बिहार के ADG ने मांगी माफी, बोले- 'मेरे मन में किसानों के लिए सम्मान', चिराग पासवान ने उठाये थे सवाल
Published by : Paritosh Shahi Updated At : 19 Jul 2025 2:38 PM
एडीजी हेडक्वार्टर कुंदन कृष्णन
ADG Kundan Krishnan: बिहार में लगातार बढ़ रहे आपराध पर बिहार पुलिस के एडीजी हेडक्वार्टर कुंदन कृष्णन ने कहा था कि हर साल मई-जून के महीने में इस तरह की घटनाएं बढ़ जाती है. इस महीने में किसानों के पास काम नहीं नहीं होता है इसलिए मर्डर बढ़ जाती हैं.
ADG Kundan Krishnan: बिहार में बढ़ते अपराध की घटनाओं पर बिहार पुलिस के एडीजी हेडक्वार्टर कुंदन कृष्णन ने कहा था, “इधर हाल में कई हत्याएं हुई हैं. अप्रैल, मई-जून के महीने में वर्षों से ज्यादा मर्डर होते आए हैं. जब तक बरसात नहीं होती है, तब तक यह सिलसिला जारी रहता है. क्योंकि ज्यादातर किसानों के पास कोई काम नहीं होता है. बरसात होने के बाद किसान समाज के लोग व्यस्त हो जाते हैं.” कुंदन कृष्णन के बयान के बाद सभी दल के नेताओं ने जमकर निशाना साधा था. बढ़ते विवाद के बीच उन्होंने माफी मांग ली है.
Video में क्या बोले एडीजी
एडीजी कुंदन कृष्णन ने कहा, “सभी किसान भाई को नमस्कार. पिछले दिनों आयोजित प्रेस कांफ्रेस में मेरे द्वारा कहे गए कुछ शब्दों को तोड़-मरोड़ के पेश किया गया. इससे एक विवाद खड़ा हुआ है. मेरे द्वारा जो कहा गया उसका तात्पर्य यह नहीं था कि मेरे देश के किसान भाई और हमारे अन्नदाता का किसी भी आपराधिक घटनाओं से लेना-देना है. वो मेरे लिए हमेशा सम्मान के पात्र हैं. मेरे पूर्वज भी किसान थे. मैं भी किसान समाज से गहरा संबंध रखता हूं.”
उन्होंने आगे कहा, “हर आपराधिक घटनाओं के पीछे अपराधी होता है. कोई जाति या धर्म विशेष नहीं होता है. मेरे मन में किसान के प्रति काफी आदर है. लेकिन फिर अगर मेरे वक्तव्य के द्वारा किसी के मन को ठेस पहुंचा है तो मैं खेद प्रकट करता हूं. मैं माफी मांगता हूं.”
बिहार चुनाव की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें
चिराग पासवान ने बयान को बताया था निंदनीय
एडीजी के बयान पर सवाल उठाते हुए एनडीए में शामिल चिराग पासवान ने कहा, “बिहार पुलिस के ADG हेडक्वार्टर कुंदन कृष्णन का बयान अत्यंत निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है. हमारे अन्नदाता किसानों को अपरोक्ष रूप से हत्यारा बताना न सिर्फ उनके मान-सम्मान का अपमान है बल्कि उनके त्याग और परिश्रम का भी अनादर है. अपराधियों पर शिकंजा कसने के बजाय बिहार पुलिस का ध्यान बेवजह के बयानों पर ज्यादा है, जो बेहद चिंताजनक है. प्रशासन को अपनी प्राथमिकता स्पष्ट करनी चाहिए.”
इसे भी पढ़ें: Chandan Mishra Patna: एक साल में 6 मर्डर, ऐलान करके हत्या करता था चंदन मिश्रा, जानें पूरी कुंडली
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Paritosh Shahi
परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










