कांग्रेस ने हिस्सेदारी दी है. सूची में 7 मुस्लिम, 7 दलित और 1 सिख चेहरा शामिल है. मुस्लिम चेहरों को अरवल, दरभंगा शहरी और बिहारशरीफ जैसी अहम जगहों की जिम्मेदारी सौंपी गई है. दलित वर्ग को भी संगठन में बराबर का भागीदार बनाया गया है ताकि पार्टी का सोशल इंजीनियरिंग वाला मॉडल संतुलित दिखे.

राजधानी पटना की बात करें तो यहां संगठन को तीन हिस्सों में बांटा गया है. पटना ग्रामीण-01 की कमान चंदन कुमार, पटना ग्रामीण-02 की गुरजीत सिंह और पटना शहरी की जिम्मेदारी कुमार आशीष को मिली है. मुजफ्फरपुर में अरविंद कुमार मुकुल और भागलपुर में प्रवीण कुशवाहा जैसे नेताओं को कमान सौंपी गई है. पंकज उपाध्याय को बक्सर की जिम्मेदारी मिली है.

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Paritosh Shahi

लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की. अभी प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम में काम कर रहे हैं. देश और राज्य की राजनीति, सिनेमा और खेल (क्रिकेट) में रुचि रखते हैं.

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