बिहार में अब आसमान से रखी जाएगी पुलों पर नजर, इजराइल के विशेषज्ञों से हो रही बात, जानिए सम्राट सरकार का प्लान

Published by : Abhinandan Pandey Updated At : 29 May 2026 11:07 AM

विज्ञापन

सांकेतिक तस्वीर

Bihar News: बिहार में अब पुलों की निगरानी हाईटेक तरीके से होगी. राज्य सरकार पुलों की जांच के लिए सेटेलाइट तकनीक अपनाने की तैयारी में है. विक्रमशिला सेतु हादसे और कई पुलों में दरार मिलने के बाद विभाग अलर्ट मोड में है.

विज्ञापन

Bihar News: बिहार में पुलों की सुरक्षा को लेकर अब बड़ा कदम उठाया जा रहा है. राज्य के पुलों की सेहत की जांच अब सेटेलाइट तकनीक से करने की तैयारी है. इसके लिए पथ निर्माण विभाग ने इजराइल के विशेषज्ञों से संपर्क किया है. विभाग इस तकनीक पर अध्ययन कर रहा है. अध्ययन पूरा होने के बाद कार्ययोजना तैयार की जाएगी.

विक्रमशिला सेतु हादसे के बाद बढ़ी चिंता

भागलपुर में विक्रमशिला सेतु का एक स्पैन गंगा नदी में गिरने के बाद विभाग अलर्ट मोड में है. इसके अलावा राज्य के कई पुलों में दरार और खराबी की घटनाएं सामने आई हैं. इन्हीं घटनाओं के बाद पुलों की निगरानी को और मजबूत करने का फैसला लिया गया है.

पथ निर्माण विभाग और बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लगातार पुलों की स्थिति पर नजर रख रहे हैं. इजराइल के विशेषज्ञों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बैठक भी की गई है. बैठक में यह समझने की कोशिश की गई कि सेटेलाइट तकनीक पुलों की जांच में कितनी मददगार हो सकती है.

साल में दो बार होगी हर पुल की जांच

बिहार राज्य पुल निर्माण निगम ने फैसला लिया है कि अब राज्य के सभी पुलों का साल में दो बार निरीक्षण किया जाएगा. इसी अभियान के तहत अब तक चार हजार से अधिक पुलों की जांच की जा चुकी है. फिलहाल किसी बड़े खतरे की पुष्टि नहीं हुई है.

पथ निर्माण मंत्री ईं. कुमार शैलेंद्र ने कहा कि जैसे पुल निर्माण में इंजीनियरों की टीम काम करती है, वैसे ही अब पुलों के निरीक्षण और निगरानी की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी. विभाग इसके लिए एक मानक संचालन प्रणाली यानी एसओपी तैयार कर रहा है.

सेटेलाइट से कैसे होती है पुलों की निगरानी?

विशेषज्ञों के मुताबिक, दुनिया के कई देशों में पुलों की निगरानी के लिए सेटेलाइट तकनीक का इस्तेमाल हो रहा है. इसमें रडार इमेजिंग तकनीक का उपयोग किया जाता है. इस तकनीक की मदद से पुल में होने वाले छोटे-छोटे बदलावों का भी पता लगाया जा सकता है. पुल में झुकाव, दरार या हलचल जैसी चीजें मिलीमीटर स्तर तक पकड़ी जा सकती हैं. कई बार ये बदलाव आंखों से दिखाई नहीं देते, लेकिन सेटेलाइट उन्हें पहचान लेता है.

हाल के बड़े पुल हादसे और घटनाएं

  • 03 मई 2026: भागलपुर में विक्रमशिला पुल का एक स्पैन गंगा नदी में गिर गया था.
  • 23 मई 2026: गोपालगंज में गंडक नदी पर बने पुल के स्पैन में दरार आने के बाद आवागमन रोक दिया गया.
  • फरवरी 2026: जमुई के खैरा-सोनो मार्ग पर नरियाना-मांगोबंदर पुल पर भी आवाजाही बंद करनी पड़ी थी.

IIT पटना की रिपोर्ट में भी चेतावनी

आईआईटी पटना की एक रिपोर्ट में राज्य के आधा दर्जन पुलों की तत्काल मरम्मत की जरूरत बताई गई है. इसके बाद विभाग ने निगरानी व्यवस्था को और मजबूत करने की तैयारी तेज कर दी है.

सरकार का मानना है कि सेटेलाइट तकनीक के इस्तेमाल से पुलों में खराबी का पहले ही पता चल जाएगा. इससे समय रहते मरम्मत हो सकेगी और बड़े हादसों को रोका जा सकेगा.

Also Read: ‘शाम में घर आइए, एक-एक चीज बताइए…’ गाड़ी रुकवाकर विजय चौधरी से बोले नीतीश, JDU ऑफिस पहुंचे तो गायब मिले मंत्री

विज्ञापन
Abhinandan Pandey

लेखक के बारे में

By Abhinandan Pandey

अभिनंदन पांडेय पिछले दो वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत प्रिंट मीडिया से की और दैनिक जागरण, भोपाल में काम किया. वर्तमान में वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के हिस्सा हैं. राजनीति, खेल और किस्से-कहानियों में उनकी खास रुचि है. आसान भाषा में खबरों को लोगों तक पहुंचाना और ट्रेंडिंग मुद्दों को समझना उन्हें पसंद है. अभिनंदन ने पत्रकारिता की पढ़ाई माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से की. पढ़ाई के दौरान ही उन्होंने पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाने की सोच ने उन्हें इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. दैनिक जागरण में रिपोर्टिंग के दौरान उन्होंने भोपाल में बॉलीवुड के कई बड़े कलाकारों और चर्चित हस्तियों के इंटरव्यू किए. यह अनुभव उनके करियर के लिए काफी अहम रहा. इसके बाद उन्होंने प्रभात खबर डिजिटल में इंटर्नशिप की, जहां उन्होंने डिजिटल पत्रकारिता की वास्तविक दुनिया को करीब से समझा. बहुत कम समय में उन्होंने रियल टाइम न्यूज लिखना शुरू कर दिया. इस दौरान उन्होंने सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता भी बेहद जरूरी होती है. फिलहाल वह प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ काम कर रहे हैं. बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान उन्होंने कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में कवर किया, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और वीडियो कंटेंट भी तैयार किए. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और भरोसेमंद खबर पहुंचे. पत्रकारिता में उनका लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और एक विश्वसनीय पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन